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Hisar News: दो बार मिली हार से सीख लेकर जज्बे के साथ पदक की दौड़ में उतरे 60 वर्षीय स्वरूप सिंह ने जीता सोना
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पदक और सर्टिफिकेट के साथ स्वरूप सिंह।
हिसार। प्रतिभा के आगे उम्र मायने नहीं रखती। 60 की उम्र में बगला गांव के स्वरूप सिंह ने दो बार नेशनल चैंपियनशिप में हार का सामना किया। इस बार फिर हार से सीख लेकर जज्बे के साथ पदक की दौड़ में उतरे और सोना जीतकर लौटे।
स्वरूप सिंह ने केरल राज्य के त्रिशूर जिला के कुन्नाम्कुलम शहर में हुई 6वीं सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 4 गुना 400 मीटर रिले दौड़ में केरल, आंध्रप्रदेश, मणिपुर व तेलंगाना के खिलाड़ियों को पिछाड़ कर स्वर्ण पदक हासिल किया। हरियाणा टीम में स्वरूप सिंह के अलावा टोहाना के मुंशी राम, नरवाना के कृष्ण कुमार और रोहतक के सतबीर हुड्डा शामिल रहे।
कॉलेज समय में शुरू की थी एथलेटिक्स
स्वरूप सिंह ने बताया कि गांव बगला में खेत की ढाणी में रहते हैं और वहीं पर दौड़ का अभ्यास करते हैं। चैंपियनशिप 31 जनवरी से 3 फरवरी तक हुई थी। वह कॉलेज समय से ही एथलेटिक्स खेल रहे हैं। वर्ष 1986 में डीएन कॉलेज के छात्र थे। उस समय कॉलेज में एथलेटिक्स की विंग थी। कॉलेज समय में 16 किलोमीटर क्राॅस कंट्री चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2023 में स्वरूप सिंह ने फिर से मैदान पर वापसी के लिए तैयारी शुरू की और कोलकाता में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया। इस दौरान पदक से चूक गए। पुणे में हुई नेशनल चैंपियनशिप में तबीयत ठीक नहीं होने के कारण पदक से दूरी बनी रही। दो बार पदक नहीं जीतने की टीस दिल में बनी रही। इसके बाद फिर से जमकर अभ्यास किया और इस बार सोना जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
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डाइट में ले रहे ड्राईफ्रूट, दूध, खजूर
स्वरूप सिंह बताते हैं कि वह सुबह-शाम ढाणी में ही अभ्यास कर रहे हैं। कभी-कभी सीसवाल के स्टेडियम में अभ्यास करने चले जाते हैं। 60 साल की उम्र में भी पूरी तरह फिट हैं। चलते समय उन्हें थकावट नहीं होती है। वह डाइट में ड्राईफ्रूट से लेकर दूध और खजूर लेते हैं। तली हुई चीजों से दूर रहते हैं। स्वरूप सिंह बताते है कि अब वह एशियाई खेलों में भाग लेंगे, जोकि इसी माह थाइलैंड या फिर मलयेशिया में होने हैं।
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स्वरूप सिंह ने केरल राज्य के त्रिशूर जिला के कुन्नाम्कुलम शहर में हुई 6वीं सीनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 4 गुना 400 मीटर रिले दौड़ में केरल, आंध्रप्रदेश, मणिपुर व तेलंगाना के खिलाड़ियों को पिछाड़ कर स्वर्ण पदक हासिल किया। हरियाणा टीम में स्वरूप सिंह के अलावा टोहाना के मुंशी राम, नरवाना के कृष्ण कुमार और रोहतक के सतबीर हुड्डा शामिल रहे।
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कॉलेज समय में शुरू की थी एथलेटिक्स
स्वरूप सिंह ने बताया कि गांव बगला में खेत की ढाणी में रहते हैं और वहीं पर दौड़ का अभ्यास करते हैं। चैंपियनशिप 31 जनवरी से 3 फरवरी तक हुई थी। वह कॉलेज समय से ही एथलेटिक्स खेल रहे हैं। वर्ष 1986 में डीएन कॉलेज के छात्र थे। उस समय कॉलेज में एथलेटिक्स की विंग थी। कॉलेज समय में 16 किलोमीटर क्राॅस कंट्री चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2023 में स्वरूप सिंह ने फिर से मैदान पर वापसी के लिए तैयारी शुरू की और कोलकाता में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया। इस दौरान पदक से चूक गए। पुणे में हुई नेशनल चैंपियनशिप में तबीयत ठीक नहीं होने के कारण पदक से दूरी बनी रही। दो बार पदक नहीं जीतने की टीस दिल में बनी रही। इसके बाद फिर से जमकर अभ्यास किया और इस बार सोना जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
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डाइट में ले रहे ड्राईफ्रूट, दूध, खजूर
स्वरूप सिंह बताते हैं कि वह सुबह-शाम ढाणी में ही अभ्यास कर रहे हैं। कभी-कभी सीसवाल के स्टेडियम में अभ्यास करने चले जाते हैं। 60 साल की उम्र में भी पूरी तरह फिट हैं। चलते समय उन्हें थकावट नहीं होती है। वह डाइट में ड्राईफ्रूट से लेकर दूध और खजूर लेते हैं। तली हुई चीजों से दूर रहते हैं। स्वरूप सिंह बताते है कि अब वह एशियाई खेलों में भाग लेंगे, जोकि इसी माह थाइलैंड या फिर मलयेशिया में होने हैं।