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Hisar News: निजी अस्पतालों में नहीं हुआ आयुष्मान लाभार्थियों का उपचार
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हिसार। जिले के निजी अस्पतालों में शनिवार को आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार करने से इन्कार कर दिया। ऐसे में निजी अस्पतालों में उपचार के लिए आए आयुष्मान लाभार्थियों को लौटना पड़ा। निजी अस्पतालों में 30 मार्च तक आयुष्मान लाभार्थियों का उपचार नहीं होगा। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और एनएमओ (नेशनल मेडिकॉज ऑर्गेनाइजेशन) ने साफ कह दिया है कि जब तक सरकार द्वारा बकाया राशि नहीं दी जाती उपचार नहीं करेंगे। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. जशवंत का कहना है कि जिले में प्राइवेट अस्पताल का 250 करोड़ बकाया है। वहीं जिले में 9,22,87 लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हुए हैं।
शनिवार को निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार करवाने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा। जब वे आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां पर कर्मचारियों ने बताया कि 30 मार्च तक निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार नहीं होगा। उपचार करवाना है तो नकद बिल देना होगा।
शहर के एक निजी अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि शनिवार दोपहर को आयुष्मान कार्ड लेकर दो मरीज उपचार करवाने के लिए आए थे। दोनों मरीज डायलिसिस बीमारी से ग्रस्त थे। एक मरीज की तबीयत ज्यादा खराब थी। ऐसे में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। परिजनों ने नकद राशि जमा करवाई।
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शनिवार को निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार करवाने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा। जब वे आयुष्मान कार्ड लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां पर कर्मचारियों ने बताया कि 30 मार्च तक निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार नहीं होगा। उपचार करवाना है तो नकद बिल देना होगा।
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शहर के एक निजी अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि शनिवार दोपहर को आयुष्मान कार्ड लेकर दो मरीज उपचार करवाने के लिए आए थे। दोनों मरीज डायलिसिस बीमारी से ग्रस्त थे। एक मरीज की तबीयत ज्यादा खराब थी। ऐसे में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। परिजनों ने नकद राशि जमा करवाई।
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