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कर्ज में डूबे किसान ने निगला जहर, मौत
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 25 Nov 2015 02:10 AM IST
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पांच लाख रुपये के कर्ज के तले दबे गांव भकलाना के एक
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किसान ने जहरीला पदार्थ खा कर सुसाइड कर लिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भकलाना गांव के रहने वाले प्रदीप ने बताया कि उनके पिता सत्यनारायण खेतीबाड़ी करते थे। लगातार तीन साल से फसल खराब होने के कारण सिर पर लाखों रुपये का कर्जा चढ़ गया था।
उसके पिता ने ये रुपये जमींदारों और अन्य परिचितों से लिए थे। चार महीने पहले बहन की शादी के लिए भी रुपये उधार लिए थे। पिता के सिर पर करीब पांच लाख रुपये का कर्जा था।
प्रदीप का कहना है कि बीती शाम को पिता खेतों में फसलों की रखवाली करने की बात कह कर घर से निकले थे। प्रदीप ने कहा कि जब वह मंगलवार सुबह पिता के लिए चाय लेकर खेत में गया।
वहां जाकर देखा कि उसके पिता की हालत गंभीर बनी हुई थी। पिता ने बताया कि सिर पर कर्जा चढ़ने के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था, जिसके चलते जहरीला पदार्थ निगल लिया।
प्रदीप ने बताया कि पिता की हालत को देखकर उसे हांसी के सरकारी अस्पताल लेकर आए। यहां के चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखकर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भकलाना गांव के रहने वाले प्रदीप ने बताया कि उनके पिता सत्यनारायण खेतीबाड़ी करते थे। लगातार तीन साल से फसल खराब होने के कारण सिर पर लाखों रुपये का कर्जा चढ़ गया था।
उसके पिता ने ये रुपये जमींदारों और अन्य परिचितों से लिए थे। चार महीने पहले बहन की शादी के लिए भी रुपये उधार लिए थे। पिता के सिर पर करीब पांच लाख रुपये का कर्जा था।
प्रदीप का कहना है कि बीती शाम को पिता खेतों में फसलों की रखवाली करने की बात कह कर घर से निकले थे। प्रदीप ने कहा कि जब वह मंगलवार सुबह पिता के लिए चाय लेकर खेत में गया।
वहां जाकर देखा कि उसके पिता की हालत गंभीर बनी हुई थी। पिता ने बताया कि सिर पर कर्जा चढ़ने के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था, जिसके चलते जहरीला पदार्थ निगल लिया।
प्रदीप ने बताया कि पिता की हालत को देखकर उसे हांसी के सरकारी अस्पताल लेकर आए। यहां के चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखकर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।