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महिला के परिजनों ने ससुरालियों पर लगाया आरोप
hisar
Updated Mon, 14 Apr 2014 11:47 PM IST
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ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने और हिसार में चल रहे मामले को सिवानी ट्रांसफर करने की मांग को लेकर मृतका के परिजनों ने सोमवार को तहसील परिसर के सामने शव रखकर अंबाला-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगाया।
इस दौरान उन्होंने जीआरपी पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उप तहसीलदार कृष्ण कुमार ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
रविवार को रेलवे पुलिस ने सिवानी में रेलवे ट्रैक पर एक विवाहिता का शव क्षत-विक्षत हालात में बरामद किया था। महिला की पहचान मोनिका पत्नी नरेश कुमार निवासी नलोई रूप में की गई थी।
सूचना मिलने पर भिवानी जिले के गांव गोरीपुर से महिला के मायके वाले हिसार पहुंच गए। इस पूरे मामले को आत्महत्या की बजाय हत्या का मामला बताते हुए ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को मृतका के पति नरेश सहित परिवार के पांच लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस कार्रवाई से नाराज गोरीपुर के ग्रामीण शव के साथ हिसार से सिवानी पहुंचे। शव को सड़क पर ही रखकर तहसील परिसर के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
उन्होंने पुलिस पर पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हालात बता रहे हैं कि मोनिका ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे मौत के घाट उतारने के बाद ट्रैक पर डाला गया है।
मोनिका के पिता महीपाल, ताऊ बलबीर सिंह, दादा राजबीर, भाई सुजीत कुमार का कहना था कि मोनिका को अगर आत्महत्या ही करनी थी तो रेलवे लाइन रास्ते में भी थी। उसे मरने के लिए इतनी दूर चलकर आने की कोई जरूरत नहीं थी।
इसके अलावा परिवार के लोग शादी के वक्त से ही मोनिका को दहेज के लिए तंग करते आ रहे थे। उन्होंने जीआरपी पुलिस की कार्रवाई से असंतोष जताते हुए कहा कि हत्यारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।
इसके अलावा इस मामले को सिवानी पुलिस के हवाले किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
ग्रामीणों की तरफ से लगाए गए इस जाम की सूचना मिलने पर प्रशासन की तरफ से उप तहसीलदार कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगें सुनी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने जाम को खोल दिया।
सिवानी में रेलवे ट्रैक पर रविवार को नलोई गांव की एक विवाहिता का शव मिला था। उसके दोनों पैर कट चुके थे। महिला के परिजनों ने ससुरालजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। उनका आरोप है ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए मोनिका को प्रताड़ित करते थे।
हत्या को हादसे में बदलने के लिए उन्होंने महिला का शव ट्रैक पर डाल दिया। रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मोनिका के परिजनों को दी तो भिवानी जिले के गांव गोरीपुर से उसके मायके के लोग हिसार पहुंचे और शव की पहचान की।
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इस दौरान उन्होंने जीआरपी पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उप तहसीलदार कृष्ण कुमार ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
रविवार को रेलवे पुलिस ने सिवानी में रेलवे ट्रैक पर एक विवाहिता का शव क्षत-विक्षत हालात में बरामद किया था। महिला की पहचान मोनिका पत्नी नरेश कुमार निवासी नलोई रूप में की गई थी।
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सूचना मिलने पर भिवानी जिले के गांव गोरीपुर से महिला के मायके वाले हिसार पहुंच गए। इस पूरे मामले को आत्महत्या की बजाय हत्या का मामला बताते हुए ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को मृतका के पति नरेश सहित परिवार के पांच लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस कार्रवाई से नाराज गोरीपुर के ग्रामीण शव के साथ हिसार से सिवानी पहुंचे। शव को सड़क पर ही रखकर तहसील परिसर के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
उन्होंने पुलिस पर पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हालात बता रहे हैं कि मोनिका ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे मौत के घाट उतारने के बाद ट्रैक पर डाला गया है।
मोनिका के पिता महीपाल, ताऊ बलबीर सिंह, दादा राजबीर, भाई सुजीत कुमार का कहना था कि मोनिका को अगर आत्महत्या ही करनी थी तो रेलवे लाइन रास्ते में भी थी। उसे मरने के लिए इतनी दूर चलकर आने की कोई जरूरत नहीं थी।
इसके अलावा परिवार के लोग शादी के वक्त से ही मोनिका को दहेज के लिए तंग करते आ रहे थे। उन्होंने जीआरपी पुलिस की कार्रवाई से असंतोष जताते हुए कहा कि हत्यारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।
इसके अलावा इस मामले को सिवानी पुलिस के हवाले किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
ग्रामीणों की तरफ से लगाए गए इस जाम की सूचना मिलने पर प्रशासन की तरफ से उप तहसीलदार कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगें सुनी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उच्च अधिकारियों से बात करेंगे और उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने जाम को खोल दिया।
सिवानी में रेलवे ट्रैक पर रविवार को नलोई गांव की एक विवाहिता का शव मिला था। उसके दोनों पैर कट चुके थे। महिला के परिजनों ने ससुरालजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। उनका आरोप है ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए मोनिका को प्रताड़ित करते थे।
हत्या को हादसे में बदलने के लिए उन्होंने महिला का शव ट्रैक पर डाल दिया। रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मोनिका के परिजनों को दी तो भिवानी जिले के गांव गोरीपुर से उसके मायके के लोग हिसार पहुंचे और शव की पहचान की।