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ओपी चौटाला ने खूब सम्मान दिया, फिर पार्टी दो फाड़ होने पर हो गया असहज:रणबीर गंगवा
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नलवा से विधायक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद रणबीर सिंह गंगवा का कहना है कि वह 20 साल तक इनेलो में रहे। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने भी उन्हें खूब मान-सम्मान दिया। मगर गोहाना रैली के बाद पार्टी दो फाड़ हो गई। वहां कार्य करने में खुद को असहज महसूस करता रहा। कार्यकर्ताओं का भी दबाव था कि कोई निर्णय लें। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा को ज्वाइन किया है। अब भाजपा उनको जो भी जिम्मेदारी देगी, उस पर वह खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
गंगवा शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नलवा हलके से आए अपने कार्यकर्ताओं को भी आगामी रणनीति के बारे में विस्तार से बताया।
जेजेपी में जाकर आपसी विवाद में नहीं पड़ना चाहता था
रणबीर गंगवा ने कहा कि उनके सामने इनेलो छोड़ने पर तीन विकल्प थे। जेजेपी, कांग्रेस और बीजेपी। जेजेपी में शामिल होकर वह आपसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते थे। दूसरी तरफ बीजेपी के नेताओं ने भी उनके साथ लगातार संपर्क बनाया हुआ था। समर्थकों के रुझान व बीजेपी की कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में पूरे देश के लोगों का विश्वास भाजपा सरकार के प्रति और अधिक दृढ़ हुआ है। लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देश को सुरक्षित मान रहे हैं। नौकरियों में पारदर्शिता से हर कोई प्रभावित है।
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कोई लोकल भाजपा नेता मेरे से नाराज नहीं
लोकल नेताओं की नाराजगी पर पूछे गए सवाल को लेकर रणबीर गंगवा ने कहा कि उनसे कोई भी लोकल भाजपा नेता नाराज नहीं है बल्कि अधिकतर नेता ही उनसे भाजपा ज्वाइन करने के लिए कह रहे थे। वह भाजपा कार्यालय जाएंगे तो सभी लोकल नेताओं से एक-एक करके मिलेंगे।
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हिसार। नलवा से विधायक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद रणबीर सिंह गंगवा का कहना है कि वह 20 साल तक इनेलो में रहे। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने भी उन्हें खूब मान-सम्मान दिया। मगर गोहाना रैली के बाद पार्टी दो फाड़ हो गई। वहां कार्य करने में खुद को असहज महसूस करता रहा। कार्यकर्ताओं का भी दबाव था कि कोई निर्णय लें। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा को ज्वाइन किया है। अब भाजपा उनको जो भी जिम्मेदारी देगी, उस पर वह खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
गंगवा शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नलवा हलके से आए अपने कार्यकर्ताओं को भी आगामी रणनीति के बारे में विस्तार से बताया।
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जेजेपी में जाकर आपसी विवाद में नहीं पड़ना चाहता था
रणबीर गंगवा ने कहा कि उनके सामने इनेलो छोड़ने पर तीन विकल्प थे। जेजेपी, कांग्रेस और बीजेपी। जेजेपी में शामिल होकर वह आपसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते थे। दूसरी तरफ बीजेपी के नेताओं ने भी उनके साथ लगातार संपर्क बनाया हुआ था। समर्थकों के रुझान व बीजेपी की कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में पूरे देश के लोगों का विश्वास भाजपा सरकार के प्रति और अधिक दृढ़ हुआ है। लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में देश को सुरक्षित मान रहे हैं। नौकरियों में पारदर्शिता से हर कोई प्रभावित है।
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कोई लोकल भाजपा नेता मेरे से नाराज नहीं
लोकल नेताओं की नाराजगी पर पूछे गए सवाल को लेकर रणबीर गंगवा ने कहा कि उनसे कोई भी लोकल भाजपा नेता नाराज नहीं है बल्कि अधिकतर नेता ही उनसे भाजपा ज्वाइन करने के लिए कह रहे थे। वह भाजपा कार्यालय जाएंगे तो सभी लोकल नेताओं से एक-एक करके मिलेंगे।