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Hisar News: बिठमड़ा की मीनू का खो-खो में कमाल, स्वर्ण पदक जीत बनीं चैंपियन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:31 AM IST
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Bithamada's Meenu excelled in Kho-Kho, won gold medal and became champion
कोच राजेश के साथ स्वर्ण पदक विजेता मीनू। 
हिसार। गांव बिठमड़ा की मीनू धत्तरवाल ने रविवार को दिल्ली में आयोजित महिला खो-खो विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम को विजयी बनाने में अहम भूमिका निभाई। टीम में शामिल हरियाणा की एक मात्र खिलाड़ी मीनू ने अपने खेल कौशल से सबको रोमांचित कर दिया। मैच के दौरान मीनू के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें रहीं। जैसे ही भारतीय टीम ने नेपाल की टीम को 78-40 के बड़े अंतर से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया मीनू के घर और गांव में खुशी का माहौल हो गया। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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मीनू का सफर संघर्ष भरा रहा है। पिता किसान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी माता-पिता ने बेटी को खेलों में जाने से नहीं रोका। वर्ष 2019 में पिता रोशनलाल का बीमारी के कारण निधन हो गया। मीनू को लगा चैंपियन बनने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा, लेकिन मां राजेश देवी ने हौसला दिया। उन्होंने मीनू का अभ्यास बाधित नहीं होने दिया। पिता के सपनों को पूरा करने में मीनू ने भी कसर नहीं छोड़ी। मीनू बताती हैं कि मुझे यहां तक पहुंचाने में परिवार के सदस्यों के अलावा कोच राजेश दलाल, भारतीय कोच मुन्नी जून, जिला सेक्रेटरी मोनू दलाल, डीसीएम स्कूल के चेयरमैन संजय का सहयोग रहा है। सभी ने मुझे काफी मोटिवेट किया।
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पांचवीं कक्षा से शुरू की खो-खो की शुरआत
मीनू बताती हैं कि स्कूल में पढ़ने के दौरान बच्चों को खो-खो खेलते देखती थी। वहीं से मुझे प्रेरणा मिली। पांचवीं कक्षा से मैंने खो-खो खेलना शुरू कर दिया। कोच राजेश दलाल ने प्रशिक्षण दिया तो मेरे खेल में और निखार आया।
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मीनू की मेहनत लाई रंग
मीनू डीसीएम स्कूल में कोच राजेश दलाल के पास सुबह-शाम अभ्यास कर रही है। कोच राजेश ने बताया कि मीनू काफी मेहनती है और अनुशासन में रहती है। आज तक उसने अभ्यास से छुट्टी तक नहीं की। उसकी मेहनत रंग लाई है। गांव पहुंचने पर विजयी जुलूस निकाला जाएगा। मीनू तीन बहनों में सबसे छोटी है। उसका एक भाई भी है।
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मीनू की उपलब्धियां
- सीनियर एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक
- एशिया कप में स्वर्ण पदक
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