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Hisar News: 45 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा से चढ़ाई करना था मुश्किल, एनर्जी ज्यादा, स्पीड हो रही कम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:15 PM IST
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45 km. It was difficult to climb with the wind blowing at the speed of 1 hour per hour, energy was more, speed was decreasing.
पर्वतारोही रीना भाटी को सम्मानित करते अग्रसैन भवन ट्रस्ट के प्रधान अंजनी खारियावाला व अन्य।
हिसार। श्यामलाल बाग की पर्वतारोही रीना भट्टी ने नेपाल की अमा डबलम (6812 मीटर) चोटी पर भारत का तिरंगा फहराया है। हिसार पहुंचने पर शुक्रवार को महाराजा अग्रसेन भवन ट्रस्ट की ओर से अग्रसेन भवन में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रीना को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। पत्रकारवार्ता में रीना भट्टी ने बताया कि कैंप-3 में जब वह 6300 मीटर ऊंचाई पर पहुंची तो 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। उस समय चढ़ाई करना काफी मुश्किल था। एनर्जी ज्यादा लग रही थी और चढ़ाई की स्पीड काफी कम हो गई। डेढ़ घंटे तक कैंप-3 में डटी रही। इस दौरान हौसला नहीं हारा। 15 अक्तूबर को सुबह 10:24 बजे अमा डबलम चोटी पर तिरंगा फहराया। बता दें कि अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत पर्वतारोही रीना भट्टी को अमर उजाला की ओर से एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
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चोटी फतह करने वाली हरियाणा की पहली महिला पर्वतारोही बनीं
रीना ने बताया कि अमा डबलम चोटी को फतह करने के साथ ही वह हरियाणा प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही बन गई हैं। रीना भट्टी ने कहा कि आमा डबलम पर फतेह पाने के अभियान के दौरान तीन पीक को फतह किया है। इसमें काला पत्थर, आइसलैंड पीक जैसी तकनीकी माउंटेन भी क्लाइंब किया, जो सिर्फ 15 दिन में पूरा किया। इस सफर की शुरुआत 19 सितंबर को हुई थी। इससे पहले रीना ने साउथ अफ्रीका की किलिमंजारो चोटी के अलावा 24 घंटे में माउंट एल्ब्रुस चोटी को फतह कर इतिहास रचा था।
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लद्दाख में चादर ट्रैक से की थी ट्रैकिंग की शुरुआत
रीना भट्टी ने बताया कि उसने ट्रैकिंग की शुरुआत लद्दाख में चादर ट्रैक से की। चादर ट्रैक यानि माइनस तापमान में नदी के पानी की जमीं हुई बर्फ पर ट्रैकिंग करना होता है। पर्वतारोही का बेसिक कोर्स किया। तकनीकी चीजों को समझा। एडवांस कोर्स भी किया। इस दौरान माउंट एवरेस्ट के बारे में भी पढ़ा-जाना। इसके बाद मैंने नवंबर 2019 में साउथ अफ्रीका में माउंट किलिमंजारो की चोटी पर चढ़ाई की। रीना का कहना है कि बेशक हम अपने देश में तिरंगे को कितना भी सम्मान देते हो, लेकिन दूसरे देश में जाकर तिरंगा फहराने का अनुभव, खुशी, जोश और जुनून अलग ही होता है।
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जोखिम भरा सफर तय कर पाई उपलब्धि
ट्रस्ट के प्रधान अंजनी खारियावाला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश व देश के लिए गौरव की बात है कि हिसार की बेटी ने जोखिम भरा सफर तय करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रीना ने ऐसे हालातों का सामना करते हुए अपने मजबूत इरादों में सफलता पाई। रीना के माता-पिता व सहयोगियों को बधाई। इस मौके पर ट्रस्ट के उपप्रधान प्यारेलाल लाहौरिया, कोषाध्यक्ष रामनिवास कोहलीवाला, समाजसेवी एनके गोयल, सत्यपाल अग्रवाल, होशियारीमल बंसल, दीपक गर्ग, सज्जन मित्तल, संजय डालमिया, अनिल सिंगला मंगालीवाला, सुरेंद्र दुर्जनपुरिया, गजानंद गर्ग, देवेंद्र गर्ग, सुरेंद्र बागड़ी, दनीचंद गोयल, अभिमन्यु बंसल, प्रदीप गोयल आदि शामिल रहे।
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