{"_id":"dbfb7aab3e2f9263ff58ca71220f980d","slug":"adulterated-milk-maze-a-fine-of-rs-five-lakh","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलावटी दूध का गोरखधंधा, पांच लाख रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलावटी दूध का गोरखधंधा, पांच लाख रुपये जुर्माना
hisar
Updated Fri, 25 Jul 2014 11:30 PM IST
विज्ञापन
चंद पैसों की खातिर लोगों की सेहत से खिलवाड़ मिलावटी दूध का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शहर में दूध के व्यापारी मिलावटी दूध तैयार कर अवैध कारोबार कर रहे हैं। इनको न तो कानून का कोई डर है और न ही पुलिस का। शहर में मिलावटी दूध के व्यापार को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से डीएफएसओ (डिस्ट्रिक्ट फूड सेफ्टी ऑफिसर) जितेंद्र यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैमरी रोड स्थित दिनेश चिलिंग सेंटर पर मिलावटी दूध बेचने के मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
लेबोरेटरी से रिपोर्ट आने के बाद दूध में एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) तत्व की कमी पाई गई। रिपोर्ट के आधार पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे मामलों में अधिकतम जुर्माना राशि पांच लाख रुपये ही है। संभवतया यह जिले में पहला मामला है, जिसमें अधिकतम जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
कैमरी रोड स्थित दिनेश चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा के दूध के टैंकर भी हैं, जो शहर के अलावा आसपास के क्षेत्र में भी दूध की सप्लाई करते हैं। पिछले काफी समय से मिलावटी दूध की कालाबाजारी बढ़ती जा रही है। इस ओर न ही प्रशासन का ध्यान था और न ही स्वास्थ्य विभाग का, लेकिन इतने बड़े जुर्माने से दूसरे व्यापारियों को कुछ सबक मिले और वे मिलावटी दूध का धंधा बंद कर दें।
डीएफएसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि शहर में लगातार का मिलावटी और नकली दूध बनाकर बेचने का गोरखधंधा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के आसपास के क्षेत्र में मिलावटी दूध का ज्यादा धंधा जोर पकड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दूध के इस धंधे पर लगाम लगाने के लिए विभाग की ओर से आगे भी ऐसी कार्रवाई होती रहेगी।
एडीसी राजनारायण कौशिक ने बताया कि मेरे पास रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई हैं। मिलावटी दूध बेचने के मामले में दिनेश चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
जितेंद्र यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति की शिकायत मिली थी कि कैमरी रोड स्थित दिनेश चिलिंग सेंटर पर दूध में मिलावट का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। व्यक्ति की शिकायत के आधार पर यादव ने दिनेश चिलिंग सेंटर पर छापा मारकर सारे दूध को जब्त कर लिया और दूध के सैंपल भरवाए। उन्होंने सैंपल को जांच के लिए लेबोरेटरी भिजवा दिए।
विज्ञापन
लेबोरेटरी से रिपोर्ट आने के बाद दूध में एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) तत्व की कमी पाई गई। रिपोर्ट के आधार पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे मामलों में अधिकतम जुर्माना राशि पांच लाख रुपये ही है। संभवतया यह जिले में पहला मामला है, जिसमें अधिकतम जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
कैमरी रोड स्थित दिनेश चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा के दूध के टैंकर भी हैं, जो शहर के अलावा आसपास के क्षेत्र में भी दूध की सप्लाई करते हैं। पिछले काफी समय से मिलावटी दूध की कालाबाजारी बढ़ती जा रही है। इस ओर न ही प्रशासन का ध्यान था और न ही स्वास्थ्य विभाग का, लेकिन इतने बड़े जुर्माने से दूसरे व्यापारियों को कुछ सबक मिले और वे मिलावटी दूध का धंधा बंद कर दें।
डीएफएसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि शहर में लगातार का मिलावटी और नकली दूध बनाकर बेचने का गोरखधंधा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के आसपास के क्षेत्र में मिलावटी दूध का ज्यादा धंधा जोर पकड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दूध के इस धंधे पर लगाम लगाने के लिए विभाग की ओर से आगे भी ऐसी कार्रवाई होती रहेगी।
एडीसी राजनारायण कौशिक ने बताया कि मेरे पास रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई हैं। मिलावटी दूध बेचने के मामले में दिनेश चिलिंग सेंटर के मालिक दिनेश शर्मा पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।