{"_id":"78-61284","slug":"Hisar-61284-78","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपायुक्त धरनास्थल पर पहुंचे, वकीलाें का धरना खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपायुक्त धरनास्थल पर पहुंचे, वकीलाें का धरना खत्म
Hisar
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। भट्टूकलां के वकील सुरेश बंसल हत्याकांड मामले में सचिवालय में धरने पर बैठे वकीलाें की मांग को प्रशासन ने मंगलवार को मान लिया। इसके बाद वकीलाें ने सात दिन से चला आ रहा धरना उठा लिया। उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने तहसीलदार की भूमिका की जांच का आश्वासन दिया है। इसके साथ मामले की जांच कर रहे डीएसपी नृपजीत को जांच प्रक्रिया से हटाकर जांच का जिम्मा डीएसपी शमशेर दहिया को सौंप दिया गया है। सुरेश बंसल हत्याकांड के बाद से ही जिला के वकीलाें ने अपना वर्क सस्पेंड रखा है।
वकीलाें की मांग थी कि हत्याराें को शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाए व इस मामले में तहसीलदार की भूमिका की जांच की जाए। वकील डीएसपी की कार्यप्रणाली से नाखुश थे। हालांकि पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी व उनके दो शरणदाताआें को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन तहसीलदार के खिलाफ किसी तरह की जांच या कार्रवाई से प्रशासन बचता रहा।
उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने धरनास्थल पर पहुंचकर वकीलों को हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किए जाने के आश्वासन दिया और डीएसपी नृपजीत सिंह से जांच लेकर डीएसपी शमशेर सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा। इस पर बार एसोसिएशन के प्रधान सुशील बिश्नोई ने धरना 10 दिन के लिए स्थगित करने का ऐलान किया। इस अवसर पर एसोसिएशन की उपप्रधान प्रेम परमजीत कौर, विनय शर्मा, देवीलाल, हरजीत संधू, प्रवीन जोड़ा, एसएस थिंद, एसके बत्तरा, प्रवेश मेहता, बीएस शर्मा, देवेन्द्र कसवां, आरके तायल, गुलबहार सिंह एडवाकेट, उपेन्द्र गेरा, जगमोहन धारीवाल, भरत सिंह परिहार, सत्य बिश्नोई, प्रदीप बैनीवाल, अनिल सोलरा, राजबीर समैन, विनोद मदान, बलदेव कोचड, राजीव गोदारा, रामानंद, इन्द्र कड़वासरा, अनिल गोदारा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वकीलाें की मांग थी कि हत्याराें को शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाए व इस मामले में तहसीलदार की भूमिका की जांच की जाए। वकील डीएसपी की कार्यप्रणाली से नाखुश थे। हालांकि पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी व उनके दो शरणदाताआें को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन तहसीलदार के खिलाफ किसी तरह की जांच या कार्रवाई से प्रशासन बचता रहा।
विज्ञापन
उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने धरनास्थल पर पहुंचकर वकीलों को हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किए जाने के आश्वासन दिया और डीएसपी नृपजीत सिंह से जांच लेकर डीएसपी शमशेर सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा। इस पर बार एसोसिएशन के प्रधान सुशील बिश्नोई ने धरना 10 दिन के लिए स्थगित करने का ऐलान किया। इस अवसर पर एसोसिएशन की उपप्रधान प्रेम परमजीत कौर, विनय शर्मा, देवीलाल, हरजीत संधू, प्रवीन जोड़ा, एसएस थिंद, एसके बत्तरा, प्रवेश मेहता, बीएस शर्मा, देवेन्द्र कसवां, आरके तायल, गुलबहार सिंह एडवाकेट, उपेन्द्र गेरा, जगमोहन धारीवाल, भरत सिंह परिहार, सत्य बिश्नोई, प्रदीप बैनीवाल, अनिल सोलरा, राजबीर समैन, विनोद मदान, बलदेव कोचड, राजीव गोदारा, रामानंद, इन्द्र कड़वासरा, अनिल गोदारा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन