{"_id":"658dae3480a7badd4a0843b7","slug":"70-percent-farmers-land-purchased-now-nhai-will-complete-remaining-formalities-hisar-news-c-21-hsr1005-289109-2023-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: 70 प्रतिशत किसानों की जमीन खरीदी, अब एनएचएआई पूरी करेगा शेष औपचारिकताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: 70 प्रतिशत किसानों की जमीन खरीदी, अब एनएचएआई पूरी करेगा शेष औपचारिकताएं
विज्ञापन
हिसार।
एनएच 9 से एनएच 52 तक फोरलेन रोड निर्माण को लेकर बीएंडआर ने 70 प्रतिशत किसानों की जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है। चूंकि अब इस रोड को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) तैयार करेगा तो बीएंडआर इस प्रोजेक्ट को उसे सौंपने की तैयारी कर रहा है। अब बाकी की औपचारिकताएं एनएचएआई ही पूरी करेगा।
बता दें कि एयरपोर्ट के कारण हिसार-तलवंडी राणा सड़क मार्ग को बंद किया जा चुका है। इस मार्ग की जगह यह नया फोरलेन रोड बनाया जाएगा। आने वाले समय में हिसार से बरवाला और बरवाला से हिसार जाने वाले वाहनों इसी मार्ग से गुजारा जाएगा। नए फोरलेन रोड की लंबाई 8 किलोमीटर होगी। एनएच 9 पर यह रोड एमजी क्लब के पास शुरू होगा और एनएच 52 पर तलवंडी राणा जंक्शन के पास खत्म होगा। इसमें 1.52 मीटर का सेंट्रल वर्ज होगा। सेंट्रल वर्ज के दोनों तरफ सात-सात मीटर चौड़ी सड़क होगी। यह रोड एनएचएआई बनाएगा।
जमीन खरीदने पर खर्च हो चुके 94 करोड़ रुपये
इस रोड के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 153 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई है। इसमें से 123 करोड़ रुपये जमीन खरीदने व सिविल वर्क पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बीएंडआर अभी तक करीब 94 करोड़ रुपये जमीन खरीदने पर खर्च कर चुका है।
विज्ञापन
कुछ किसान जमीन न देने पर अड़े
सूत्रों की मानें तो कुछ किसान प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन नहीं देना चाहते। मगर एनएचएआई के पास पावर है कि किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट के लिए वह किसी की भी जमीन का अधिग्रहण कर सकता है। इसके अलावा जहां ज्यादातर किसान अपनी जमीन देना चाहते हैं, वहां उन किसानों को भी अपनी जमीन देनी पड़ती है, जो जमीन न देने के इच्छुक हैं।
ई-भूमि पोर्टल से मांगे थे आवेदन
इस जमीन के लिए प्रदेश सरकार से ई भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों से आवेदन मांगे गए थे। साथ ही जमीन देने के इच्छुक किसानों से यह भी पूछा गया था कि वह किस रेट पर अपनी जमीन देना चाहते हैं। इस दौरान 500 से ज्यादा किसानों ने अपनी जमीन बेचने में रुचि दिखाई। किसानों ने जमीन का रेट 1.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ लगाया था।
इस प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआई को सौंपने को लेकर सरकार को पत्र लिखा जाएगा। अब जितनी जमीन रह गई है, उसकी खरीद एनएचएसआई ही करेगी। -
रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
विज्ञापन
एनएच 9 से एनएच 52 तक फोरलेन रोड निर्माण को लेकर बीएंडआर ने 70 प्रतिशत किसानों की जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है। चूंकि अब इस रोड को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) तैयार करेगा तो बीएंडआर इस प्रोजेक्ट को उसे सौंपने की तैयारी कर रहा है। अब बाकी की औपचारिकताएं एनएचएआई ही पूरी करेगा।
बता दें कि एयरपोर्ट के कारण हिसार-तलवंडी राणा सड़क मार्ग को बंद किया जा चुका है। इस मार्ग की जगह यह नया फोरलेन रोड बनाया जाएगा। आने वाले समय में हिसार से बरवाला और बरवाला से हिसार जाने वाले वाहनों इसी मार्ग से गुजारा जाएगा। नए फोरलेन रोड की लंबाई 8 किलोमीटर होगी। एनएच 9 पर यह रोड एमजी क्लब के पास शुरू होगा और एनएच 52 पर तलवंडी राणा जंक्शन के पास खत्म होगा। इसमें 1.52 मीटर का सेंट्रल वर्ज होगा। सेंट्रल वर्ज के दोनों तरफ सात-सात मीटर चौड़ी सड़क होगी। यह रोड एनएचएआई बनाएगा।
विज्ञापन
जमीन खरीदने पर खर्च हो चुके 94 करोड़ रुपये
इस रोड के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से 153 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई है। इसमें से 123 करोड़ रुपये जमीन खरीदने व सिविल वर्क पर 32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बीएंडआर अभी तक करीब 94 करोड़ रुपये जमीन खरीदने पर खर्च कर चुका है।
विज्ञापन
कुछ किसान जमीन न देने पर अड़े
सूत्रों की मानें तो कुछ किसान प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन नहीं देना चाहते। मगर एनएचएआई के पास पावर है कि किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट के लिए वह किसी की भी जमीन का अधिग्रहण कर सकता है। इसके अलावा जहां ज्यादातर किसान अपनी जमीन देना चाहते हैं, वहां उन किसानों को भी अपनी जमीन देनी पड़ती है, जो जमीन न देने के इच्छुक हैं।
ई-भूमि पोर्टल से मांगे थे आवेदन
इस जमीन के लिए प्रदेश सरकार से ई भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों से आवेदन मांगे गए थे। साथ ही जमीन देने के इच्छुक किसानों से यह भी पूछा गया था कि वह किस रेट पर अपनी जमीन देना चाहते हैं। इस दौरान 500 से ज्यादा किसानों ने अपनी जमीन बेचने में रुचि दिखाई। किसानों ने जमीन का रेट 1.12 करोड़ रुपये प्रति एकड़ लगाया था।
इस प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआई को सौंपने को लेकर सरकार को पत्र लिखा जाएगा। अब जितनी जमीन रह गई है, उसकी खरीद एनएचएसआई ही करेगी। -
रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर