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बीए की छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर जेई को 7 साल की कैद
Updated Tue, 20 Feb 2018 01:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने दो साल पहले एफसी कॉलेज की एक छात्रा द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने पर चौथा मिल निवासी एवं जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अजय कुमार को सात साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे वीरवार को दोषी करार देकर उसके चाचा कृष्ण को छेड़छाड़ के आरोप से बरी कर दिया था। अदालत ने शिकायतकर्ता के मुकरने के बावजूद जेई को दोषी मानकर सजा सुनाई है।
एफसी कॉलेज प्रबंधन ने 18 मार्च 2016 को फोन कर पुलिस के कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि कॉलेज के टॉयलेट में बीए प्रथम वर्ष की 24 साल की एक छात्रा की डेड बॉडी फंदे में लटक रही है। उसके बाद सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव कब्जे में लिया था। सिरसा रोड निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बयान देकर चौथा मिल निवासी जेई अजय कुमार को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया था। उसने कहा था कि मेरी बेटी ने मुझे कुछ दिन पहले बताया था कि अजय शादी का झांसा देकर दो साल से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा है। वह उसे एक बार सालासर ले गया था। उसने रास्ते में एक होटल में शारीरिक संबंध बनाए थे और एक मंदिर में ले जाकर उससे शादी की। व्यक्ति ने कहा था कि उसे पता चला है कि उसकी बेटी अजय से गर्भवती हुई थी। तब अजय ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया था। अजय ने उसकी बेटी को किराये का एक मकान दिलाया था। वह वहां भी उसकी बेटी से संबंध बनाता रहा। अजय ने उसकी बेटी से अब कहा कि वह शादी नहीं कर सकता। वह रखैल बनकर रह सकती है तो रह ले। इससे तंग होकर मेरी बेटी ने आत्महत्या की है। युवती ने नामजद की शादी से दो दिन पहले आत्महत्या की थी। सिटी थाना पुलिस ने अजय के खिलाफ बार-बार दुष्कर्म करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने और उसके चाचा कृष्ण के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। कृष्ण का नाम सुसाइड नोट के आधार पर शामिल किया गया था। पुलिस ने युवती का एक सुसाइड नोट बरामद किया था। उसने सुसाइड नोट में अपनी सारी दास्तान लिखी थी।
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हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने दो साल पहले एफसी कॉलेज की एक छात्रा द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने पर चौथा मिल निवासी एवं जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अजय कुमार को सात साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे वीरवार को दोषी करार देकर उसके चाचा कृष्ण को छेड़छाड़ के आरोप से बरी कर दिया था। अदालत ने शिकायतकर्ता के मुकरने के बावजूद जेई को दोषी मानकर सजा सुनाई है।
एफसी कॉलेज प्रबंधन ने 18 मार्च 2016 को फोन कर पुलिस के कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि कॉलेज के टॉयलेट में बीए प्रथम वर्ष की 24 साल की एक छात्रा की डेड बॉडी फंदे में लटक रही है। उसके बाद सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव कब्जे में लिया था। सिरसा रोड निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बयान देकर चौथा मिल निवासी जेई अजय कुमार को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया था। उसने कहा था कि मेरी बेटी ने मुझे कुछ दिन पहले बताया था कि अजय शादी का झांसा देकर दो साल से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा है। वह उसे एक बार सालासर ले गया था। उसने रास्ते में एक होटल में शारीरिक संबंध बनाए थे और एक मंदिर में ले जाकर उससे शादी की। व्यक्ति ने कहा था कि उसे पता चला है कि उसकी बेटी अजय से गर्भवती हुई थी। तब अजय ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया था। अजय ने उसकी बेटी को किराये का एक मकान दिलाया था। वह वहां भी उसकी बेटी से संबंध बनाता रहा। अजय ने उसकी बेटी से अब कहा कि वह शादी नहीं कर सकता। वह रखैल बनकर रह सकती है तो रह ले। इससे तंग होकर मेरी बेटी ने आत्महत्या की है। युवती ने नामजद की शादी से दो दिन पहले आत्महत्या की थी। सिटी थाना पुलिस ने अजय के खिलाफ बार-बार दुष्कर्म करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने और उसके चाचा कृष्ण के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। कृष्ण का नाम सुसाइड नोट के आधार पर शामिल किया गया था। पुलिस ने युवती का एक सुसाइड नोट बरामद किया था। उसने सुसाइड नोट में अपनी सारी दास्तान लिखी थी।
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