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Hisar News: डेंगू के बाद संभावित स्वाइन फ्लृू के 6 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे
Thu, 21 Nov 2024 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 21 Nov 2024 12:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। जिले में डेंगू बुखार के साथ-साथ संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल भी मेडिकल कॉलेज अग्रोहा की लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग की तरफ से 6 संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल भेजे गए थे। फिलहाल किसी भी सैंपल में स्वाइन फ्लृू की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं डेंगू बुखार का आंकड़ा 500 पार कर गया है। स्वाइन फ्लू और वायरल के लक्षण मिलते-जुलते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार होने पर डेंगू और स्वाइन फ्लू की जांच करवानी चाहिए।
संभावित सैंपल भेजे जा रहे हैं
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि सर्दी का आगाज हो चुका है। सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा बना रहता है। अभी तक इस सीजन में 6 संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट आ चुकी है, सैंपलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना दो से तीन सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक कर रहे हैं। उनको तीनों बुखार के लक्षण बताए जा रहे है। स्वाइन फ्लू एक संक्रमण बीमारी है जो व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है।
फिजिशियन डॉ. सुनील ने बताया कि इस मौसम में वायरल, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ओपीडी में 40 से 50 के करीब मरीज उपचार और दवा लेने के लिए आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
मांसपेशियों में दर्द, शरीर में दर्द, गले में दर्द, खांसी, छींक आना, तेज बुखार, थकान, बहता नाक।
स्वाइन फ्लू से बचाव
खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें। मास्क का इस्तेमाल करें।
भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं।
भरपूर मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर मास्क पहनें और हाथों को अच्छे से साफ करें।
मरीजों से मिलते समय दूरी का ध्यान रखें।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
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हिसार। जिले में डेंगू बुखार के साथ-साथ संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल भी मेडिकल कॉलेज अग्रोहा की लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग की तरफ से 6 संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल भेजे गए थे। फिलहाल किसी भी सैंपल में स्वाइन फ्लृू की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं डेंगू बुखार का आंकड़ा 500 पार कर गया है। स्वाइन फ्लू और वायरल के लक्षण मिलते-जुलते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार होने पर डेंगू और स्वाइन फ्लू की जांच करवानी चाहिए।
संभावित सैंपल भेजे जा रहे हैं
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि सर्दी का आगाज हो चुका है। सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा बना रहता है। अभी तक इस सीजन में 6 संभावित स्वाइन फ्लू के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट आ चुकी है, सैंपलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। रोजाना दो से तीन सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक कर रहे हैं। उनको तीनों बुखार के लक्षण बताए जा रहे है। स्वाइन फ्लू एक संक्रमण बीमारी है जो व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है।
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फिजिशियन डॉ. सुनील ने बताया कि इस मौसम में वायरल, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ओपीडी में 40 से 50 के करीब मरीज उपचार और दवा लेने के लिए आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
मांसपेशियों में दर्द, शरीर में दर्द, गले में दर्द, खांसी, छींक आना, तेज बुखार, थकान, बहता नाक।
स्वाइन फ्लू से बचाव
खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें। मास्क का इस्तेमाल करें।
भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं।
भरपूर मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर मास्क पहनें और हाथों को अच्छे से साफ करें।
मरीजों से मिलते समय दूरी का ध्यान रखें।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।