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ढोल से भी नहीं खुली अधिकारियों की नींद, चार महीने बाद भी सातरोड़ में अंधेरा
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चार महीने पहले सातरोड़ के लोगों के विरोध-प्रदर्शन का भी निगम और कांट्रेक्टर पर कोई असर नहीं। सातरोड़ में आज भी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कांट्रेक्टर पोल तक नहीं लगा रहा। ढोल बजाते हुए निगम अधिकारियों की नींद खोलने के लिए पार्षद के साथ निगम कार्यालय पहुंची जनता ने खुद स्ट्रीट लाइटें उतारकर निगम अधिकारियों की टेबल पर रख दी थीं। इस पर अधिकारियों ने उन्हें जल्द ही काम करवाने का आश्वासन दिया था। हालांकि पार्षद व अधिकारियों के बीच चली खींचतान भी हुई और खूब ड्रामा चला। कांट्रेक्टर ने अपनी लाइट उतारने को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी थी। अब दोबारा पार्षद राजपाल मांडू ने निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए लेटर थमाया है। उन्होंने कहा कि सातरोड़ में लगाई गई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। कांट्रेक्टर ने नए पोल भी नहीं लगाए। ऐसे में वे फिर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यह बोला कांट्रेक्टर
कांट्रेक्टर ने कहा कि ड्राइंग में ऐसा कुछ नहीं था। पोल सारे लग चुके हैं। आगे पोल लगने की मांग की जा रही है मगर वे ड्राइंग अनुसार नहीं है। पहले हम पोल लगा रहे थे, तब नगर निगम ने नहीं लगवाए। टेंडर व ड्राइंग से बाहर जाकर मैं काम नहीं करूंगा।
बिजली निगम ने किया पैनल बंद
कांट्रेक्टर राजेंद्र दूहन ने अपना पक्ष रखा है कि काम पूरा हो चुका है। एक गली में स्ट्रीट लाइट बंद है, वह हमारी वजह से नहीं बिजली निगम की वजह और वहां की आम जनता के कारण है। लोग स्ट्रीट लाइट कनेक्शन के जरिये बिजली चोरी कर रहे हैं, जिसके कारण ट्रांसफार्मर से बार-बार फ्यूज उड़ रहे हैं। इस समस्या के कारण बिजली निगम ने वहां लगा पैनल बंद कर दिया है।
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22 फरवरी को ढोल बजाते पहुंचे थे निगम कार्यालय
नगर निगम कार्यालय में 22 फरवरी को सातरोड़ के लोग पार्षद राजपाल मांडू के साथ बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें उतारकर साथ लेकर पहुंचे थे। पहले कार्यकारी अधिकारी अमन ढांडा और फिर मेयर शकुंतला राजलीवाला के कक्ष में पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने एक ईओ के टेबल और एक मेयर के टेबल पर स्ट्रीट लाइट रख दी। साथ ही उन्हें जलवाने और टेंडर के तहत काम पूरा होने की मांग की। इस पर मेयर के आश्वासन अधिकारियों के जवाब पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद ग्रामीण जिन लाइटों को अपने साथ लाए थे, उन्हें मेयर कक्ष में ही छोड़कर चले गए।
टेंडर का स्टेटस
जनवरी 2016 में वार्ड-11 के गांव सातरोड़ क्षेत्र में 62.64 लाख की लागत से 217 खंभे, 608 सिंगल ट्यूब लाइट और 221 चार ट्यूब की सिंगल लाइटें लगाने के लिए तीन टेंडर हुए। आज तक टेंडर के तहत कार्य पूरा नहीं हुआ। बहुत सी गलियों में स्ट्रीट लाइटें तो लगीं, लेकिन बंद पड़ी हैं।
कांट्रेक्टर का नोटिस निकाला गया है। आखिर कहां दिक्कत है, इसका कांट्रेक्टर से जवाब मांगा जाएगा। कांट्रेक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन कुमार, एमई नगर निगम
फोटो 53
- चार दिन का किया था वादा, चार महीने बीते, ग्रामीणों का फिर टूट सकता है सब्र का बांध
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हिसार।
चार महीने पहले सातरोड़ के लोगों के विरोध-प्रदर्शन का भी निगम और कांट्रेक्टर पर कोई असर नहीं। सातरोड़ में आज भी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कांट्रेक्टर पोल तक नहीं लगा रहा। ढोल बजाते हुए निगम अधिकारियों की नींद खोलने के लिए पार्षद के साथ निगम कार्यालय पहुंची जनता ने खुद स्ट्रीट लाइटें उतारकर निगम अधिकारियों की टेबल पर रख दी थीं। इस पर अधिकारियों ने उन्हें जल्द ही काम करवाने का आश्वासन दिया था। हालांकि पार्षद व अधिकारियों के बीच चली खींचतान भी हुई और खूब ड्रामा चला। कांट्रेक्टर ने अपनी लाइट उतारने को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी थी। अब दोबारा पार्षद राजपाल मांडू ने निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए लेटर थमाया है। उन्होंने कहा कि सातरोड़ में लगाई गई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। कांट्रेक्टर ने नए पोल भी नहीं लगाए। ऐसे में वे फिर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
यह बोला कांट्रेक्टर
कांट्रेक्टर ने कहा कि ड्राइंग में ऐसा कुछ नहीं था। पोल सारे लग चुके हैं। आगे पोल लगने की मांग की जा रही है मगर वे ड्राइंग अनुसार नहीं है। पहले हम पोल लगा रहे थे, तब नगर निगम ने नहीं लगवाए। टेंडर व ड्राइंग से बाहर जाकर मैं काम नहीं करूंगा।
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बिजली निगम ने किया पैनल बंद
कांट्रेक्टर राजेंद्र दूहन ने अपना पक्ष रखा है कि काम पूरा हो चुका है। एक गली में स्ट्रीट लाइट बंद है, वह हमारी वजह से नहीं बिजली निगम की वजह और वहां की आम जनता के कारण है। लोग स्ट्रीट लाइट कनेक्शन के जरिये बिजली चोरी कर रहे हैं, जिसके कारण ट्रांसफार्मर से बार-बार फ्यूज उड़ रहे हैं। इस समस्या के कारण बिजली निगम ने वहां लगा पैनल बंद कर दिया है।
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22 फरवरी को ढोल बजाते पहुंचे थे निगम कार्यालय
नगर निगम कार्यालय में 22 फरवरी को सातरोड़ के लोग पार्षद राजपाल मांडू के साथ बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें उतारकर साथ लेकर पहुंचे थे। पहले कार्यकारी अधिकारी अमन ढांडा और फिर मेयर शकुंतला राजलीवाला के कक्ष में पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने एक ईओ के टेबल और एक मेयर के टेबल पर स्ट्रीट लाइट रख दी। साथ ही उन्हें जलवाने और टेंडर के तहत काम पूरा होने की मांग की। इस पर मेयर के आश्वासन अधिकारियों के जवाब पर ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद ग्रामीण जिन लाइटों को अपने साथ लाए थे, उन्हें मेयर कक्ष में ही छोड़कर चले गए।
टेंडर का स्टेटस
जनवरी 2016 में वार्ड-11 के गांव सातरोड़ क्षेत्र में 62.64 लाख की लागत से 217 खंभे, 608 सिंगल ट्यूब लाइट और 221 चार ट्यूब की सिंगल लाइटें लगाने के लिए तीन टेंडर हुए। आज तक टेंडर के तहत कार्य पूरा नहीं हुआ। बहुत सी गलियों में स्ट्रीट लाइटें तो लगीं, लेकिन बंद पड़ी हैं।
कांट्रेक्टर का नोटिस निकाला गया है। आखिर कहां दिक्कत है, इसका कांट्रेक्टर से जवाब मांगा जाएगा। कांट्रेक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन कुमार, एमई नगर निगम
फोटो 53
- चार दिन का किया था वादा, चार महीने बीते, ग्रामीणों का फिर टूट सकता है सब्र का बांध