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धरतेरस पर हिसार जिले में 183 करोड़ की धनवर्षा
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धनतेरश पर गहने खरीदतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Hisar
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हिसार। जिले में धनतेरस पर बाजारों पर खूब धनवर्षा हुई। इस दौरान जिले में करीब 183 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इससे व्यापारियों की चेहरों पर फिर से रौनक देखने को मिली। स्थिति यह रही कि सुबह से ही बाजारों में ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जो शाम तक रही। इस दौरान लोगों ने सोना-चांदी से लेकर बर्तन, फर्नीचर, कपड़ा, वाहन आदि की खूब खरीदारी की।
बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से पिछले वर्ष बाजार में काफी मंदी रही, जिस कारण से दिवाली पर भी बाजारों में ग्राहकों की रौनक न के बराबर थी। चूंकि इस बार कोरोना महामारी पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है तो व्यापारियों को उम्मीद थी कि इस दिवाली धन की देवी लक्ष्मी उन पर मेहरबान रहेगी। इसी को लेकर व्यापारियों ने पूरी तैयारी भी की हुई थी।
धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ
पंडित देव शर्मा के अनुसार दीपों का पांच दिवसीय त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाता है। धनतेरस का दिन खरीदारी के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है। खास बात यह है कि इस साल धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बना था जो कि खरीदारी के लिए काफी शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन सिर्फ नई वस्तुओं की खरीदारी ही नहीं की जाती, बल्कि दीप भी जलाए जाते हैं। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा भी है। कहा जाता है कि धन्वंतरि देव जब प्रकट हुए थे उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसी के बाद से उनके जन्मदिन पर नए बर्तन खरीदने का चलन शुरू हो गया। इसके साथ ही लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति सहित सोने-चांदी के आभूषण खरीदना भी शुभ माना जाता है।
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कहां कितना हुआ कारोबार
कारोबार खरीदारी
सर्राफा 70 करोड़ रुपये
वाहन 50 करोड़ रुपये
कपड़ा 25 करोड़ रुपये
बर्तन 8 करोड़ रुपये
इलेक्ट्रॉनिक 20 करोड़ रुपये
फर्नीचर 10 करोड़ रुपये
इतनी बिकीं चार पहिया गाड़ियां
हुंडई 21
टाटा 50
टोयोटा 36
मारुति 61
(नोट : उक्त आंकड़े हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने उपलब्ध करवाए हैं)
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बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से पिछले वर्ष बाजार में काफी मंदी रही, जिस कारण से दिवाली पर भी बाजारों में ग्राहकों की रौनक न के बराबर थी। चूंकि इस बार कोरोना महामारी पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है तो व्यापारियों को उम्मीद थी कि इस दिवाली धन की देवी लक्ष्मी उन पर मेहरबान रहेगी। इसी को लेकर व्यापारियों ने पूरी तैयारी भी की हुई थी।
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धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ
पंडित देव शर्मा के अनुसार दीपों का पांच दिवसीय त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाता है। धनतेरस का दिन खरीदारी के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से माता लक्ष्मी की कृपा बरसती है। खास बात यह है कि इस साल धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बना था जो कि खरीदारी के लिए काफी शुभ माना जाता है। धनतेरस के दिन सिर्फ नई वस्तुओं की खरीदारी ही नहीं की जाती, बल्कि दीप भी जलाए जाते हैं। धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा भी है। कहा जाता है कि धन्वंतरि देव जब प्रकट हुए थे उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसी के बाद से उनके जन्मदिन पर नए बर्तन खरीदने का चलन शुरू हो गया। इसके साथ ही लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति सहित सोने-चांदी के आभूषण खरीदना भी शुभ माना जाता है।
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कहां कितना हुआ कारोबार
कारोबार खरीदारी
सर्राफा 70 करोड़ रुपये
वाहन 50 करोड़ रुपये
कपड़ा 25 करोड़ रुपये
बर्तन 8 करोड़ रुपये
इलेक्ट्रॉनिक 20 करोड़ रुपये
फर्नीचर 10 करोड़ रुपये
इतनी बिकीं चार पहिया गाड़ियां
हुंडई 21
टाटा 50
टोयोटा 36
मारुति 61
(नोट : उक्त आंकड़े हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने उपलब्ध करवाए हैं)

शहर के प्रमुख बाजार राजगुर मार्केट में धनतेरस पर खरीदारी करने के लिए उमड़े ग्राहक। संवाद- फोटो : Hisar