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Hisar News: कारोबारी के बेटे ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर दी जान
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बंदूक को कब्जे में लेकर जाता पुलिसकर्मी।
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हिसार। कृष्णा नगर में मंगलवार दोपहर अंडा कारोबारी के बेटे अमन ने घर में लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो अमन का लहूलुहान शव देख सहम गए। इकलौते बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमन ठेकेदारी के काम में 35 लाख रुपये का नुकसान होने से मानसिक तनाव में रहने लगा था।
कारोबारी अरुण शर्मा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि रेलवे स्टेशन रोड पर उनकी हरियाणा अंडा स्टोर के नाम से थोक की दुकान है। बेटा अमन (30) पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विभाग में ठेकेदारी का काम करता था। लाखों का नुकसान होने के बाद उसने यह काम छोड़ दिया और पिछले करीब एक माह से दुकान पर बैठता था। सुबह करीब 9:45 बजे वह नाश्ता करके दुकान पर चले गए थे। उनका भाई अरविंद और भतीजा अंकित पहले ही दुकान पर पहुंच चुके थे। अमन घर पर ही था। नाश्ता करने के बाद वह भी अपने कमरे में चला गया। दोपहर करीब 12 बजे उसके कमरे से गोली चलने की आवाज आई तो मेरी मां पुष्पा, पत्नी अनुराधा, भाई की पत्नी रजनी और भतीजी आशिमा दौड़कर मौके पर पहुंचे। अंदर अमन का लहूलुहान शव पड़ा था। पास ही उसकी लाइसेंसी बंदूक रखी थी। उसके माथे से खून बह रहा था।
सूचना मिलते ही दुकान से घर पहुंचे परिजन
अमन की मौत से घर में मातम का माहौल हो गया। अमन की मां ने दुकान पर फोन कर घटना की जानकारी दी। अरुण शर्मा व अरविंद घर पहुंचे और अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी में सूचना दी। कुछ ही देर बाद एसआई राजेश कुमार मय फॉरेंसिक टीम आए और साक्ष्य एकत्र कर शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया। इससे पहले घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ अरुण शर्मा के घर पहुंच गईं। पड़ोसी विलाप कर रहे परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे। अमन की मां, दादी, चाची व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था। घर के बाहर खड़े सभी लोगों की जुबां पर यही सवाल था कि अमन ने आत्महत्या क्यों कर ली? लेकिन जवाब किसी के पास नहीं था।
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मूलत: हिमाचल प्रदेश का निवासी है परिवार
अरुण शर्मा ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का है लेकिन कई वर्षों से हिसार में ही रह रहे हैं। अमन ने बंदूक का लाइसेंस भी हिमाचल प्रदेश से ही बनवाया था। उसने कभी अपनी परेशानी परिवार से साझा नहीं की थी। किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह आत्महत्या का कदम उठा लेगा। अमन इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं।
पिता बोले- मोबाइल फोन से ही मिल सकती है वजह की जानकारी
अरुण शर्मा ने बताया कि अमन के मोबाइल फोन से ही पता चल सकता है कि वह किस कारण से परेशान था और आत्महत्या क्यों की। फोन से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि उसकी किन-किन लोगों से बातचीत होती थी। हालांकि वह स्मार्टफोन के बजाय कीपैड फोन का इस्तेमाल करता था। उसने एक दिन पहले ही यह फोन अपनी मां को देते हुए कहा था कि वह नया फोन खरीदेगा।
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कारोबारी अरुण शर्मा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि रेलवे स्टेशन रोड पर उनकी हरियाणा अंडा स्टोर के नाम से थोक की दुकान है। बेटा अमन (30) पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विभाग में ठेकेदारी का काम करता था। लाखों का नुकसान होने के बाद उसने यह काम छोड़ दिया और पिछले करीब एक माह से दुकान पर बैठता था। सुबह करीब 9:45 बजे वह नाश्ता करके दुकान पर चले गए थे। उनका भाई अरविंद और भतीजा अंकित पहले ही दुकान पर पहुंच चुके थे। अमन घर पर ही था। नाश्ता करने के बाद वह भी अपने कमरे में चला गया। दोपहर करीब 12 बजे उसके कमरे से गोली चलने की आवाज आई तो मेरी मां पुष्पा, पत्नी अनुराधा, भाई की पत्नी रजनी और भतीजी आशिमा दौड़कर मौके पर पहुंचे। अंदर अमन का लहूलुहान शव पड़ा था। पास ही उसकी लाइसेंसी बंदूक रखी थी। उसके माथे से खून बह रहा था।
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सूचना मिलते ही दुकान से घर पहुंचे परिजन
अमन की मौत से घर में मातम का माहौल हो गया। अमन की मां ने दुकान पर फोन कर घटना की जानकारी दी। अरुण शर्मा व अरविंद घर पहुंचे और अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी में सूचना दी। कुछ ही देर बाद एसआई राजेश कुमार मय फॉरेंसिक टीम आए और साक्ष्य एकत्र कर शव को नागरिक अस्पताल भिजवाया। इससे पहले घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ अरुण शर्मा के घर पहुंच गईं। पड़ोसी विलाप कर रहे परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे। अमन की मां, दादी, चाची व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था। घर के बाहर खड़े सभी लोगों की जुबां पर यही सवाल था कि अमन ने आत्महत्या क्यों कर ली? लेकिन जवाब किसी के पास नहीं था।
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मूलत: हिमाचल प्रदेश का निवासी है परिवार
अरुण शर्मा ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का है लेकिन कई वर्षों से हिसार में ही रह रहे हैं। अमन ने बंदूक का लाइसेंस भी हिमाचल प्रदेश से ही बनवाया था। उसने कभी अपनी परेशानी परिवार से साझा नहीं की थी। किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह आत्महत्या का कदम उठा लेगा। अमन इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं।
पिता बोले- मोबाइल फोन से ही मिल सकती है वजह की जानकारी
अरुण शर्मा ने बताया कि अमन के मोबाइल फोन से ही पता चल सकता है कि वह किस कारण से परेशान था और आत्महत्या क्यों की। फोन से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि उसकी किन-किन लोगों से बातचीत होती थी। हालांकि वह स्मार्टफोन के बजाय कीपैड फोन का इस्तेमाल करता था। उसने एक दिन पहले ही यह फोन अपनी मां को देते हुए कहा था कि वह नया फोन खरीदेगा।