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जेजीयू में 20, स्कूलों 35 और 25 प्रतिशत विद्यार्थी हुए उपस्थित
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हिसार। हरियाणा सरकार के आदेशानुसार मंगलवार को करीब एक माह बाद शिक्षण संस्थानों के दरवाजे विद्यार्थियों के लिए खोले गए। स्कूलों में 10वीं से 12वीं कक्षा और कॉलेज व यूनिवर्सिटी कैंपस में सभी विषयों की कक्षाएं लगीं। जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्कूलों में लगभग 35 प्रतिशत, कॉलेजों में 25 प्रतिशत व यूनिवर्सिटी कैंपस में 20 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कॉलेज व यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने का मुख्य कारण 10 फरवरी से परीक्षाएं शुरू होना रहा। ऐसे में कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। मंगलवार धुंध व सर्दी बढ़ने के कारण भी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही। बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने पर सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए थे।
स्कूल खुलने से एक दिन पहले ही स्कूल मुखियाओं ने सोमवार को अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। एक दिन पहले ही स्कूल परिसर की सफाई करवाई गई थी। क्लास रूमों को सैनिटाइज कराया गया था। निर्धारित सीटिंग प्लान के तहत एक बेंच पर एक ही छात्र को बैठाया गया। शिक्षकों की ड्यूटी टाइम सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक व छात्रों का स्कूल टाइम 10 से लेकर दोपहर 2 बजे तक रहा।
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स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति
राजकीय विद्यालय, जहाजपुल
कक्षा कुल विद्यार्थी उपस्थित
10वीं 181 47
11वी 602 175
12वीं 512 179
राजकीय विद्यालय, मॉडल टॉउन
कक्षा उपस्थित विद्यार्थी
10वीं 40 प्रतिशत
11वीं 35 प्रतिशत
12वीं 35 प्रतिशत
राजकीय विद्यालय, गंगवा
10वीं 40 प्रतिशत
11वीं 30 प्रतिशत
12वीं 40 प्रतिशत
इन नियमों का किया गया पालन
कोरोना वेक्सीनेशन करवाने वाले विद्यार्थियों को ही स्कूल में प्रवेश दिया गया।
वेक्सीनेशन सर्टिफिकेट देखा गया।
स्कूल का पहचानपत्र भी देखा गया।
विद्यार्थियों से अभिभावकों का सहमति पत्र देखा गया।
मास्क के बिना प्रवेश नहीं करने दिया गया।
खांसी, जुखाम व बुखार वाले विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।
कॉलेजों में सख्ती, विद्यार्थियों ने किया विरोध
राजगढ़ रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर पूरी तरह से सख्ती रही। महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों के कोरोनारोधी टीकाकरण के प्रमाण पत्र देख गए। बिना सर्टिफिकेट के प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने सर्टिफिकेट देखे जाने का विरोध किया। विद्यार्थियों ने कहा कि जब भारत सरकार व स्वास्थ्य मंत्रालय की साइट ही कोरोना वैक्सीन को स्वैच्छिक बता रही है तो कॉलेज प्रशासन अनिवार्य क्यों कर रहे हैं।
स्कूल खुलने को लेकर विद्यार्थियों में व शिक्षकों में काफी उत्साह नजर आया। पहला दिन होने व धुंध होने के कारण ज्यादा विद्यार्थी स्कूलों में नहीं पहुंच पाए। करीब 35 से 40 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल में पहुंचे। अब धीरे-धीरे शत प्रतिशत संख्या हो जाएगी। स्कूल खोलने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन किया गया है। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार
हमारे स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया। स्कूल में प्रवेश करने के दौरान विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देखे गए। अभिभावकों के सहमति पत्र देखे गए। एक बेंच पर एक विद्यार्थी को बैठाया गया। पहला दिन होने के कारण संख्या कम रही। - कृष्ण कुमार वर्मा, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाज पुल
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कॉलेज व यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने का मुख्य कारण 10 फरवरी से परीक्षाएं शुरू होना रहा। ऐसे में कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं। मंगलवार धुंध व सर्दी बढ़ने के कारण भी सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही। बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने पर सरकार ने शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए थे।
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स्कूल खुलने से एक दिन पहले ही स्कूल मुखियाओं ने सोमवार को अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। एक दिन पहले ही स्कूल परिसर की सफाई करवाई गई थी। क्लास रूमों को सैनिटाइज कराया गया था। निर्धारित सीटिंग प्लान के तहत एक बेंच पर एक ही छात्र को बैठाया गया। शिक्षकों की ड्यूटी टाइम सुबह साढ़े 9 बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक व छात्रों का स्कूल टाइम 10 से लेकर दोपहर 2 बजे तक रहा।
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स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति
राजकीय विद्यालय, जहाजपुल
कक्षा कुल विद्यार्थी उपस्थित
10वीं 181 47
11वी 602 175
12वीं 512 179
राजकीय विद्यालय, मॉडल टॉउन
कक्षा उपस्थित विद्यार्थी
10वीं 40 प्रतिशत
11वीं 35 प्रतिशत
12वीं 35 प्रतिशत
राजकीय विद्यालय, गंगवा
10वीं 40 प्रतिशत
11वीं 30 प्रतिशत
12वीं 40 प्रतिशत
इन नियमों का किया गया पालन
कोरोना वेक्सीनेशन करवाने वाले विद्यार्थियों को ही स्कूल में प्रवेश दिया गया।
वेक्सीनेशन सर्टिफिकेट देखा गया।
स्कूल का पहचानपत्र भी देखा गया।
विद्यार्थियों से अभिभावकों का सहमति पत्र देखा गया।
मास्क के बिना प्रवेश नहीं करने दिया गया।
खांसी, जुखाम व बुखार वाले विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया गया।
कॉलेजों में सख्ती, विद्यार्थियों ने किया विरोध
राजगढ़ रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश को लेकर पूरी तरह से सख्ती रही। महाविद्यालय के प्रवेश द्वार पर विद्यार्थियों के कोरोनारोधी टीकाकरण के प्रमाण पत्र देख गए। बिना सर्टिफिकेट के प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने सर्टिफिकेट देखे जाने का विरोध किया। विद्यार्थियों ने कहा कि जब भारत सरकार व स्वास्थ्य मंत्रालय की साइट ही कोरोना वैक्सीन को स्वैच्छिक बता रही है तो कॉलेज प्रशासन अनिवार्य क्यों कर रहे हैं।
स्कूल खुलने को लेकर विद्यार्थियों में व शिक्षकों में काफी उत्साह नजर आया। पहला दिन होने व धुंध होने के कारण ज्यादा विद्यार्थी स्कूलों में नहीं पहुंच पाए। करीब 35 से 40 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल में पहुंचे। अब धीरे-धीरे शत प्रतिशत संख्या हो जाएगी। स्कूल खोलने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन किया गया है। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार
हमारे स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया। स्कूल में प्रवेश करने के दौरान विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट देखे गए। अभिभावकों के सहमति पत्र देखे गए। एक बेंच पर एक विद्यार्थी को बैठाया गया। पहला दिन होने के कारण संख्या कम रही। - कृष्ण कुमार वर्मा, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाज पुल