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Hisar News: प्रिंटिंग-पैकेजिंग में स्वचालन से बदलेंगे कामकाज के तरीके
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कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ डॉ. नरेश महिपाल को सम्मानित करते आयोजक।
हिसार। प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्वचालन के बढ़ते इस्तेमाल से कामकाज के तरीके बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को तकनीकी सत्रों में देश-विदेश से पहुंचे विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों के औद्योगिक उपयोग, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधार और बदलती जरूरतों पर चर्चा की।
कनाडा के एरविन ड्रिवेर ने प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग प्रक्रियाओं में तकनीकी बदलाव से उत्पादन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की संभावनाएं बताईं। ग्रीस के प्रो. (डॉ.) अनास्तासियोस ई. पोलिटिस ने आधुनिक प्रिंटिंग प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचार और नई प्रणालियों को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। ग्रीस की एलेक्जेंड्रा वर्गोपोलू ने पैकेजिंग में नई तकनीकों और उत्पादन प्रक्रियाओं पर विचार रखे।
थाईलैंड के प्रो. (डॉ.) अरन हंसुएब्साई ने स्वचालन के व्यावहारिक उपयोग के साथ मानव संसाधन को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने की जरूरत बताई। भारत के केजी सुरेश ने तकनीकी ज्ञान को उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद भी किया।
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कनाडा के एरविन ड्रिवेर ने प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग प्रक्रियाओं में तकनीकी बदलाव से उत्पादन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की संभावनाएं बताईं। ग्रीस के प्रो. (डॉ.) अनास्तासियोस ई. पोलिटिस ने आधुनिक प्रिंटिंग प्रक्रियाओं, तकनीकी नवाचार और नई प्रणालियों को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। ग्रीस की एलेक्जेंड्रा वर्गोपोलू ने पैकेजिंग में नई तकनीकों और उत्पादन प्रक्रियाओं पर विचार रखे।
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थाईलैंड के प्रो. (डॉ.) अरन हंसुएब्साई ने स्वचालन के व्यावहारिक उपयोग के साथ मानव संसाधन को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने की जरूरत बताई। भारत के केजी सुरेश ने तकनीकी ज्ञान को उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद भी किया।
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