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हॉस्टल वार्डन को 12 घंटे कमरे में बंद करने, छेड़छाड़ मामले में प्रिंसिपल, डीपीसी और एपीसी के खिलाफ केस दर्ज
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हिसार। जिले के एक सरकारी स्कूल की हॉस्टल वार्डन को 12 घंटे कमरे में बंद करने, छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने के मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने प्रिंसिपल, डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक), एपीसी (सहायक परियोजना समन्वयक) और एक अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता का कहना है वह विधवा है और तीन साल से जिले के एक सरकारी स्कूल में हॉस्टल वार्डन के पद पर कार्यरत थी। उसके कार्यकाल के दौरान कोई शिकायत नहीं आई। 6 अगस्त 2021 को नए प्रिंसिपल ने पदभार संभालते ही उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अश्लील बातों का इस्तेमाल करते। उन्होंने कहा कि तुम्हें डीपीएस भी परेशान नहीं करेंगे और तुम्हे अच्छी तरह से स्कूल में रखेंगे। पीड़िता ने बताया कि उसके बाद मैंने प्रिंसिपल को ऐसा करने से मना कर दिया। उसके बाद से वे उसे परेशान करने लगे। 13 अगस्त को डीपीसी ने हॉस्टल का दौरा किया। उसके बाद डीपीसी और एपीसी ने भी हॉस्टल का दौरा किया था। उस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। अगले दिन फिर से उन्होंने हॉस्टल का दौरा किया और उसे परेशान करने के लिए उसके खिलाफ मुख्यालय में शिकायत भेज दी। पीड़िता ने बताया कि 6 दिसंबर को अचानक उसे बर्खास्त कर दिया। उस समय प्रिंसिपल ने मुझे शाम छह बजे कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। अगले दिन चौकीदार ने सुबह छह बजे ताला खोला। मुझे 12 घंटे के लिए एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। मामले की जांच कर रही सुशीला कुमारी का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर चार के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हर पहलू पर जांच की जा रही है।
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पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता का कहना है वह विधवा है और तीन साल से जिले के एक सरकारी स्कूल में हॉस्टल वार्डन के पद पर कार्यरत थी। उसके कार्यकाल के दौरान कोई शिकायत नहीं आई। 6 अगस्त 2021 को नए प्रिंसिपल ने पदभार संभालते ही उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अश्लील बातों का इस्तेमाल करते। उन्होंने कहा कि तुम्हें डीपीएस भी परेशान नहीं करेंगे और तुम्हे अच्छी तरह से स्कूल में रखेंगे। पीड़िता ने बताया कि उसके बाद मैंने प्रिंसिपल को ऐसा करने से मना कर दिया। उसके बाद से वे उसे परेशान करने लगे। 13 अगस्त को डीपीसी ने हॉस्टल का दौरा किया। उसके बाद डीपीसी और एपीसी ने भी हॉस्टल का दौरा किया था। उस दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। अगले दिन फिर से उन्होंने हॉस्टल का दौरा किया और उसे परेशान करने के लिए उसके खिलाफ मुख्यालय में शिकायत भेज दी। पीड़िता ने बताया कि 6 दिसंबर को अचानक उसे बर्खास्त कर दिया। उस समय प्रिंसिपल ने मुझे शाम छह बजे कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। अगले दिन चौकीदार ने सुबह छह बजे ताला खोला। मुझे 12 घंटे के लिए एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। मामले की जांच कर रही सुशीला कुमारी का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर चार के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हर पहलू पर जांच की जा रही है।
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