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मृतक भी ले रहे मनरेगा के तहत मजदूरी
Hisar
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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डबवाली (सिरसा)। गांव गंगा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी रोजगार ग्रामीण गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ऐसे लोगों के जॉब कार्ड बना दिए गए हैं, जो इस समय दुनिया में नहीं हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों के नाम भी मनरेगा दिहाड़ीदारों में शामिल किए गए हैं जो नियमित नौकरी में अच्छा खासा वेतन पा रहे हैं। इस गोरखधंधे का खुलासा आरटीआई के तहत मिली जानकारी में हुआ है। उपायुक्त डा. जे गणेसन ने इस मामले की जांच के आदेश खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डबवाली को दिए हैं।
गांव गंगा के आरटीआई कार्यकर्ता दविंद्र सिंह उर्फ डिंपल ने सूचना के अधिकार के तहत पंचायत का मनरेगा संबंधी रिकॉर्ड प्राप्त किया था। रिकॉर्ड के अनुसार, ऐसे लोग भी मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा मनरेगा सहायक भी अपना वेतन पाने के साथ-साथ दो जगहों पर मजदूरी करते दिखाए गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस संबंध में शिकायत उपायुक्त डा. गणेसन से करते हुए मनरेगा सहायक पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
उपायुक्त को भेजी शिकायत में आरटीआई कार्यकर्ता ने लिखा है कि गांव के सरपंच गुरादित्ता सिंह और सहायक राजवंत सिंह ने बड़े पैमाने पर मृतकों के नाम पर नाजायज तौर पर मजदूरी चढ़ा रखी है। सहायक राजवंत सिंह भी गांव में तीन जगह कार्य करने की एवज में पैसा ले रहा है। डिंपल के अनुसार, मनरेगा के तहत कार्य कर रहे सोहन सिंह पुत्र भूरा सिंह की मृत्यु 28 अप्रैल 2009, सरदूल सिंह पुत्र मल सिंह की मृत्यु 29 मार्च 2008, कीकर सिंह पुत्र नंद सिंह की मृत्यु 27 मई 2008, बूटा सिंह पुत्र करनैल सिंह की मृत्यु नौ अगस्त 2009, मेहता सिंह पुत्र अमरजीत सिंह की मृत्यु 31 मई 2005 को हो चुकी है।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सतेंद्र सिवाच ने इस संबंध में बताया कि उपायुक्त डा. गणेसन ने उपरोक्त मामले की जांच करने के आदेश उन्हें दिए हैं। जांच अधिकारी के तौर पर एबीपीओ दीपक कुमार को नियुक्त कर दिया गया है। दिसंबर माह में जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गांव गंगा के आरटीआई कार्यकर्ता दविंद्र सिंह उर्फ डिंपल ने सूचना के अधिकार के तहत पंचायत का मनरेगा संबंधी रिकॉर्ड प्राप्त किया था। रिकॉर्ड के अनुसार, ऐसे लोग भी मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा मनरेगा सहायक भी अपना वेतन पाने के साथ-साथ दो जगहों पर मजदूरी करते दिखाए गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस संबंध में शिकायत उपायुक्त डा. गणेसन से करते हुए मनरेगा सहायक पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
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उपायुक्त को भेजी शिकायत में आरटीआई कार्यकर्ता ने लिखा है कि गांव के सरपंच गुरादित्ता सिंह और सहायक राजवंत सिंह ने बड़े पैमाने पर मृतकों के नाम पर नाजायज तौर पर मजदूरी चढ़ा रखी है। सहायक राजवंत सिंह भी गांव में तीन जगह कार्य करने की एवज में पैसा ले रहा है। डिंपल के अनुसार, मनरेगा के तहत कार्य कर रहे सोहन सिंह पुत्र भूरा सिंह की मृत्यु 28 अप्रैल 2009, सरदूल सिंह पुत्र मल सिंह की मृत्यु 29 मार्च 2008, कीकर सिंह पुत्र नंद सिंह की मृत्यु 27 मई 2008, बूटा सिंह पुत्र करनैल सिंह की मृत्यु नौ अगस्त 2009, मेहता सिंह पुत्र अमरजीत सिंह की मृत्यु 31 मई 2005 को हो चुकी है।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सतेंद्र सिवाच ने इस संबंध में बताया कि उपायुक्त डा. गणेसन ने उपरोक्त मामले की जांच करने के आदेश उन्हें दिए हैं। जांच अधिकारी के तौर पर एबीपीओ दीपक कुमार को नियुक्त कर दिया गया है। दिसंबर माह में जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।