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Hisar News: होटल के बाहर लाठी-तलवार से हमला मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत
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हिसार। बरवाला थाना क्षेत्र में दर्ज मारपीट के एक मामले में सेशन जज अलका मलिक की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी रमन कुमार को अग्रिम जमानत दे दी। आरोपी ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे सुनवाई के बाद स्वीकार कर लिया गया।
बरवाला के पास गांव मतलौडा निवासी 25 वर्षीय रमन कुमार के खिलाफ 29 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 27 नवंबर को वह अपने दोस्तों के साथ उचाना में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। इसी दौरान बरवाला में एक होटल के बाहर कहासुनी हो गई, जिसके बाद कुछ युवकों ने उन पर लाठी-डंडों, तलवार और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में अमित और उसका एक साथी घायल हो गए थे, जबकि उनकी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए थे।
आरोपी पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि रमन कुमार का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है और उसे केवल सह-आरोपी के खुलासा बयान के आधार पर मामले में शामिल किया गया है, जो साक्ष्य के रूप में मान्य नहीं है। यह भी कहा गया कि आरोपी से किसी प्रकार की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
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वहीं, पीड़ित पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए घटना की गंभीरता का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फिलहाल रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी की प्रत्यक्ष संलिप्तता सिद्ध होती हो। इस आधार पर अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
बरवाला के पास गांव मतलौडा निवासी 25 वर्षीय रमन कुमार के खिलाफ 29 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 27 नवंबर को वह अपने दोस्तों के साथ उचाना में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। इसी दौरान बरवाला में एक होटल के बाहर कहासुनी हो गई, जिसके बाद कुछ युवकों ने उन पर लाठी-डंडों, तलवार और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में अमित और उसका एक साथी घायल हो गए थे, जबकि उनकी गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए थे।
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आरोपी पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि रमन कुमार का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है और उसे केवल सह-आरोपी के खुलासा बयान के आधार पर मामले में शामिल किया गया है, जो साक्ष्य के रूप में मान्य नहीं है। यह भी कहा गया कि आरोपी से किसी प्रकार की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
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वहीं, पीड़ित पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए घटना की गंभीरता का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फिलहाल रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी की प्रत्यक्ष संलिप्तता सिद्ध होती हो। इस आधार पर अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।