Hisar: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया राखीगढ़ी का दौरा, ग्रामीणों को होम स्टे नीति के तहत दिए जाएंगे लाइसेंस
हिसार के राखीगढ़ी गांव में 11 टीलों के नीचे पांच हजार साल पुराना शहर मिला है। यह 350 हेक्टेयर में फैला है। इसमें 7 टीलों को चिन्हित किया गया है। दफन हो चुके हड़प्पाकालीन शहर की पुरातात्विक खुदाई में विकसित शहर के सबूत मिले हैं।
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हरियाणा के सीएम मनोहर लाल शनिवार को हिसार के ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी पहुंचे। टीलों पर पहुंच सीएम मनोहर लाल ने निरीक्षण किया। उन्होंने खुदाई में मिले अवशेषों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। वहीं कार्य में देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। सीएम म्यूजियम के निर्माण कार्य-सौंदर्यकरण को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे हैं।
राखीगढ़ी में ग्रामीणों को होम स्टे नीति के तहत दिए जाएंगे लाइसेंस: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी में संरक्षित साइट की खोदाई के कार्य को तेज गति से पूरा किया जाए। ऐतिहासिक साइट की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस कार्य में हर संभव सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शनिवार को राखीगढ़ी में निर्माणाधीन म्यूजियम भवन में इस क्षेत्र को पुरातत्व स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी का ऐतिहासिक महत्व होने के कारण इन माउंट की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिस महानिदेशक से विमर्श कर यहां पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भी अपनी ओर से प्राइवेट गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करे। संरक्षित क्षेत्र में मिट्टी की खोदाई न हो यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी के सभी 11 माउंड्स के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। विस्थापितों के पुनर्वास के लिए एक दीर्घकालीन पुनर्वास नीति तैयार की जाए। जिसमें यह ध्यान रखा जाए कि ऐसे परिवारों की आवासीय सुविधा के साथ-साथ उनके आजीविका के साधन भी सुनिश्चित हो।
विस्थापित परिवारों में जो पशुपालन का काम करते हैं उनके लिए पंचायत और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक योजना बनाएं। पंचायत की जमीन पशुपालन विभाग को पट्टे पर दी जाए। पशुपालन विभाग इस जमीन पर 10-20 पशुओं के लिए संयुक्त शेड या अलग-अलग छोटे शेड का निर्माण करें।
राखीगढ़ी साइट के कार्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा समन्वय कमेटी बनाई गई है। प्रदेश सरकार की ओर से टास्क फोर्स गठित की गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राखीगढ़ी के सभी माउंट का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसके अलावा, म्यूजियम की वॉक-थ्रू डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली, डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा, सांसद बृजेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, हांसी विधायक विनोद भ्याना, बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग, नारनौंद विधायक राम कुमार गौतम, पूर्वमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, सीएम के प्रधान ओएसडी नीरज, पीडब्ल्यूडी के एसीएस अंकुर गुप्ता, पंचायत विकास विभाग के एसीएस अनिल मलिक, डॉ. अमित अग्रवाल, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एमडी सिन्हा, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के महानिदेशक पीसी मीणा आदि उपस्थित रहे।
होम स्टे नीति के तहत दिए जाएंगे लाइसेंस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से होम स्टे नीति तैयार की गई है। जिसके तहत ग्रामीण अपने घरों में एक या दो कमरों का उपयोग टूरिस्ट के ठहराव के लिए कर सकेंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से लाइसेंस दिए जाएंगे। उन्होंने टिक्कर ताल (मोरनी) में लगभग 30 परिवारों को होम स्टेट नीति के तहत लाइसेंस दिए गए हैं।
राखीगढ़ी तक सड़कें होंगी चौड़ी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी तक हांसी, जींद और बरवाला तीनों तरफ से सड़क तंत्र मजबूत किया जाए। गैबीनगर (किन्नर) से राखीगढ़ी तक लगभग साढे 5 किलोमीटर की सड़क का चौड़ीकरण और सुधारीकरण किया जाए। ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जल्द जमीन खरीदी जाए। राखीगढ़ी के बारे में नेशनल हाईवे और राज्य हाईवे पर साइन बोर्ड लगाई जाए। हरियाणा पर्यटन निगम के परिसरों और अन्य पर्यटन स्थानों पर राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित किया जाए।
राखीगढ़ी की खोदाई से मिली कलाकृतियों की सूची तैयार करें
सीएम ने कहा कि राखीगढ़ी की खुदाई से मिली सभी कलाकृतियां राष्ट्र की संपत्ति है, इसलिए इन्हें न केवल संरक्षित करने बल्कि सुरक्षित रखने की भी आवश्यकता है। राखीगढ़ी में खोदाई से मिली कलाकृतियों व अन्य पुरानी वस्तुओं की सूची तैयार करें। यदि ग्रामीणों के पास भी ऐसी कलाकृतियां मौजूद हैं तो उनकी भी एक सूची तैयार की जाए। ग्रामीणों से बातचीत कर इन कलाकृतियों को म्यूजियम में रखने की व्यवस्था की जाए । ग्रामीणों को बताएं कि म्यूजियम में कलाकृतियां देने वाले व्यक्ति का नाम भी प्रदर्शित किया जाएगा।
तालाब को संरक्षित करें
मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों को कहा कि राखीगढ़ी के संरक्षित क्षेत्र के दायरे में आने वाले तालाब के सुंदरीकरण के लिए अनुमति दी जाए। डिजाइन तैयार कर तालाब प्राधिकरण को दिया जाए।
राखी गढ़ी का इतिहास
हिसार के राखीगढ़ी गांव में 11 टीलों के नीचे पांच हजार साल पुराना शहर मिला है। यह 350 हेक्टेयर में फैला है। इसमें 7 टीलों को चिन्हित किया गया है। दफन हो चुके हड़प्पाकालीन शहर की पुरातात्विक खुदाई में विकसित शहर के सबूत मिले हैं। उस शहर में पांच हजार साल पहले घर, साफ सफाई, सड़कें, आभूषण और शवों के अंतिम संस्कार के वक्त क्या रखा जाता था, इसके भी सबूत मिले हैं। खुदाई में महिलाओं के शव, चूल्हें और कॉपर का आइना भी मिला था। आज की भांति कटी हुई सड़कें, गलियां और नालियां हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राखीगढ़ी हड़प्पा काल का एक महत्वपूर्ण शहर और व्यावसायिक केंद्र रहा होगा।