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किसानों को वैज्ञानिक खेती करने की सीख दी
Hisar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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हिसार। मानव इंस्टीट्यूट के मानव लोक विज्ञान क्लब ने गांव सरसौद के सामुदायिक केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आंचल के किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी देना है। कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि इन नई कृषि तकनीकों को अपनाकर फसलाें की पैदावार कैसे बढ़ाई जा सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डा. सीपी गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर जबलपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर और हरियाणा किसान आयोग के सलाहगार डा. डीपी सिंह थे। डा. सीपी गुप्ता ने लोक विज्ञान के उद्देश्यों के बारे में बताया और भविष्य में होने वाले मानव लोक विज्ञान के कार्यक्रमों का उल्लेख किया। सत्यवान बिचपड़ी (पूर्व सरपंच) ने किसानों को जागरूक होकर खेती को व्यवसाय के तरीकों से समझकर उत्तम खेती करने का आह्वान किया। डा. नीरू नरूला ने अजो एवं फास्फोटिका से गेहूं के बीजों के उपचार की विधि विस्तृत रूप से बताई। उन्होंने बताया कि इस विधि के द्वारा फसल की पैदावार को बढ़ाया जा सकता है और उन्होंने फसलों में बीमारी कम करने पर जोर दिया। डा. डीपी सिंह ने अमृत मिट्टी बनाने पर व्याख्यान दिया और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के बारे में बताया। डा. परुथी ने सूत्रकर्मी की समस्या के बारे में बताया। करतार सिंह भूतपूर्व कृषि अधिकारी ने किसानों को अपने खेत, पशुओं और अन्य संसाधनों का प्रयोग योजनागत तरीके से करने पर जो दिया और बायो गैस प्लांट का महत्व समझाया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डा. सीपी गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर जबलपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर और हरियाणा किसान आयोग के सलाहगार डा. डीपी सिंह थे। डा. सीपी गुप्ता ने लोक विज्ञान के उद्देश्यों के बारे में बताया और भविष्य में होने वाले मानव लोक विज्ञान के कार्यक्रमों का उल्लेख किया। सत्यवान बिचपड़ी (पूर्व सरपंच) ने किसानों को जागरूक होकर खेती को व्यवसाय के तरीकों से समझकर उत्तम खेती करने का आह्वान किया। डा. नीरू नरूला ने अजो एवं फास्फोटिका से गेहूं के बीजों के उपचार की विधि विस्तृत रूप से बताई। उन्होंने बताया कि इस विधि के द्वारा फसल की पैदावार को बढ़ाया जा सकता है और उन्होंने फसलों में बीमारी कम करने पर जोर दिया। डा. डीपी सिंह ने अमृत मिट्टी बनाने पर व्याख्यान दिया और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के बारे में बताया। डा. परुथी ने सूत्रकर्मी की समस्या के बारे में बताया। करतार सिंह भूतपूर्व कृषि अधिकारी ने किसानों को अपने खेत, पशुओं और अन्य संसाधनों का प्रयोग योजनागत तरीके से करने पर जो दिया और बायो गैस प्लांट का महत्व समझाया।
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