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Hisar News: कुत्ते के काटने से जख्मी 3 वर्षीय बच्चे ने एक माह बाद तोड़ा दम, पहले झोलाछाप से कराया उपचार, तबीयत बिगड़ने पर ले गए थे परिजन अस्पताल
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हिसार। गोरछी गांव के पास एक ईंट भट्ठे पर खेलते समय 3 साल के निखिल को करीब एक माह पहले कुत्ते ने काट लिया था। बाएं हाथ पर जख्म होने पर परिजनाें ने उसे गांव के एक झोला छाप चिकित्सक को दिखाया था। इंजेक्शन लगवाने के बाद बच्चा कुछ दिन ठीक रहा। मंगलवार को अचानक ज्यादा तबीयत खराब होने पर परिजन उसे सरकारी अस्पताल में लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में परिजन अंतिम संस्कार के लिए उसे अपने साथ ले गए।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गांव गुमाई निवासी अमर सिंह ने बताया कि वह करीब छह माह पहले पत्नी और तीन बच्चों के साथ गोरछी गांव के पास केबीसी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए आया था। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले छोटा बेटा निखिल अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने बेटे के बाएं हाथ पर काट लिया। जिस कारण जख्म हो गया। गांव के एक चिकित्सक को दिखाया तो उसने इंजेक्शन लगा दिया था। इसके बाद कुछ दिन तक बेटा ठीक रहा। सोमवार को फिर से हाथ में दर्द होने लगा तो उसे चौधरीवास गांव स्थित सीएचसी में लेकर आए। चिकित्सक ने दवा दे दी और कहा कि अगर ज्यादा दिक्कत हो तो नागरिक अस्पताल में दिखा लेना। मंगलवार सुबह दोबारा से बेटे की तबीयत बिगड़ गई तो उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कुत्ता, बंदर और बिल्ली के काटने पर 72 घंटे के अंदर लगवाएं रेबीज का टीका
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने के 72 घंटे के अंदर रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। अगर, इंजेक्शन नहीं लगवाया जाता तो धीरे धीरे यह घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुत्ता काटने पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। सरकारी अस्पताल में आयुष्मान और बीपीएल कार्ड धारकों को निशुल्क टीका लगाया जाता है, जबकि अन्य को एक इंजेक्शन के लिए 100 रुपये शुल्क देना पड़ता है।
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मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गांव गुमाई निवासी अमर सिंह ने बताया कि वह करीब छह माह पहले पत्नी और तीन बच्चों के साथ गोरछी गांव के पास केबीसी ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए आया था। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पहले छोटा बेटा निखिल अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने बेटे के बाएं हाथ पर काट लिया। जिस कारण जख्म हो गया। गांव के एक चिकित्सक को दिखाया तो उसने इंजेक्शन लगा दिया था। इसके बाद कुछ दिन तक बेटा ठीक रहा। सोमवार को फिर से हाथ में दर्द होने लगा तो उसे चौधरीवास गांव स्थित सीएचसी में लेकर आए। चिकित्सक ने दवा दे दी और कहा कि अगर ज्यादा दिक्कत हो तो नागरिक अस्पताल में दिखा लेना। मंगलवार सुबह दोबारा से बेटे की तबीयत बिगड़ गई तो उसे उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कुत्ता, बंदर और बिल्ली के काटने पर 72 घंटे के अंदर लगवाएं रेबीज का टीका
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने के 72 घंटे के अंदर रेबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है। अगर, इंजेक्शन नहीं लगवाया जाता तो धीरे धीरे यह घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुत्ता काटने पर 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। सरकारी अस्पताल में आयुष्मान और बीपीएल कार्ड धारकों को निशुल्क टीका लगाया जाता है, जबकि अन्य को एक इंजेक्शन के लिए 100 रुपये शुल्क देना पड़ता है।
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