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सिवानी को हिसार से जोड़ने की घोषणा पांच साल बाद भी अधूरी
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पवन प्रेम सारस्वत
सिवानी मंडी। पांच साल पहले आज ही के दिन सीएम मनोहर लाल ने सिवानी को भिवानी से हटाकर हिसार जिले से जोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक घोषणा पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। जिला परिवर्तन संघर्ष समिति 32 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव पारित करवाकर सीएम को दे चुकी है। यह मामला विधानसभा तक में उठ चुका है। 8 जुलाई 2017 को बस स्टैंड के सामने प्रदेशस्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में सीएम ने यह घोषणा की थी।
पंजाब से अलग होने के बाद बने नए हरियाणा में सिवानी 12 वर्षों तक हिसार का हिस्सा था। वर्ष 1979 में भिवानी नया जिला बना तो इसे भिवानी में शामिल कर दिया। करीब दो दशक से यहां के लोग सिवानी को हिसार जिला में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हिसार मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है जबकि उपमंडल के गांव बड़वा से भिवानी मुख्यालय की दूरी करीब 72 किलोमीटर पड़ती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुले मंच से सिवानी को भिवानी से हटाकर हिसार में जोड़ने की घोषणा की थी। जिसका वहां मौजूद भीड़ ने तालियां और जिंदाबाद के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया था। यह घोषणा सीएम की चुनावी रैली में भी चर्चा का विषय बनी थी और सीएम ने इसे चुनावों के बाद सत्ता में आने पर पूरा करने का भरोसा दिलाया था, मगर यह घोषण अभी तक महज घोषणा तक ही सीमित होकर गुमनामी के गलियों में कैद हो गई है।
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समिति जिला परिवर्तन संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र लखेरा, उपाध्यक्ष अधिवक्ता स्वरूप बादल , दिलीप गोदारा झुंपा, प्रवक्ता एडवोकेट सुनील परिहार ने बताया कि जिला परिवर्तन को लेकर वे सारे प्रयास कर चुके हैं लेकिन घोषणा महज एक जुमला निकला। वे 32 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के अलावा धरने और प्रदर्शन भी कर चुके है मगर सरकार की नीयत में खोट है। पूर्व विधायक ओमप्रकाश बड़वा इस मामले को विधानसभा में भी उठा चुके हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद बड़ा ही सम्माननीय पद है। उनके मुख से कही हुई बात अपना प्रभाव रखती है और वो लागू होती है। सिवानी को हिसार मे शामिल करने की घोषणा कर उस पर किसी तरह का अमल न होना बहुत ही सोचनीय बात है।
इस बारे में शीशराम मेचू जिला कांग्रेस कोऑर्डिनेटर, भिवानी ने कहा कि यह सरकार झूठे जुमले की सरकार है। मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए नई-नई घोषणा करते रहते हैं। सिवानी के लोगों के साथ भी झूठ बोलकर छलावा किया है। संवाद
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सिवानी मंडी। पांच साल पहले आज ही के दिन सीएम मनोहर लाल ने सिवानी को भिवानी से हटाकर हिसार जिले से जोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक घोषणा पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। जिला परिवर्तन संघर्ष समिति 32 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव पारित करवाकर सीएम को दे चुकी है। यह मामला विधानसभा तक में उठ चुका है। 8 जुलाई 2017 को बस स्टैंड के सामने प्रदेशस्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में सीएम ने यह घोषणा की थी।
पंजाब से अलग होने के बाद बने नए हरियाणा में सिवानी 12 वर्षों तक हिसार का हिस्सा था। वर्ष 1979 में भिवानी नया जिला बना तो इसे भिवानी में शामिल कर दिया। करीब दो दशक से यहां के लोग सिवानी को हिसार जिला में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हिसार मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है जबकि उपमंडल के गांव बड़वा से भिवानी मुख्यालय की दूरी करीब 72 किलोमीटर पड़ती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुले मंच से सिवानी को भिवानी से हटाकर हिसार में जोड़ने की घोषणा की थी। जिसका वहां मौजूद भीड़ ने तालियां और जिंदाबाद के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया था। यह घोषणा सीएम की चुनावी रैली में भी चर्चा का विषय बनी थी और सीएम ने इसे चुनावों के बाद सत्ता में आने पर पूरा करने का भरोसा दिलाया था, मगर यह घोषण अभी तक महज घोषणा तक ही सीमित होकर गुमनामी के गलियों में कैद हो गई है।
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समिति जिला परिवर्तन संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेंद्र लखेरा, उपाध्यक्ष अधिवक्ता स्वरूप बादल , दिलीप गोदारा झुंपा, प्रवक्ता एडवोकेट सुनील परिहार ने बताया कि जिला परिवर्तन को लेकर वे सारे प्रयास कर चुके हैं लेकिन घोषणा महज एक जुमला निकला। वे 32 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव के अलावा धरने और प्रदर्शन भी कर चुके है मगर सरकार की नीयत में खोट है। पूर्व विधायक ओमप्रकाश बड़वा इस मामले को विधानसभा में भी उठा चुके हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद बड़ा ही सम्माननीय पद है। उनके मुख से कही हुई बात अपना प्रभाव रखती है और वो लागू होती है। सिवानी को हिसार मे शामिल करने की घोषणा कर उस पर किसी तरह का अमल न होना बहुत ही सोचनीय बात है।
इस बारे में शीशराम मेचू जिला कांग्रेस कोऑर्डिनेटर, भिवानी ने कहा कि यह सरकार झूठे जुमले की सरकार है। मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए नई-नई घोषणा करते रहते हैं। सिवानी के लोगों के साथ भी झूठ बोलकर छलावा किया है। संवाद