{"_id":"5b6602a44f1c1bcb2e8b4898","slug":"51533412004-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल पहले हुई हत्या के मामले में 36 आरोपियों में से 23 दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल पहले हुई हत्या के मामले में 36 आरोपियों में से 23 दोषी करार
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। दिसंबर 2012 में अर्बन इस्टेट में हुई गैंगवार में हत्या के मामले में कोर्ट ने 23 आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में कुल 36 लोगों को केस में आरोपी बनाया गया था। गैंगवार में चैनत गांव के 22 वर्षीय संदीप की हत्या हो गई थी।
पुलिस ने विक्रम बिसला और समुद्र बिसला की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया था। शनिवार को डॉ. पंकज कुमार की अदालत ने 36 आरोपियों में से 23 को इस हत्या के लिए दोषी ठहराया है। कोर्ट ने महेंद्र, शमशेर, कपिल, सीलू, जितेंद्र, निरपेंद्र, लवकुश, मुकेश, रामअवतार, राजेंद्र, नितेश, बलजीत, संदीप, राकेश, साहिल, कर्ण, चापसिंह, चेतल, बंटी, शिबू, जसवंत, मोनू व सुरेंद्र को दोषी करार दिया है। आरोपियों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। संदीप की मौत के बाद ही उसके पिता कृष्ण की सदमे से मौत हो गई थी।
यह है मामला
अर्बन इस्टेट में 30 दिसंबर 2012 को बिसला गुट व इंद्र गुर्जर गुट में आमने-सामने ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। मुठभेड़ में फिल्मी स्टाइल में सरेआम छतों पर चढ़कर काफी देर तक फायर किए गए थे। इस मामले में बिसला गुट के संदीप चैन्नत की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त जग्गी उर्फ जगदीश गुर्जर की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
संदीप का नहीं था अपराध से वास्ता
गैंगवार में मारे गए संदीप चैनत का अपराध से कोई वास्ता नहीं था। गांव में सब उसे जोजो के नाम से जानते थे। वह अपने माता-पिता का इकलौता था। खेती करने वाला मजबूत कद काठी का संदीप पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। घटना के दिन वह अपने एक दोस्त के साथ हिसार आया था। दोस्त के कहने पर ही वह वारदात की जगह पर गया था। घटना के वक्त संदीप की उम्र 22 वर्ष थी। उसकी करीब एक साल पहलेे ही शादी हुई थी। उसकी तीन महीने की बेटी थी। संदीप की मौत के बाद ही उसके पिता कृष्ण की सदमे से मौत हो गई थी।
हिसार। दिसंबर 2012 में अर्बन इस्टेट में हुई गैंगवार में हत्या के मामले में कोर्ट ने 23 आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में कुल 36 लोगों को केस में आरोपी बनाया गया था। गैंगवार में चैनत गांव के 22 वर्षीय संदीप की हत्या हो गई थी।
पुलिस ने विक्रम बिसला और समुद्र बिसला की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया था। शनिवार को डॉ. पंकज कुमार की अदालत ने 36 आरोपियों में से 23 को इस हत्या के लिए दोषी ठहराया है। कोर्ट ने महेंद्र, शमशेर, कपिल, सीलू, जितेंद्र, निरपेंद्र, लवकुश, मुकेश, रामअवतार, राजेंद्र, नितेश, बलजीत, संदीप, राकेश, साहिल, कर्ण, चापसिंह, चेतल, बंटी, शिबू, जसवंत, मोनू व सुरेंद्र को दोषी करार दिया है। आरोपियों को 13 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। संदीप की मौत के बाद ही उसके पिता कृष्ण की सदमे से मौत हो गई थी।
विज्ञापन
यह है मामला
अर्बन इस्टेट में 30 दिसंबर 2012 को बिसला गुट व इंद्र गुर्जर गुट में आमने-सामने ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। मुठभेड़ में फिल्मी स्टाइल में सरेआम छतों पर चढ़कर काफी देर तक फायर किए गए थे। इस मामले में बिसला गुट के संदीप चैन्नत की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त जग्गी उर्फ जगदीश गुर्जर की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
संदीप का नहीं था अपराध से वास्ता
गैंगवार में मारे गए संदीप चैनत का अपराध से कोई वास्ता नहीं था। गांव में सब उसे जोजो के नाम से जानते थे। वह अपने माता-पिता का इकलौता था। खेती करने वाला मजबूत कद काठी का संदीप पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। घटना के दिन वह अपने एक दोस्त के साथ हिसार आया था। दोस्त के कहने पर ही वह वारदात की जगह पर गया था। घटना के वक्त संदीप की उम्र 22 वर्ष थी। उसकी करीब एक साल पहलेे ही शादी हुई थी। उसकी तीन महीने की बेटी थी। संदीप की मौत के बाद ही उसके पिता कृष्ण की सदमे से मौत हो गई थी।