फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Battle for gold medal in 24 women boxers today

Hisar News: 24 महिला मुक्केबाजों में स्वर्ण पदक के लिए जंग आज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2022 04:30 AM IST
विज्ञापन
Battle for gold medal in 24 women boxers today
जाट कॉलेज में बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में हिसार साईं की सीवी बूरा गुरुग्राम की खिलाड़ - फोटो : Hisar
हिसार। हरियाणा बॉक्सिंग संघ के तत्वावधान में यूथ बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीसरी राज्यस्तरीय सीनियर महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए। इस दौरान 24 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह पक्की की। शनिवार को फाइनल मुकाबले होंगे। विजेता खिलाड़ी भोपाल में होने वाली नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन

शुक्रवार को तीसरे दिन के मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं जिला पार्षद विरेंद्र खरब पहुंचे। द अर्थ सेवियर फाउंडेशन से जस कालड़ा पहुंचे और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। खरब ने अंतरराष्ट्रीय महिला बॉक्सर हिसार की सिवी बूरा व गुरुग्राम की दीपिका के बीच मैच की शुरुआत करवाई। सिवी ने दीपिका को 4-3 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। इस मौके पर हरियाणा बॉक्सिंग संघ के डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेटर ओमबीर हुड्डा व महासचिव रविंद्र पानू ने आए हुए अतिथियों का बुके भेंट कर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर समाजसेवी नरेश कुमार लाडवा, रणदीप जागलान, डॉ. सुरेंद्र पंघाल, अपूर्व चौधरी, हनुमान ऐरन, नवीन जयहिंद, विकास कुमार, ओमप्रकाश सरपंच व पवन पानू मौजूद रहे। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष मेजर सत्यपाल सिंधू पहुंचेंगे और विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे।
विज्ञापन

ये रहे परिणाम
45 से 48 किलो भारवर्ग : कैथल की निकिता ने कुरुक्षेत्र की नितिका को, पानीपत की रजनी ने रोहतक की गीतिका को मात दी।
48 से 50 किलो भारवर्ग : साई हिसार की चंद्रिका ने जींद की सुलोचना को, अंबाला की कल्पना ने फतेहाबाद की निशा रानी को हराया।
50 से 52 किलो भारवर्ग : सिरसा की प्रियंका ने महेंद्रगढ़ की पूनम को, रोहतक की भारती ने पानीपत की शिवानी को पराजित किया।
52 से 54 किलो भारवर्ग : साई भिवानी की प्रीति ने गुरुग्राम की चेतना को, दादरी की रिंकू ने साई हिसार की खुशी रानी को मात दी।
54 से 57 किलो भारवर्ग : कैथल की मनीषा ने रेवाड़ी को रेखा को, फतेहाबाद की तन्नु ने पानीपत की विन्का को हराया।
57 से 60 किलो भारवर्ग : जींद की ममता ने सिरसा की अंशुल को, एनबीए रेवाड़ी की कीर्ति ने सोनीपत की सपना को मात दी।
60 से 63 किलो भारवर्ग : साई हिसार की सिवी ने गुरुग्राम की दीपिका को, हिसार की ज्योति रानी ने पानीपत की मंजू को हराया।
63 से 66 किलो भारवर्ग : गुरुग्राम की यशी शर्मा ने रोहतक की कीर्ति को, साई भिवानी की अमृत ने जींद की निधि को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
66 से 70 किलो भारवर्ग : साई हिसार की कुसुम ने रोहतक की सविता को, सिरसा की तमन्ना ने भिवानी की पूजा को हराया।
75 से 81 किलो भार वर्ग में हिसार की स्वीटी ने कैथल की मनप्रीत कौर को, भिवानी की पूजा रानी ने फरीदाबाद की देवांशी को पराजित किया।
81 प्लस आयु वर्ग में भिवानी की दीपिका ने पानीपत की नेहा रानी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
कैथल के ध्यानार्थ
पिता-दादा से छुपकर अभ्यास कर मुक्केबाज बनीं निकिता
बॉक्सर बनने के लिए किसी ने पिता-दादा से छुपकर प्रैक्टिस की तो किसी को महान मुक्केबाजों से प्रेरणा मिली। कई खिलाड़ियों के घर में तो खेलना बिल्कुल भी पसंद नहीं किया जाता था, बावजूद उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और आज इस मुकाम पर पहुंच गई हैं। यह कहानी है उन खिलाड़ियों की जो हिसार के जाट कॉलेज में चल रही राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपने पंच का दम दिखा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैथल की बॉक्सर निकिता ने पांच साल पहले पिता राजेंद्र और दादा पूर्ण को बिना बताए बॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरू की। पिता का मानना था कि लड़कियां खेल मैदान में नहीं घर में ही अच्छी लगती हैं। मगर निकिता का सपना था कि वह बॉक्सिंग में कॅरिअर बनाए। इस पर कई महीनों तक उसने ट्यूशन के बहाने पिता से छुपकर प्रैक्टिस की। फिर चाचा ने निकिता के पिता राजेंद्र को समझाया तो उन्होंने बेटी को रिंग में उतरने की इजाजत दे दी। आज निकिता पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रही है। वह कैथल के पटे अफगान गांव की रहने वाली है। शुक्रवार को निकिता ने जाट कॉलेज में चल रही राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के 45 से 48 किलोग्राम भारवर्ग में कुरुक्षेत्र की बॉक्सर नितिका को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

कोच के समझाने पर परिवार ने दी इजाजत
कैथल के कालूवाली गामड़ी की रहने वाली बॉक्सर नेहा बताती है कि आठ साल पहले उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत की तो उनके गांव में कोई लड़की नहीं खेलती थी। इस पर परिवार के सदस्यों ने भी उसे खेलने के लिए मना कर दिया। दो साल तक वह गेम से दूर रही। वर्ष 2014 में कोच गुरमीत सिंह ने नेहा के पिता राजपाल यादव को समझाया कि बेटी की बॉक्सिंग में रुचि है। इसे आप बॉक्सिंग खेलने के लिए भेजें। इसके बाद नेहा रिंग में उतरी और गोल्ड पंच लगाने लगी। वह दो बार इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी है। जाट कॉलेज में चल रही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में नेहा ने फाइनल में प्रवेश किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed