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शहीद को नमन करने मिठ्ठी पहुंचे हजारों लोग, छोटी पड़ गई मिठ्ठी गांव की गलियां
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अमर उजाला ब्यूरो
सिवानी मंडी। कश्मीर के कुलगाम में शहीद हुए भिवानी जिले के लाल सोमबीर का पार्थिव शरीर सोमवार देर रात बहल स्थित थाने में लाया गया था। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे सोमवीर का पार्थिव शरीर फूलों से सजी विशेष गाड़ी में मिठ्ठी पहुंचा तो गांववासी उनके नाम के जयकारे लगाने लगे। शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों ने पुष्पवर्षा की। दोपहर करीब 11 बजे के बाद शहीद सोमबीर की अंतिम यात्रा उनके निवास से निकली और ग्राम पंचायत की तरफ से विशेष रूप से उपलब्ध करवाई गई जगह पर पहुंची। दोपहर करीब 12 बजे शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस जवानों ने शस्त्र उलटे कर, जबकि पुलिस बैंड ने शोक धुन बजाकर शहीद को सलामी दी। शहीद सोमबीर के शव को उनके सात वर्षीय बेटे रोहित ने मुखाग्नि दी।
शहीद की पत्नी बोलीं- कलेजा तो तब ठंडा होगा, जब सारे आतंकी ठिकाने नष्ट होंगे
शहीद सोमबीर की पत्नी सुमन ने मंगलवार को वायुसेना की तरफ से आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई पर संतोष तो जाहिर किया, लेकिन कहा कि उनका कलेजा तो तब ठंडा होगा, जब पाकिस्तान के अंदर सभी आतंकी ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे। सेना को इस मुहिम को जारी रखना चाहिए, ताकि आतंक का जड़ से खात्मा हो सके। बेटी स्नेहा ने कहा कि आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को कुछ हद तक जवाब मिला है।
सांसद धर्मबीर ने शहीद के नाम स्टेडियम बनाने को 10 लाख देने की घोषणा की
सांसद धर्मबीर ने अपने कोष से शहीद के नाम खेल स्टेडियम के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। विधायक कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार की तरफ से शहीद के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
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सिवानी मंडी। कश्मीर के कुलगाम में शहीद हुए भिवानी जिले के लाल सोमबीर का पार्थिव शरीर सोमवार देर रात बहल स्थित थाने में लाया गया था। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे सोमवीर का पार्थिव शरीर फूलों से सजी विशेष गाड़ी में मिठ्ठी पहुंचा तो गांववासी उनके नाम के जयकारे लगाने लगे। शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों ने पुष्पवर्षा की। दोपहर करीब 11 बजे के बाद शहीद सोमबीर की अंतिम यात्रा उनके निवास से निकली और ग्राम पंचायत की तरफ से विशेष रूप से उपलब्ध करवाई गई जगह पर पहुंची। दोपहर करीब 12 बजे शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस जवानों ने शस्त्र उलटे कर, जबकि पुलिस बैंड ने शोक धुन बजाकर शहीद को सलामी दी। शहीद सोमबीर के शव को उनके सात वर्षीय बेटे रोहित ने मुखाग्नि दी।
शहीद की पत्नी बोलीं- कलेजा तो तब ठंडा होगा, जब सारे आतंकी ठिकाने नष्ट होंगे
शहीद सोमबीर की पत्नी सुमन ने मंगलवार को वायुसेना की तरफ से आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई पर संतोष तो जाहिर किया, लेकिन कहा कि उनका कलेजा तो तब ठंडा होगा, जब पाकिस्तान के अंदर सभी आतंकी ठिकाने पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे। सेना को इस मुहिम को जारी रखना चाहिए, ताकि आतंक का जड़ से खात्मा हो सके। बेटी स्नेहा ने कहा कि आतंक को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को कुछ हद तक जवाब मिला है।
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सांसद धर्मबीर ने शहीद के नाम स्टेडियम बनाने को 10 लाख देने की घोषणा की
सांसद धर्मबीर ने अपने कोष से शहीद के नाम खेल स्टेडियम के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। विधायक कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार की तरफ से शहीद के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
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