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Hisar: कठुआ में शहीद जुगलान के जवान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, मां ने दी चिता को मुखाग्नि
Tue, 28 Mar 2023 11:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 28 Mar 2023 11:49 AM IST
सार
ढाई माह पहले जब सोनू जांगड़ा गांव आया था तो उसकी मां ने शादी की बात की थी। लेकिन, उस समय सोनू ने कहा था कि मुझे अभी शादी नहीं करनी। अभी भारत माता की सेवा करनी है।
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हिसार में शहीद का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए 26 साल के जवान सोनू जांगड़ा का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह गांव जुगलान पहुंचा जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों के लोग, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। शहीद की मां भतेरी ने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी।
सिर में लगी गोली
जानकारी के अनुसार रविवार रात को जम्मू कश्मीर एरिया में आतंकवादियों और सेना के जवानों के बीच कठुआ में मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के दौरान जवान सोनू जांगड़ा के सिर में गोली लगी थी, जिससे वे शहीद हो गए थे। मंगलवार सुबह सेना के जवान हवलदार शिव सिंह, सिगनल मैन अमर यादव शहीद का पार्थिव शरीर लेकर गांव में पहुंचे। जब शहीद का पार्थिक शव गांव पहुंचा तो सोनू जांगड़ा अमर रहे और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे।
यह भी पढ़ें: देश में पहली बार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया ChatGPT का इस्तेमाल, आरोपी की जमानत की खारिज
2016 में आर्मी में हुआ था भर्ती
मूलरूप से मेहंदा गढ़ी निवासी सोनू जांगड़ा जब 4 साल के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया था। पिता की मौत के बाद माता भतेरी अपने बेटे के साथ उसके नाना-नानी के पास आ गई। सोनू के मामा के कोई संतान नहीं थी तो उन्होंने उसे गोद ले लिया और उसका पालन पोषण किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 में वह सेना में भर्ती हो गया। करीब ढाई महीने पहले वह जुगलान आया था।
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मां अभी नहीं करनी शादी
ढाई माह पहले जब सोनू जांगड़ा गांव आया था तो उसकी मां ने शादी की बात की थी। लेकिन, उस समय सोनू ने कहा था कि मुझे अभी शादी नहीं करनी। अभी भारत माता की सेवा करनी है। रविवार देर रात को उनके शहीद होने की सूचना मिली तब से उनकी मां का बुरा हाल है। अंतिम संस्कार के दौरान भी उनकी माता कई बार बेसुध हुई। गांव में चारों तरफ का माहौल गमगीन था।
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सिर में लगी गोली
जानकारी के अनुसार रविवार रात को जम्मू कश्मीर एरिया में आतंकवादियों और सेना के जवानों के बीच कठुआ में मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ के दौरान जवान सोनू जांगड़ा के सिर में गोली लगी थी, जिससे वे शहीद हो गए थे। मंगलवार सुबह सेना के जवान हवलदार शिव सिंह, सिगनल मैन अमर यादव शहीद का पार्थिव शरीर लेकर गांव में पहुंचे। जब शहीद का पार्थिक शव गांव पहुंचा तो सोनू जांगड़ा अमर रहे और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे।
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2016 में आर्मी में हुआ था भर्ती
मूलरूप से मेहंदा गढ़ी निवासी सोनू जांगड़ा जब 4 साल के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया था। पिता की मौत के बाद माता भतेरी अपने बेटे के साथ उसके नाना-नानी के पास आ गई। सोनू के मामा के कोई संतान नहीं थी तो उन्होंने उसे गोद ले लिया और उसका पालन पोषण किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 में वह सेना में भर्ती हो गया। करीब ढाई महीने पहले वह जुगलान आया था।
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मां अभी नहीं करनी शादी
ढाई माह पहले जब सोनू जांगड़ा गांव आया था तो उसकी मां ने शादी की बात की थी। लेकिन, उस समय सोनू ने कहा था कि मुझे अभी शादी नहीं करनी। अभी भारत माता की सेवा करनी है। रविवार देर रात को उनके शहीद होने की सूचना मिली तब से उनकी मां का बुरा हाल है। अंतिम संस्कार के दौरान भी उनकी माता कई बार बेसुध हुई। गांव में चारों तरफ का माहौल गमगीन था।