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लाल डोरे में आने वाली आवासीय संपत्तियों के बकाया गृहकर के एकमुश्त भुगतान पर 50 फीसदी की छूट
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हिसार। शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) ने नगर निगम एरिया में शामिल किए गए गांवों के लाल डोरे में आने वाली आवासीय संपत्तियों के बकाया गृहकर के एकमुश्त भुगतान पर 50 प्रतिशत छूट की घोषणा की है। इसके तहत गृहकर धारक 31 अक्तूबर 2024 तक इस घोषणा का फायदा उठा सकेंगे। चूंकि हिसार नगर निगम के गठन के समय सातरोड़ गांव को निगम में शामिल किया गया था तो गांव के लाल डोरे के दायरे में आनी वाली आवासीय संपत्तियों के मालिकों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि वार्ड के पार्षद इस घोषणा से अंसतुष्ट हैं। उनकी मानें तो पानीपत व सोनीपत की तर्ज पर पहले उनका वर्ष 2017 तक का पूरा गृहकर माफ किया जाए।
वार्ड-11 की पार्षद सरोज बाला व मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू ने बताया कि पूर्व निकाय मंत्री कविता जैन के समय पानीपत व सोनीपत नगर निगम में शामिल किए गए गांवों का वर्ष 2017 तक 100 प्रतिशत गृहकर माफ कर दिया गया था। सोनीपत व पानीपत को 4 अप्रैल 2018 को नगर निगम का दर्जा मिला था, जबकि हिसार नगर निगम को 27 मार्च 2010 में नगर निगम का दर्जा मिला था। सिर्फ चार दिन पहले हिसार नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा मिलने के कारण उन्हें इस घोषणा का फायदा नहीं दिया गया था। हालांकि यह मामला हाउस की बैठकों में उठाया गया था। इस प्रस्ताव को पास कर सरकार को भिजवाया गया था। बावजूद इसके उन्हें उस घोषणा का आज तक लाभ नहीं मिला। दोनों पार्षदों की मानें तो जिस समय सातरोड़ को नगर निगम में शामिल किया गया था, उस समय उनके पास कोई सुविधा नहीं थी, जबकि उनके गृहकर तभी से वसूला जा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें भी सोनीपत व पानीपत की तरह वर्ष 2017 तक का गृहकर में 100 प्रतिशत छूट का फायदा दिया जाए।
सातरोड़ में 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियां लाल डोरे के दायरे में
पार्षदों की मानें तो सातरोड़ में 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियां लाल डोरे के दायरे में स्थित हैं। इनकी संख्या करीब 3500 है। इन सभी आवासीय संपत्तियों को इस घोषणा का फायदा मिलेगा।
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वार्ड-11 की पार्षद सरोज बाला व मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू ने बताया कि पूर्व निकाय मंत्री कविता जैन के समय पानीपत व सोनीपत नगर निगम में शामिल किए गए गांवों का वर्ष 2017 तक 100 प्रतिशत गृहकर माफ कर दिया गया था। सोनीपत व पानीपत को 4 अप्रैल 2018 को नगर निगम का दर्जा मिला था, जबकि हिसार नगर निगम को 27 मार्च 2010 में नगर निगम का दर्जा मिला था। सिर्फ चार दिन पहले हिसार नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा मिलने के कारण उन्हें इस घोषणा का फायदा नहीं दिया गया था। हालांकि यह मामला हाउस की बैठकों में उठाया गया था। इस प्रस्ताव को पास कर सरकार को भिजवाया गया था। बावजूद इसके उन्हें उस घोषणा का आज तक लाभ नहीं मिला। दोनों पार्षदों की मानें तो जिस समय सातरोड़ को नगर निगम में शामिल किया गया था, उस समय उनके पास कोई सुविधा नहीं थी, जबकि उनके गृहकर तभी से वसूला जा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें भी सोनीपत व पानीपत की तरह वर्ष 2017 तक का गृहकर में 100 प्रतिशत छूट का फायदा दिया जाए।
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सातरोड़ में 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियां लाल डोरे के दायरे में
पार्षदों की मानें तो सातरोड़ में 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियां लाल डोरे के दायरे में स्थित हैं। इनकी संख्या करीब 3500 है। इन सभी आवासीय संपत्तियों को इस घोषणा का फायदा मिलेगा।
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