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Hindi News ›   Haryana ›   After Geetika, Pooja, the third wrestler will bring the final Panghal Arjun Award.

Haryana: गीतिका, पूजा के बाद तीसरी पहलवान अंतिम पंघाल लाएंगी अर्जुन अवार्ड, पिता ने बेटी के लिए छोड़ा गांव

Fri, 15 Dec 2023 10:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 15 Dec 2023 10:04 AM IST
सार

महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने एशियाई खेलों से पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था। अंतिम ने पहली बार 2023 में एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। एशियाई खेल 2023 में सबसे पहले मेडल दिलाने पहलवान अंतिम पंघाल थी।

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After Geetika, Pooja, the third wrestler will bring the final Panghal Arjun Award.
अंतिम पंघल - फोटो : Twitter

विस्तार

गीतिका जाखड़, पूजा ढांडा के बाद अब हिसार की बेटी अंतिम पंघाल को अर्जुन अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। इस साल वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप व एशियन चैंपियनशिप में अंतिम पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम चमकाया। अंतिम पंघाल ने वर्ल्ड कुश्ती में गोल्ड मेडल हासिल किया। एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। महज तीन महीने में उन्होंने दो बार पदक जीते। इस साल एशियन चैंपियनशिप के लिए विनेश फोगाट को बिना ट्रायल चुने जाने पर उनके चयन को चुनौती दी थी। विनेश को कुश्ती लड़ने की चुनौती दी। साथ ही अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था।

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हिसार की पहलवान ने मंगोलिया की पदक विजेता बात-ओचिर को 3-1 से हराकर कांस्य पदक जीता है। अंतिम पंघाल के पिता रामनिवास किसान हैं। माता कृष्णा गृहिणी हैं। चार बहनों में अंतिम सबसे छोटी हैं। उनका एक भाई भी है। अंतिम की बड़ी बहन सरिता कबड्डी की नेशनल खिलाड़ी हैं। महिला पहलवान अंतिम पंघाल ने एशियाई खेलों से पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था। अंतिम ने पहली बार 2023 में एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। एशियाई खेल 2023 में सबसे पहले मेडल दिलाने पहलवान अंतिम पंघाल थी।
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बेटी के लिए छोड़ा गांव
अंतिम पंघाल के पिता रामनिवास किसान हैं। पहले गांव में भगाना में रहते थे। बेटी की प्रैक्टिस के लिए वह गांव छोड़कर हिसार शहर की कॉलोनी में आकर बसे। माता कृष्णा गृहिणी हैं। चार बहनों में अंतिम सबसे छोटी हैं। चार बहनें पैदा होने के बाद परिजनों ने उसका नाम अंतिम रखा था। उनका एक भाई भी है। जब सरिता ने कबड्डी की शुरुआत की तो छोटी बहन अंतिम ने भी खेलने की बात कही। मगर, सरिता ने मना कर दिया और कबड्डी न खेलकर कुश्ती के लिए कहा। इसके बाद अंतिम मैट पर उतर गई और दाव-पेंच सीखना शुरू कर दिया। पिता रामनिवास ने बताया कि बेटी का सपना था कि वह कुश्ती में नाम रोशन करे।
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अंतिम पंघाल की उपलब्धियां
2022 में अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
2022 में अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक
2022 में अंडर-20 जूनियर वूमन नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
2021 में सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक

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