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एक दिन में 26 केस, 8 लोगों को पालतू कुत्तों ने काटा
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शहर में खुंखार कुत्तों की भरमार इतनी ज्यादा है कि नागरिक अस्पताल में लगातार तीसरे दिन भी कुत्तों के काटने से घायल हुए लोग पहुंचे। बुधवार को नागरिक अस्पताल में 26 मामले पहुंचे। इससे पूर्व मंगलवार को 20 तो सोमवार को 44 मामले आए थे। हालांकि यह सरकारी आंकड़ा है। कई डॉग बाइट के शिकार लोग उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल में भी जाते हैं। ऐसे में इसकी संख्या और अधिक बढ़ जाती है, लेकिन प्रशासन को शायद इसकी बिल्कुल भी परवाह नहीं।
पालतू कुत्ते भी बना रहे लोगों को शिकार
कुत्तों के काटने के मामले में अक्सर स्ट्रीट डॉग पर ही कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन बुधवार को अस्पताल में पहुंचे डॉग बाइट के 26 में से 8 मामले पालतू कुत्तों के थे। यह 8 मामले ऐसे थे जिनमें पालतू कुत्तों ने लोगों को काटा था। नियमों के मुताबिक नगर निगम में पालतू कुत्ते का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है, लेकिन नगर निगम में अभी तक सिर्फ 20 कुत्तों का ही पंजीकरण हुआ है। इससे जहां एक ओर नगर निगम की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों में इस बारे जागरुकता के अभाव का भी आभास हो रहा है। वहीं अगर किसी को जानकारी है भी तो शायद उन्हें कुत्ते पालने का तो शौक है लेकिन नियमों की पालना करने का नहीं।
अस्पताल में स्टॉक पूरा
अस्पताल स्टाफ के मुताबिक डॉग बाइट के शिकार लोगों को एंटी रेबिज इंजेक्शन लगाया जाता है। अगर किसी को कुत्ते ने गंभीर काटा हो तो उसे सीरम लगाया जाता है। स्टाफ के अनुसार अस्पताल में इस वक्त स्टॉक पूरा है। बीपीएल कार्ड धारक को नागरिक अस्पताल में एंटी रेेबिज इंजेक्शन और सीरम निशुल्क लगाया जाता है व अन्य से 100 रुपये फीस ली जाती है। वहीं प्राइवेट अस्पताल में एंटी रेबिज इंजेक्शन की कीमत करीब 400 रुपये व सीरम की कीमत 10 हजार रुपये या इससे अधिक भी होती है।
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पालतू कुत्ते भी बना रहे लोगों को शिकार
कुत्तों के काटने के मामले में अक्सर स्ट्रीट डॉग पर ही कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन बुधवार को अस्पताल में पहुंचे डॉग बाइट के 26 में से 8 मामले पालतू कुत्तों के थे। यह 8 मामले ऐसे थे जिनमें पालतू कुत्तों ने लोगों को काटा था। नियमों के मुताबिक नगर निगम में पालतू कुत्ते का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है, लेकिन नगर निगम में अभी तक सिर्फ 20 कुत्तों का ही पंजीकरण हुआ है। इससे जहां एक ओर नगर निगम की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों में इस बारे जागरुकता के अभाव का भी आभास हो रहा है। वहीं अगर किसी को जानकारी है भी तो शायद उन्हें कुत्ते पालने का तो शौक है लेकिन नियमों की पालना करने का नहीं।
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अस्पताल में स्टॉक पूरा
अस्पताल स्टाफ के मुताबिक डॉग बाइट के शिकार लोगों को एंटी रेबिज इंजेक्शन लगाया जाता है। अगर किसी को कुत्ते ने गंभीर काटा हो तो उसे सीरम लगाया जाता है। स्टाफ के अनुसार अस्पताल में इस वक्त स्टॉक पूरा है। बीपीएल कार्ड धारक को नागरिक अस्पताल में एंटी रेेबिज इंजेक्शन और सीरम निशुल्क लगाया जाता है व अन्य से 100 रुपये फीस ली जाती है। वहीं प्राइवेट अस्पताल में एंटी रेबिज इंजेक्शन की कीमत करीब 400 रुपये व सीरम की कीमत 10 हजार रुपये या इससे अधिक भी होती है।
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