{"_id":"6ae23e65808b3a7f4e0e8e04","slug":"case-of-teenagers-being-paraded-in-public-reaches-human-rights-commission-hisar-news-c-21-hsr1005-982668-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मानवाधिकार आयोग पहुंचा किशोरों को सरेबाजार घुमाने का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मानवाधिकार आयोग पहुंचा किशोरों को सरेबाजार घुमाने का मामला
Wed, 28 Oct 2026 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:56 PM IST
विज्ञापन
हिसार। दो विधि-विरुद्ध किशोरों को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की ओर से सरेबाजार पैदल घुमाने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) पहुंच गया है।बुधवार को जिला अदालत के अधिवक्ता एवं हिसार बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव नरेश गोयल ने आयोग के अध्यक्ष को शिकायत भेजकर हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के अनुसार 28 अक्तूबर को एचटीएम थाना क्षेत्र में 24 अक्तूबर को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गोयल ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने दो किशोरों को पकड़ा और उनकी निशानदेही पर एक मोटरसाइकिल तथा .315 बोर का कथित अवैध हथियार बरामद किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों किशोरों को सिर मुंडे होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों ने सरेबाजार पैदल घुमाया। इस दौरान सोशल मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो बनाए जिनमें किशोरों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों तथा बच्चों की गरिमा, निजता और पहचान की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
उन्होंने आयोग से हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से समयबद्ध रिपोर्ट मंगवाने, संबंधित रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा विभिन्न मंचों से वीडियो और तस्वीरें हटवाने की मांग की है।
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार 28 अक्तूबर को एचटीएम थाना क्षेत्र में 24 अक्तूबर को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गोयल ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने दो किशोरों को पकड़ा और उनकी निशानदेही पर एक मोटरसाइकिल तथा .315 बोर का कथित अवैध हथियार बरामद किया।
विज्ञापन
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों किशोरों को सिर मुंडे होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों ने सरेबाजार पैदल घुमाया। इस दौरान सोशल मीडिया से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो बनाए जिनमें किशोरों के चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे थे।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों तथा बच्चों की गरिमा, निजता और पहचान की सुरक्षा से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
उन्होंने आयोग से हरियाणा के पुलिस महानिदेशक से समयबद्ध रिपोर्ट मंगवाने, संबंधित रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा विभिन्न मंचों से वीडियो और तस्वीरें हटवाने की मांग की है।