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Hisar: छह से शून्य पर आई कांग्रेस के सामने खोई जमीन पाने की चुनौती, भाजपा स्कोर को बढ़ाने की जुगत में लगी

Fri, 06 Sep 2024 02:37 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 06 Sep 2024 02:37 PM IST
सार

हरियाणा में किसकी सरकार बनेगी, यह तय करने में हिसार की अहम भूमिका रहती है। कांग्रेस ने 2004 में छह और 2009 में चार ने सीटें जीती थीं। वर्ष 2014 में पहली बार भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी तो दो सीटों के साथ खाता खोला।

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Congress, which has come down from six to zero in Hisar, is facing challenge of regaining lost ground
हरियाणा विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं, पार्टियां अपने-अपने हिसाब से गणित बैठाकर जीत की कवायद में जुटी हैं। हिसार की सात विधानसभा सीटों में से चार पर काबिज भाजपा के लिए इस स्कोर को बढ़ाने की जुगत में है, जबकि जजपा के सामने अपनी तीन सीट बचाने की चुनौती है। छह सीटों से शून्य से पर आई कांग्रेस अपनी खोई जमीन हासिल करने का लक्ष्य लेकर जुट चुकी है। तीनों दलों की जंग के बीच आम आदमी पार्टी और इंडियन नेशनल लोकदल भी खाता खोलने का प्रयास करेगी। उधर, किसान संगठनों ने भी चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है।

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प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी, यह तय करने में हिसार की अहम भूमिका रहती है। कांग्रेस ने 2004 में छह और 2009 में चार ने सीटें जीती थीं। वर्ष 2014 में पहली बार भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ी तो दो सीटों के साथ खाता खोला। इनेलो तीन और हजकां दो सीटों पर जीती। भाजपा ने नारनौंद में कमल खिलाने वाले कैप्टन अभिमन्यु और हिसार में जीत दिलाने वाले डॉ. कमल गुप्ता को मंत्री बनाया। इसके बाद 2019 के चुनावों में भाजपा ने अपने स्कोर को बढ़ाकर तीन कर लिया।
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हिसार से डॉ. कमल गुप्ता, हांसी में विनोद भ्याणा और नलवा से रणबीर गंगवा भाजपा के विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे। जजपा ने नारनौंद, बरवाला, उकलाना से विधायक बनाए और कांग्रेस के हिस्से में आदमपुर की एक सीट आई। वर्ष 2022 आते-आते कांग्रेस के एकमात्र विधायक भी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। चौधरी भजनलाल के पोते भव्य ने आदमपुर में भी कमल खिला दिया। फिलहाल भाजपा के पास चार और जजपा के पास तीन विधायक है। कांग्रेस शून्य से अपना आंकड़ा शुरू करेगी।

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लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस को जगी उम्मीद

लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनता दिखा। 15 साल बाद कांग्रेस ने हिसार लोकसभा सीट जीत कर अपने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। फिलहाल कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे से टकराने के लिए आतुर दिखाई दे रही हैं। हालांकि अब तक किसी दल ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सबसे पहले भाजपा की सूची आने की संभावना है।

इसमें तीन से चार टिकटों की घोषणा हो सकती है। नारनौंद, हांसी, नलवा और आदमपुर सीट से प्रत्याशी को लेकर कोई संशय नहीं है लेकिन हिसार, बरवाला, उकलाना सीट के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कांग्रेस में सभी सीटों के लिए प्रत्याशियों में जबरदस्त मुकाबला है। हर सीट के लिए पांच से छह मजबूत दावेदार हैं। ऐसे में कांग्रेस की सूची सबसे आखिर में आने की संभावना है। जजपा 31 अगस्त के आसपास अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।

जिले में विधानसभा सीटें

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