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पीएनडीटी एक्ट में समय पर रिपोर्ट न देने वाला बास थाना एसआई देवेंद्र सस्पेंड

Wed, 19 Sep 2018 12:49 AM IST
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:49 AM IST
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पीएनडीटी एक्ट में समय पर रिपोर्ट न देने वाला बास थाना एसआई देवेंद्र सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने पीएनडीटी एक्ट (प्रसव पूर्व लिंग जांच निषेध अधिनियम) के तहत रेड मारकर पकड़े गए आरोपियों की जमानत रद्द करवाने के लिए उचित कार्रवाई न करने पर बास थाने के आईओ (जांच अधिकारी) सब इंस्पेक्टर देवेंद्र को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं।
एपीएस डॉ. राकेश गुप्ता ने मंगलवार को यह आदेश वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दिए। वीसी के दौरान पीएनडीटी एक्ट के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जून 2018 में बास पुलिस की ओर से गांव महंदा में मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ रेड के बाद पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक व्यक्ति को जमानत मिल गई। डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोपी को जमानत मिलने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि इस मामले में एसआई देवेंद्र को आईओ नियुक्त किया गया था। उनकी ओर से जांच रिपोर्ट समय पर जमा न करवाने के कारण आरोपी को जमानत मिल गई। इस पर डॉ. आरके गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए एसआई देवेंद्र को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान प्रदेश व केंद्र सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है। सीएम मनोहर लाल इस संबंध में बेहद गंभीर हैं। इस संबंध में किसी की प्रकार की लापरवाही व कोताही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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यह था मामला
हरियाणा पुलिस की महिला पुलिसकर्मी को महिला ग्राहक के रूप में तैयार किया गया था। मुंढाल से सोरखी वहां से फिर से उन्हें मुंढाल बुलाया गया। बाईक पर बिठा कर मेहंदा में दलबीर नामक व्यक्ति के घर पर ले गया। जहां पर झोला छाप डॉक्टर राकेश, पूर्व सरपंच हरमिंद्र उर्फ लाला, दलबीर व एक दो अन्य व्यक्ति थे। महिला से अल्ट्रासाऊंड के बदले में तीस हजार की राशि मांगी। मोल भाव करने के बाद 25 हजार रुपये में मामला तय हुआ। अल्ट्रासाऊंड करके महिला को बताया गया कि गर्भ में लड़का है। इस पर महिला ने इशारा किया। जिस पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने वहां पर रेड कर दी। रेड के दौरान सभी आरोपी फरार होने के प्रयास रने लगे। राकेश मशीन को लेकर छत पर चढ़ गया। वहां से दूसरे मकान की तरफ कूद गया। मगर जमीन पर गिरने से उसकी टांग टूट गई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पवन को भी मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने राकेश, पवन, हरमिंद्र उर्फ लाला, दलबीर व एक दो अन्य के खिलाफ पीसी पीएनडीटी एक्ट, अवैध मशीन रखने, अवैध जांच करने व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पोर्टेेबल मशीन के जरिए अल्ट्रांसाउंड किया जाता था।
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रिटायर्ड क्लर्क को शोकॉज नोटिस के आदेश....
सीएम विंडो पर हिसार की कलावंती पत्नी हेमराज द्वारा 22 मई को शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि उसने लाजपतराय मार्केट में स्कीम नंबर 11 ई स्थित अपनी दुकान नंबर 1 के साथ लगती नगर सुधार मंडल की 7 गज जगह लगभग 5 लाख रुपये में खरीदी थी और इसके लिए पैसे भी जमा करवा दिए थे लेकिन उसे अभी तक जगह नहीं मिली है। इस शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगने पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त जयबीर यादव ने बताया कि वर्तमान में इस जगह के सामने निगम ने रेहड़ी वालों के लिए शैड बना रखा है। तत्कालीन आयुक्त की ओर से जगह देने के आवेदन को फाइल करने के बावजूद तत्कालीन क्लर्क धर्ममोहन ने अंदरखाते यह 7 गज जगह कलावंती के नाम कर दी। सेवानिवृत हो चुके क्लर्क धर्ममोहन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उसका जवाब आने या न आने की स्थिति में उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एपीएस ने निर्देश दिए कि आवेदक को या तो जमीन दी जाए अथवा उसके पैसे वापस लौटाए जाएं और गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

हरियाणा विजन जीरो योजना की समीक्षा के दौरान सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए हिसार प्रशासन की सराहना की। अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने बताया कि सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए हिसार प्रशासन व पुलिस विभाग ने मिलकर कई पहलुओं पर काम किया है। सबसे पहले जिला की सभी सडक़ों का ऑडिट करवाया गया। ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित किया गया। टूटी सडक़ों को ठीक करवाया गया, दुर्घटना आशंकित स्थानों से पेड़ों को कटवाया गया, रेड लाइट लगवाई गईं और पुलिस द्वारा नियमित रूप से नाइट डोमिनेशन चलाया गया जिनके कारण दुर्घटनाओं में कमी आई है।


डॉ. राकेश गुप्ता ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि वे नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों के चालान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर करने की व्यवस्था करें। इसके लिए उन्होंने सभी जिलों को अक्तूबर तक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए।
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