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बीएंडआर ने जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए संशोधित एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 11:19 PM IST
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BR prepares revised estimate for District Ayurvedic Hospital and sends it to headquarters for approval
हिसार। बीएंडआर ने जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए संशोधित एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया है। विभाग ने सिविल कार्यों के लिए करीब 2 करोड़ रुपये की और डिमांड की है। वहीं बिजली संबंधी कार्यों को पुराने एस्टीमेट में निपटाने के आदेश दिए हैं। संशोधित एस्टीमेट को मंजूरी मिलने के साथ ही अस्पताल के बंद पड़े निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
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बता दें कि बजट के अभाव में आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य करीब छह माह से बंद पड़ा है। ठेकेदार का कहना है कि सिविल वर्क को पूरा करने में और बजट की जरूरत पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 10.85 करोड़ रुपये अलॉट हुए थे। इसमें से एक करोड़ रुपये बिजली कार्यों पर खर्च करने का प्रावधान किया था। अधिकारियों के अनुसार अभी तक सिविल वर्क पर 8.71 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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बिजली कार्य का बजट भी बढ़ा दिया था 5 गुणा
बीएंडआर ने आयुष विभाग से यह तर्क देते हुए और बजट की डिमांड की थी कि सिविल कार्य के लिए बजट कम पड़ गया है। वहीं बिजली कार्य का बजट भी 5 गुणा बढ़ गया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों की बैठक में फैसला किया गया था कि अभी बिजली कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये नहीं दिए जाएंगे। सिर्फ प्राथमिकता वाले कार्यों को ही अभी करवाया जाए और पुराने एस्टीमेट में ही इन्हें करवाया जाए। हालांकि सिविल कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी का 20 प्रतिशत बजट और बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई थी। साथ ही संशोधित एस्टीमेट तैयार कर भेजने को कहा गया था।
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तीन मंजिला है यह भवन
अस्पताल का भवन तीन मंजिला है। इसमें 50 बेड उपलब्ध होंगे। अस्पताल में आयुर्वेदिक पद्धति (पंचकर्म योगा) से इलाज किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के कक्ष बनाए जाएंगे। प्रथम तल पर पंचकर्मा सेंटर, योगा हॉल व विभिन्न बीमारियों से पीड़ित रोगियों के दाखिले के लिए वार्ड बनाए जाएंगे। दूसरे तल पर स्पेशल वार्ड एवं डिलीवरी वार्ड बनाया जाएगा। अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन विकसित करने की भी योजना है। इनका इस्तेमाल दवा बनाने में किया जाएगा।

जिले में आयुर्वेद के 44 एएमओ
जिले भर में आयुर्वेद के करीब 44 एएमओ हैं, जो वर्तमान में जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में तैनात हैं। इनमें स्थायी व कॉन्ट्रेक्ट दोनों शामिल हैं। कोरोना महामारी में आयुर्वेद इलाज कारगर साबित हुआ। चिकित्सकों का भी मानना है कि जिन मरीजों का आयुर्वेद पद्धति से इलाज किया जाएगा, उन मरीजों में 90 प्रतिशत जल्द रिकवरी हुई है।
वर्जन
संशोधित एस्टीमेट तैयार करके भेज दिया गया है। इसे प्रशासनिक मंजूरी मिलने के साथ ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
-रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
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