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मॉपिंग ऑपरेशन चलाया, हेचरी फार्म में बेड करवाए साफ
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:55 PM IST
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BirdFlue
- फोटो : Bureau
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ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र में बतखों में बर्ड फ्लू मिलने के बाद तीसरे दिन मॉपिंग ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन के तहत दोबारा से झील व उसके आसपास के एरिया में साफ सफाई करवाई गई। हेचरी फार्म शेड के नीचे बनाए गए बेड साफ करवाए गए। ब्लू बर्ड एरिया में दो बार निरीक्षण करवाया और पूरी तरह से सुपरविजन में रखा गया। जो साज सामान इस ऑपरेशन में यूज किया गया उसे नष्ट किया गया और नष्ट न किए जाने वाले सामान पर एंटी माइक्रोफिल स्प्रे करवाया गया।
यूं चला अभियान
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस दिन से विभाग को जानकारी मिली उसके बाद से पहले किलिंग ऑपरेशन चलाया। उसके बाद कॉम्बिंग और रविवार को मॉपिंग ऑपरेशन चलाया गया। शनिवार तक 994 पक्षी मारे जा चुके थे। इनमें से 167 बतख शामिल थे।
सरकारी हेचरी से खाद निकालकर जलाया
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी हेचरी फार्म में तीन शेड लगे थे। इनमें से दो की पहले ही साफ सफाई की जा चुकी है। रविवार को तीसरे शेड की सफाई की गई। इसमें से खाद व बेडिंग निकालकर जला दी गई। इसके बाद से फ्यूमिनिगेशन किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इस प्रक्रिया में एक तरह से धुआं कर उसे जीरो स्ट्रलाइजेशन किया जाता है।
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11 दिन और रहेंगे टीम के 65 सदस्य
नोडल ऑफिसर एवं पशु टीका संस्थान के डायरेक्टर एलसी रंगा का कहना है कि 13 आरआरटी यानी 65 सदस्यों की टीम को स्वास्थ्य विभाग की टीम के अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है। एचवीटीआई के ट्रेनिंग सेंटर को फिलहाल बंद कर दिया है। इन हॉस्टलों में 15 दिन तक स्टाफ को रखना है। अब 11 दिन और बाकी हैं। ये परिवार से दूर रहेंगे। सुबह शाम उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में ही नाश्ता करवाकर हर रोज ट्रीटमेंट दिया जाता है। फिलहाल किसी तरह से किसी को परेशानी नहीं पूरा स्टाफ एकदम स्वस्थ है।
झील का पानी भी है संक्रमित
पशुपालन विभाग की टीम का कहना है कि झील के पानी के सैंपल भी भेजे गए थे। पानी भी संक्रमित मिला है। इसके अलावा मृत डक व जिंदा डक के मुंह से सैंपल लेकर भेजे गए थे जो सभी पॉजिटिव मिले थे। डक की बीट (पोटी) के सैंपल भी पॉजिटिव मिले हैं।
चलाया सर्च अभियान
टीम ने पूरा दिन झील के आसपास सर्च अभियान चलाया मगर कोई और नया डक नहीं मिला। टीम सदस्यों कहना है कि झील को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा जाएगा। हो सकता है कि कोई और डक आसपास की झाड़ियों में छिपकर न बैठे हों।
आज कोई डक नहीं मिला। आसपास के एरिया में ऐसा कोई पालतू पक्षी नहीं। रविवार को मॉपिंग ऑपरेशन चलाया गया था। ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र पूरी तरह से टीम की निगरानी में है। टीम के सदस्य भी ठीक हैं पूरी तरह से स्वस्थ हैं। पूरी टीम को धांसू रोड स्थित एचवीटीआई ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा हुआ है।
- एलसी रंगा, डायरेक्टर हरियाणा वेटरनरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं ब्लू बर्ड ऑपरेशन नोडल ऑफिसर
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यूं चला अभियान
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिस दिन से विभाग को जानकारी मिली उसके बाद से पहले किलिंग ऑपरेशन चलाया। उसके बाद कॉम्बिंग और रविवार को मॉपिंग ऑपरेशन चलाया गया। शनिवार तक 994 पक्षी मारे जा चुके थे। इनमें से 167 बतख शामिल थे।
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सरकारी हेचरी से खाद निकालकर जलाया
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी हेचरी फार्म में तीन शेड लगे थे। इनमें से दो की पहले ही साफ सफाई की जा चुकी है। रविवार को तीसरे शेड की सफाई की गई। इसमें से खाद व बेडिंग निकालकर जला दी गई। इसके बाद से फ्यूमिनिगेशन किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इस प्रक्रिया में एक तरह से धुआं कर उसे जीरो स्ट्रलाइजेशन किया जाता है।
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11 दिन और रहेंगे टीम के 65 सदस्य
नोडल ऑफिसर एवं पशु टीका संस्थान के डायरेक्टर एलसी रंगा का कहना है कि 13 आरआरटी यानी 65 सदस्यों की टीम को स्वास्थ्य विभाग की टीम के अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है। एचवीटीआई के ट्रेनिंग सेंटर को फिलहाल बंद कर दिया है। इन हॉस्टलों में 15 दिन तक स्टाफ को रखना है। अब 11 दिन और बाकी हैं। ये परिवार से दूर रहेंगे। सुबह शाम उन्हें डॉक्टरों की देखरेख में ही नाश्ता करवाकर हर रोज ट्रीटमेंट दिया जाता है। फिलहाल किसी तरह से किसी को परेशानी नहीं पूरा स्टाफ एकदम स्वस्थ है।
झील का पानी भी है संक्रमित
पशुपालन विभाग की टीम का कहना है कि झील के पानी के सैंपल भी भेजे गए थे। पानी भी संक्रमित मिला है। इसके अलावा मृत डक व जिंदा डक के मुंह से सैंपल लेकर भेजे गए थे जो सभी पॉजिटिव मिले थे। डक की बीट (पोटी) के सैंपल भी पॉजिटिव मिले हैं।
चलाया सर्च अभियान
टीम ने पूरा दिन झील के आसपास सर्च अभियान चलाया मगर कोई और नया डक नहीं मिला। टीम सदस्यों कहना है कि झील को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा जाएगा। हो सकता है कि कोई और डक आसपास की झाड़ियों में छिपकर न बैठे हों।
आज कोई डक नहीं मिला। आसपास के एरिया में ऐसा कोई पालतू पक्षी नहीं। रविवार को मॉपिंग ऑपरेशन चलाया गया था। ब्लू बर्ड पर्यटन केंद्र पूरी तरह से टीम की निगरानी में है। टीम के सदस्य भी ठीक हैं पूरी तरह से स्वस्थ हैं। पूरी टीम को धांसू रोड स्थित एचवीटीआई ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के अंडर ऑब्जर्वेशन में रखा हुआ है।
- एलसी रंगा, डायरेक्टर हरियाणा वेटरनरी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं ब्लू बर्ड ऑपरेशन नोडल ऑफिसर