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लघु सचिवालय पर कर्मचारी संगठनों ने गिरफ्तारी के लिए किया प्रदर्शन
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कर्मचारी संगठनों ने लघु सचिवालय पर चार घंटे प्रदर्शन किया। कर्मचारी गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रशासन ने सात गाड़ियों में कर्मचारियों को बैठाकर पुलिस लाइन भेजा। इसके बाद भी कर्मचारी लघु सचिवालय के गेट पर डटे रहे। शाम पांच बजे तक सभी की गिरफ्तारी न होने पर कर्मचारी प्रशासन को नकारा घोषित करते हुए लौट गए।
सैकड़ों की संख्या में आशा वर्कर्स के साथ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एचएयूट गेट नंबर चार से लघुु सचिवालय पहुंचे। कर्मचारियों के पहुंचने पर पुुलिस प्रशासन ने लघु सचिवालय के गेट बंद करा दिए। प्रदर्शनकारी गेट पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। करीब ढाई बजे कर्मचारियों ने गिरफ्तारी का एलान किया। मौके पर मौजूद एसडीएम परमजीत चहल, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता ने पुलिस प्रशासन को बसें लाने का निर्देश दिया। सिविल लाइन एसएचओ मनदीप सांगवान ने गाड़ियों को आगे लाकर कर्मचारियों को उसमें बैठाना शुरू किया।
सात बसों में कर्मचारियों को बैठाकर साउथ बाईपास से ले जाते हुए 16 किलोमीटर का चक्कर लगवाकर पुलिस लाइन में उतार दिया गया। यहां महिला कर्मचारियों ने फिर से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू किया।
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लघु सचिवालय के बाहर बचे कर्मचारी गिरफ्तारी की मांग पर अडे़ रहे। करीब साढे़ चार बजे रोडवेज की एक बस बुलाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि सभी बसों को एक साथ बुलाओ। एसडीएम ने इससे अधिक बस बुलाने में असमर्थता जाहिर की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मान ने मंच से संबोधित कर प्रशासन को नकारा कहते हुए वापस लौटने का एलान किया। सुरेंद्र मान ने कहा कि हिसार प्रशासन हमारी गिरफ्तारी नहीं ले पा रहा। अब हम आंदोलन की अगली रणनीति पर काम करेंगे।
धक्का-मुक्की के बीच तनाव
कर्मचारियों की बस भरकर पुलिस ले जाने लगी तो गेट खोलने को लेकर कर्मचारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद मौके पर अधिक पुलिस कर्मी बुलाए गए।
इन संगठनों ने लिया हिस्सा
आशा वर्कर, सीटू, एटक, इंटक, सर्व कर्मचारी संघ, महासंघ, एआई यूटीयूसी, कर्मचारी महासंघ, बैंक बीमा। जेल भरो आंदोलन की अध्यक्षता सीटू के कामरेड देशराज, एटक के कामरेड रूप सिंह, इंटक के जयप्रकाश, बैंक से तरसेम अग्रवाल, सर्व कर्मचारी संघ के सुरेंद्र मान, कर्मचारी महासंघ के राजबीर बैनीवाल, एआईयूटीयूसी मेहर सिंह बांगड़ ने की। कर्मचारी महासंघ के देशराज वर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के नरेश गौतम ने संचालन किया।
प्रमुख मांगें
-आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करे।
-न्यूनतम वेतन 18000 घोषित किया जाए।
-सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देें।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- सभी खाली पदों पर भर्ती की जाए।
- ठेका प्रथा बंद की जाए।
510 को भेजा पुलिस लाइन, कोई गिरफ्तार नहीं
पुलिस ने सात वाहनों में करीब 510 से अधिक कर्मचारियों को बैठाकर पुलिस लाइन भेजा। इसमें सबसे अधिक संख्या में आशा वर्कर्स शामिल थीं। जिला प्रशासन ने रिकॉर्ड में किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई।
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हिसार।
अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कर्मचारी संगठनों ने लघु सचिवालय पर चार घंटे प्रदर्शन किया। कर्मचारी गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। प्रशासन ने सात गाड़ियों में कर्मचारियों को बैठाकर पुलिस लाइन भेजा। इसके बाद भी कर्मचारी लघु सचिवालय के गेट पर डटे रहे। शाम पांच बजे तक सभी की गिरफ्तारी न होने पर कर्मचारी प्रशासन को नकारा घोषित करते हुए लौट गए।
सैकड़ों की संख्या में आशा वर्कर्स के साथ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एचएयूट गेट नंबर चार से लघुु सचिवालय पहुंचे। कर्मचारियों के पहुंचने पर पुुलिस प्रशासन ने लघु सचिवालय के गेट बंद करा दिए। प्रदर्शनकारी गेट पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। करीब ढाई बजे कर्मचारियों ने गिरफ्तारी का एलान किया। मौके पर मौजूद एसडीएम परमजीत चहल, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता ने पुलिस प्रशासन को बसें लाने का निर्देश दिया। सिविल लाइन एसएचओ मनदीप सांगवान ने गाड़ियों को आगे लाकर कर्मचारियों को उसमें बैठाना शुरू किया।
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सात बसों में कर्मचारियों को बैठाकर साउथ बाईपास से ले जाते हुए 16 किलोमीटर का चक्कर लगवाकर पुलिस लाइन में उतार दिया गया। यहां महिला कर्मचारियों ने फिर से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू किया।
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लघु सचिवालय के बाहर बचे कर्मचारी गिरफ्तारी की मांग पर अडे़ रहे। करीब साढे़ चार बजे रोडवेज की एक बस बुलाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि सभी बसों को एक साथ बुलाओ। एसडीएम ने इससे अधिक बस बुलाने में असमर्थता जाहिर की। सर्व कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र मान ने मंच से संबोधित कर प्रशासन को नकारा कहते हुए वापस लौटने का एलान किया। सुरेंद्र मान ने कहा कि हिसार प्रशासन हमारी गिरफ्तारी नहीं ले पा रहा। अब हम आंदोलन की अगली रणनीति पर काम करेंगे।
धक्का-मुक्की के बीच तनाव
कर्मचारियों की बस भरकर पुलिस ले जाने लगी तो गेट खोलने को लेकर कर्मचारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद मौके पर अधिक पुलिस कर्मी बुलाए गए।
इन संगठनों ने लिया हिस्सा
आशा वर्कर, सीटू, एटक, इंटक, सर्व कर्मचारी संघ, महासंघ, एआई यूटीयूसी, कर्मचारी महासंघ, बैंक बीमा। जेल भरो आंदोलन की अध्यक्षता सीटू के कामरेड देशराज, एटक के कामरेड रूप सिंह, इंटक के जयप्रकाश, बैंक से तरसेम अग्रवाल, सर्व कर्मचारी संघ के सुरेंद्र मान, कर्मचारी महासंघ के राजबीर बैनीवाल, एआईयूटीयूसी मेहर सिंह बांगड़ ने की। कर्मचारी महासंघ के देशराज वर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के नरेश गौतम ने संचालन किया।
प्रमुख मांगें
-आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करे।
-न्यूनतम वेतन 18000 घोषित किया जाए।
-सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देें।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- सभी खाली पदों पर भर्ती की जाए।
- ठेका प्रथा बंद की जाए।
510 को भेजा पुलिस लाइन, कोई गिरफ्तार नहीं
पुलिस ने सात वाहनों में करीब 510 से अधिक कर्मचारियों को बैठाकर पुलिस लाइन भेजा। इसमें सबसे अधिक संख्या में आशा वर्कर्स शामिल थीं। जिला प्रशासन ने रिकॉर्ड में किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई।