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Hisar News: ढंढूर में शेष कचरे के निस्तारण के लिए 5.08 करोड़ रुपये की प्रशासनिक अनुमति मिली
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हिसार। नगर निगम को ढंढूर में कचरे के ढेर के निस्तारण को लेकर 5.08 करोड़ रुपये की प्रशासनिक अनुमति मिली है। अब निगम को टेंडर लगाने के लिए तकनीकी मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद निगम की तरफ से टेंडर लगाया जाएगा। इस कचरे के निपटान को लेकर निगम पर एनजीटी का भी काफी दबाव है।
बता दें कि ढंढूर में निगम के पुराने डंपिंग स्टेशन पर 1 लाख 30 हजार टन कचरे का ढेर लगा हुआ था। हालांकि इसके निपटान को लेकर निगम ने 6.37 करोड़ रुपये में एक एजेंसी को टेंडर दिया था। इस दौरान एजेंसी ने 58 हजार टन कचरे का निस्तारण कर दिया। इसके बाद एजेंसी ने कहा कि जितनी राशि का यह टेंडर था, उतना कार्य उसने कर दिया है और उसने बाकी कचरे का निस्तारण करने से मना कर दिया। पिछले वर्ष एक आरटीआई कार्यकर्ता इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चला गया। मामले की सुनवाई में निगम ने अपना पक्ष रखते कहा कि उन्होंने बचे हुए कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नए डंपिंग स्टेशन पर भी पड़े कचरे की सुध लेगा निगम
उधर निगम के नए डंपिंग स्टेशन भी कचरा पड़ा है, जिसका निपटान किया जाना है। ढंढूर के पुराने डंपिंग स्टेशन पर कचरा डालने का विरोध होने के बाद निगम ने इस जगह कचरा डालना शुरू कर दिया था। चूंकि यहां कोई प्रोसेसिंग की व्यवस्था नहीं थी तो यहां भी कचरे के ढेर लगते गए। फिलहाल निगम की तरफ से इस कचरे का मूल्यांकन करवाया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि यहां कितना कचरा पड़ा है। इसके लिए निगम आईआईटी रुड़की या अन्य किसी सरकारी संस्थान की मदद लेगा।
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15 फरवरी से 11 से 20 वार्ड में भी एजेंसी उठाएगी घरों से कचरा
वहीं 15 फरवरी से शहर के वार्ड 11 से 20 में भी एजेंसी ही घरों से कचरे का उठान करेगी। एजेंसी की तरफ से डंपिंग स्टेशन पर प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले वार्ड 1 से 10 में भी एजेंसी के माध्यम से घरों से कचरा उठाया जा रहा है।
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बता दें कि ढंढूर में निगम के पुराने डंपिंग स्टेशन पर 1 लाख 30 हजार टन कचरे का ढेर लगा हुआ था। हालांकि इसके निपटान को लेकर निगम ने 6.37 करोड़ रुपये में एक एजेंसी को टेंडर दिया था। इस दौरान एजेंसी ने 58 हजार टन कचरे का निस्तारण कर दिया। इसके बाद एजेंसी ने कहा कि जितनी राशि का यह टेंडर था, उतना कार्य उसने कर दिया है और उसने बाकी कचरे का निस्तारण करने से मना कर दिया। पिछले वर्ष एक आरटीआई कार्यकर्ता इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चला गया। मामले की सुनवाई में निगम ने अपना पक्ष रखते कहा कि उन्होंने बचे हुए कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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नए डंपिंग स्टेशन पर भी पड़े कचरे की सुध लेगा निगम
उधर निगम के नए डंपिंग स्टेशन भी कचरा पड़ा है, जिसका निपटान किया जाना है। ढंढूर के पुराने डंपिंग स्टेशन पर कचरा डालने का विरोध होने के बाद निगम ने इस जगह कचरा डालना शुरू कर दिया था। चूंकि यहां कोई प्रोसेसिंग की व्यवस्था नहीं थी तो यहां भी कचरे के ढेर लगते गए। फिलहाल निगम की तरफ से इस कचरे का मूल्यांकन करवाया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि यहां कितना कचरा पड़ा है। इसके लिए निगम आईआईटी रुड़की या अन्य किसी सरकारी संस्थान की मदद लेगा।
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15 फरवरी से 11 से 20 वार्ड में भी एजेंसी उठाएगी घरों से कचरा
वहीं 15 फरवरी से शहर के वार्ड 11 से 20 में भी एजेंसी ही घरों से कचरे का उठान करेगी। एजेंसी की तरफ से डंपिंग स्टेशन पर प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले वार्ड 1 से 10 में भी एजेंसी के माध्यम से घरों से कचरा उठाया जा रहा है।

मार्ग पर वाहनो को रोकते ग्रामीण । संवाद

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