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Hisar News: अंधड़ से बिजली के 280 खंभे और 1,000 पेड़ गिरे
Mon, 26 May 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 26 May 2025 01:22 AM IST
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हांसी बस स्टैंड हुआ जलभराव
हांसी। क्षेत्र में शनिवार रात अंधड़ और बारिश ने सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया। हांसी सहित नारनौंद व बास में बिजली के 280 खंभे और करीब 1000 पेड़ गिर गए। इससे आधे शहर में 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, वहीं शेष आधे हिस्से में रविवार शाम तक बिजली बहाल नहीं हुई थी। वहीं, 55 गांवों में 12 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बारिश के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर 9 पर रात 11:30 बजे गीता चौक के पास एक कार असंतुलित होकर फुटपाथ पर जा चढ़ी। इसके कुछ देर बाद एक पिकअप गाड़ी असंतुलित होने से कार से जा भिड़ी। इनके अलावा एक अन्य गाड़ी भी फुटपाथ पर चढ़ गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर एनएचएआई की क्रेन की मदद से कार को फुटपाथ से उतारा।
हांसी में भिवानी रोड पर स्थित 132 केवी के बिजली घर से रेलवे रोड स्थित 33 केवी सब स्टेशन पर जाने वाली 33 हजार केवी लाइन पर छह पेड़ गिरने से लाइनें टूट गईं। रविवार शाम करीब पांच बजे लाइनें जोड़कर सब स्टेशन को शुरू किया गया। इस वजह से शहर के आधे हिस्से में सुबह करीब आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। वहीं, दयाल सिंह कॉलोनी स्थित 33 केवी सब स्टेशन के अधीन आने वाले क्षेत्रों में सुबह 10 बजे बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। शेष आधे हिस्से में रात 7 बजे तक बिजली आई, लेकिन लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
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निचले हिस्सों में जलभराव
बारिश से शहर के निचले हिस्सों में जलभराव हो गया। एसडी कॉलेज रोड, बड़सी गेट से विश्वकर्मा चौक, तिकोना पार्क से उमरा गेट, मंडी सैनियान, गांधी कॉलोनी सहित शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे पर जलभराव हो गया। हालांकि रविवार शाम तक सभी जगह से पानी की निकासी हो गई। वहीं, बस स्टैंड ने स्वीमिंग पूल जैसा रूप ले लिया। पानी भरने से यात्रियों को बसों तक जाने में और उतरने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां रविवार रात तक पानी की निकासी नहीं हो पाई थी।
शिकायत केंद्र पर नहीं मिले कर्मचारी
उमरा गेट स्थित कार्यालय में दो शिकायत केंद्र हैं। यहां रविवार सुबह से ही कर्मचारियों ने फोन उठाने बंद कर दिए। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार कॉल की, लेकिन एक बार भी कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया। इसके चलते लोगों को शिकायत केंद्र जाना पड़ा। हालांकि वहां भी कर्मचारी नहीं मिले।
नारनौंद और बास क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेड़ गिरे
नारनौंद व बास क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेड़ गिरे हैं। पेड़ों के गिरने के कारण शनिवार रात हांसी से जींद, बरवाला रोड, बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुआ। इसके अलावा रामायण रोड भी बाधित हुआ। वन विभाग के कर्मचारियों ने रात को ही जेसीबी की मदद से पेड़ों को हटाया। वहीं, लिंक रोड पर गिरे पेड़ों को सुबह कर्मचारियों की मदद से हटवाया गया।
शेड उड़े, चहारदीवारी भी गिरी
अंधड़ के कारण गांव गुर्जरबाड़ा में पशु डेयरी में लगा शेड उड़ गया। इससे दो मवेशी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए गोशाला में भेजा गया। इसके अलावा गांव में एक मकान की मुंडेर गिर गई। गनीमत रही की जनहानि नहीं हुई।
-- -अंधड़ के कारण करीब 280 खंभे गिरे हैं। कर्मचारी शनिवार रात से ही व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं। पेट्रोलिंग करके टूटी लाइनों को जोड़कर जल्द से जल्द बिजली सप्लाई दी जा रही है। निगम के साथ ठेकेदार के कर्मचारी भी कार्य में लगे हुए हैं।
- सुरेंद्र मेहरा, एक्सईएन, बिजली निगम
-- -पूरे डिविजन में करीब एक हजार पेड़ गिरे हैं। सबसे ज्यादा नारनौंद व बास क्षेत्र में पेड़ गिरे। आंधी से पेड़ों को काफी नुकसान हुआ है। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटवा दिया था बचा हुआ कार्य भी पूरा किया जाएगा।
- रमेश यादव, रेंजर, वन विभाग
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बिजली के खंभे गिरे, घंटों बाधित रही बिजली
बरवाला। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में शनिवार रात अंधड़ और बारिश के कारण खंभे गिरने और बिजली लाइनों के टूटने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। सड़कों के किनारे खड़े पेड़ टूटने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। ढाणी प्रेम नगर में एक गोदाम का छप्पर उखड़ कर पास लगते मकानों पर जा गिरा। इससे मकानों को भारी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि मकान में रह रहे लोगों व उनके पशुओं को नुकसान नहीं पहुंचा है। बिजली लाइनों को दुरुस्त करने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद ही ज्यादातर क्षेत्र में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। क्षेत्र के कई गांवों व शहर के कुछ हिस्सों में तो रात तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। इस कारण जलघरों से पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी। ढाणी प्रेम नगर निवासी रामफल, विनोद व संदीप ने बताया कि उनके घरों के पास फसलों को रखने का गोदाम है। अंधड़ के दौरान गोदाम का छप्पर व इसके पोल उनके घरों के ऊपर आ गिरे। इस दौरान गोदाम की दीवार भी ढह गई। मकान मालिकों ने बताया कि शुक्र है कि उनका बचाव हो गया।
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सौर ऊर्जा पैनल की प्लेटें टूटीं, खंभे-पेड़ गिरने से बिजली बाधित
बास। कस्बे में शनिवार देर रात अंधड़ और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई गांवों में खेतों में लगे सोलर पैनल की प्लेटें टूट गईं, तो कहीं खंभे व पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं हुई। गांव मोठ करनैल की किसान बिमला देवी ने बताया कि अंधड़ से उनके खेत में लगे सोलर पंप के 13 में से 5 पैनल टूट गए। वहीं, भैणी अमीरपुर गांव के किसान कृष्ण लोहान और अनूप ने बताया कि उनके खेतों में ट्रांसफार्मर के डबल पोल गिर गए, जिससे बिजली बाधित है। गांव उगालन में रामकुमार के मकान का लेंटर गिर गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
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बारिश के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर 9 पर रात 11:30 बजे गीता चौक के पास एक कार असंतुलित होकर फुटपाथ पर जा चढ़ी। इसके कुछ देर बाद एक पिकअप गाड़ी असंतुलित होने से कार से जा भिड़ी। इनके अलावा एक अन्य गाड़ी भी फुटपाथ पर चढ़ गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर एनएचएआई की क्रेन की मदद से कार को फुटपाथ से उतारा।
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हांसी में भिवानी रोड पर स्थित 132 केवी के बिजली घर से रेलवे रोड स्थित 33 केवी सब स्टेशन पर जाने वाली 33 हजार केवी लाइन पर छह पेड़ गिरने से लाइनें टूट गईं। रविवार शाम करीब पांच बजे लाइनें जोड़कर सब स्टेशन को शुरू किया गया। इस वजह से शहर के आधे हिस्से में सुबह करीब आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। वहीं, दयाल सिंह कॉलोनी स्थित 33 केवी सब स्टेशन के अधीन आने वाले क्षेत्रों में सुबह 10 बजे बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। शेष आधे हिस्से में रात 7 बजे तक बिजली आई, लेकिन लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
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निचले हिस्सों में जलभराव
बारिश से शहर के निचले हिस्सों में जलभराव हो गया। एसडी कॉलेज रोड, बड़सी गेट से विश्वकर्मा चौक, तिकोना पार्क से उमरा गेट, मंडी सैनियान, गांधी कॉलोनी सहित शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे पर जलभराव हो गया। हालांकि रविवार शाम तक सभी जगह से पानी की निकासी हो गई। वहीं, बस स्टैंड ने स्वीमिंग पूल जैसा रूप ले लिया। पानी भरने से यात्रियों को बसों तक जाने में और उतरने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यहां रविवार रात तक पानी की निकासी नहीं हो पाई थी।
शिकायत केंद्र पर नहीं मिले कर्मचारी
उमरा गेट स्थित कार्यालय में दो शिकायत केंद्र हैं। यहां रविवार सुबह से ही कर्मचारियों ने फोन उठाने बंद कर दिए। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार कॉल की, लेकिन एक बार भी कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया। इसके चलते लोगों को शिकायत केंद्र जाना पड़ा। हालांकि वहां भी कर्मचारी नहीं मिले।
नारनौंद और बास क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेड़ गिरे
नारनौंद व बास क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेड़ गिरे हैं। पेड़ों के गिरने के कारण शनिवार रात हांसी से जींद, बरवाला रोड, बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुआ। इसके अलावा रामायण रोड भी बाधित हुआ। वन विभाग के कर्मचारियों ने रात को ही जेसीबी की मदद से पेड़ों को हटाया। वहीं, लिंक रोड पर गिरे पेड़ों को सुबह कर्मचारियों की मदद से हटवाया गया।
शेड उड़े, चहारदीवारी भी गिरी
अंधड़ के कारण गांव गुर्जरबाड़ा में पशु डेयरी में लगा शेड उड़ गया। इससे दो मवेशी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए गोशाला में भेजा गया। इसके अलावा गांव में एक मकान की मुंडेर गिर गई। गनीमत रही की जनहानि नहीं हुई।
- सुरेंद्र मेहरा, एक्सईएन, बिजली निगम
- रमेश यादव, रेंजर, वन विभाग
बिजली के खंभे गिरे, घंटों बाधित रही बिजली
बरवाला। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में शनिवार रात अंधड़ और बारिश के कारण खंभे गिरने और बिजली लाइनों के टूटने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। सड़कों के किनारे खड़े पेड़ टूटने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। ढाणी प्रेम नगर में एक गोदाम का छप्पर उखड़ कर पास लगते मकानों पर जा गिरा। इससे मकानों को भारी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि मकान में रह रहे लोगों व उनके पशुओं को नुकसान नहीं पहुंचा है। बिजली लाइनों को दुरुस्त करने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद ही ज्यादातर क्षेत्र में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। क्षेत्र के कई गांवों व शहर के कुछ हिस्सों में तो रात तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। इस कारण जलघरों से पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी। ढाणी प्रेम नगर निवासी रामफल, विनोद व संदीप ने बताया कि उनके घरों के पास फसलों को रखने का गोदाम है। अंधड़ के दौरान गोदाम का छप्पर व इसके पोल उनके घरों के ऊपर आ गिरे। इस दौरान गोदाम की दीवार भी ढह गई। मकान मालिकों ने बताया कि शुक्र है कि उनका बचाव हो गया।
सौर ऊर्जा पैनल की प्लेटें टूटीं, खंभे-पेड़ गिरने से बिजली बाधित
बास। कस्बे में शनिवार देर रात अंधड़ और बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई गांवों में खेतों में लगे सोलर पैनल की प्लेटें टूट गईं, तो कहीं खंभे व पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो 24 घंटे बाद भी बहाल नहीं हुई। गांव मोठ करनैल की किसान बिमला देवी ने बताया कि अंधड़ से उनके खेत में लगे सोलर पंप के 13 में से 5 पैनल टूट गए। वहीं, भैणी अमीरपुर गांव के किसान कृष्ण लोहान और अनूप ने बताया कि उनके खेतों में ट्रांसफार्मर के डबल पोल गिर गए, जिससे बिजली बाधित है। गांव उगालन में रामकुमार के मकान का लेंटर गिर गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

हांसी बस स्टैंड हुआ जलभराव