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कैसे हो शहर में सफर सुहाना, 30 दिन में एक भी ऑपरेटर नहीं चला पाया सिटी बस
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। शहर में शहरवासियों का सफर सुहाना करने वाला नगर निगम प्रशासन का प्रोजेक्ट अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है। 30 दिनों में एक भी ऑपरेटर सिटी बस नहीं चला पाया है। 31 दिसंबर को वर्क ऑर्डर लेने वाले ऑपरेटरों को 31 जनवरी तक पांच रूटों पर बसें चलानी थी। मगर अभी तक एक भी बस नहीं चली है। अब निगम प्रशासन इन ऑपरेटर्स की सिक्योरिटी राशि जब्त करने की तैयारी में हैं।
गौरतलब है कि शहर में आठ रूटों पर सिटी बस चलाने का प्लान बनाया गया था। पहले टेंडर का वर्क ऑर्डर 31 दिसंबर को अलॉट करके तीन आपरेटर्स को पांच बसें चलाने के आदेश दिए गए थे। इन ऑपरेटरों के पास 31 जनवरी तक सिटी बसें चलाने का समय था। मगर तय समय से तीन दिन अतिरिक्त होने के बाद भी बस नहीं चलाई गई है।
दूसरे टेंडर की फाइल मुख्यालय में ही लटक गई
पहले टेंडर में लॉ फ्लोर बसों और एक साल के लिए लोन नहीं होने की समस्या के कारण निगम प्रशासन ने दूसरा टेंडर लगाया। इस टेंडर को 25 जनवरी को खोला जाना था। मगर टेंडर खोलने से पहले ही मामला मुख्यालय में अटक गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय से सिटी बस की फाइल पर प्लीज डिस्कशन लिख दिया गया है। अब यह डिस्कशन कब होगा, इस बारे में किसी भी अधिकारी के पास स्पष्ट जवाब नहीं है। जब तक नया टेंडर नहीं खुलेगा, तब तक सिटी बसों का प्लान भी सिरे नहीं चढ़ पाएगा।
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पहले टेंडर में यह थी समस्या
दरअसल, निगम प्रशासन द्वारा लगाए गए पहले टेंडर में ऑपरेटर्स के सामने शर्त रखी गई थी कि लॉ फ्लोर बस चलाई जाएंगी। सिटी बसें 22 सीटर होंगी। अनुबंध भी एक साल के लिए होगा। इन शर्तों के कारण ऑपरेटर्स को बसों का परिचालन करने में दिक्कत आ रही थी। इसलिए ऑपरेटर्स ने निगम कमिश्नर से शर्तों में ढील देने का आग्रह किया। इसलिए लॉ फ्लोर बसों के साथ-साथ सामान्य बसों का ऑप्शन देने और अनुबंध भी पांच साल के लिए करने का प्रावधान करके दूसरा टेंडर लगाया गया था।
5 रुपये से लेकर 10 रुपये तक होगा सिटी बस में किराया
निगम अधिकारियों के अनुसार बस स्टैंड से आजाद नगर-गंगवा, कैंट-सातरोड़, कैमरी रोड़, मिर्जापुर रोड आदि रूटों पर आठ सिटी बसें चलानी है। इन सिटी बसों में 5 रुपये से लेकर 10 रुपये तक किराया रहेगा। बस स्टैंड से फव्वारा चौक तक पांच रुपये किराया और इससे आगे 10 रुपये वसूला जाएगा। मगर ऑटो चालकों द्वारा फिलहाल 15 रुपये किराया लिया जा रहा है। इसलिए इन सिटी बसों का शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार है।
यह है नियम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद किसी भी एजेंसी या ठेकेदार को 30 दिन के भीतर काम शुरू करना होता है। अगर वह निर्धारित समय में काम शुरू नहीं करता है तो नियमानुसार उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त की जा सकती है। सिटी बस का वर्क ऑर्डर लेने वाले ऑपरेटर्स ने 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाई हुई है।
आठ सिटी बसें चलाने का प्लान बन चुका है। एक टेंडर भी लगा दिया गया है। निश्चित रूप से शहर में सिटी बसों को चलाकर लोगों को राहत दी जाएगी। टेंडर लेने वालों का बस चलाने को लेकर स्टेटस क्या है, इसकी जानकारी सोमवार को अधिकारियों से ली जाएगी।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
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हिसार। शहर में शहरवासियों का सफर सुहाना करने वाला नगर निगम प्रशासन का प्रोजेक्ट अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है। 30 दिनों में एक भी ऑपरेटर सिटी बस नहीं चला पाया है। 31 दिसंबर को वर्क ऑर्डर लेने वाले ऑपरेटरों को 31 जनवरी तक पांच रूटों पर बसें चलानी थी। मगर अभी तक एक भी बस नहीं चली है। अब निगम प्रशासन इन ऑपरेटर्स की सिक्योरिटी राशि जब्त करने की तैयारी में हैं।
गौरतलब है कि शहर में आठ रूटों पर सिटी बस चलाने का प्लान बनाया गया था। पहले टेंडर का वर्क ऑर्डर 31 दिसंबर को अलॉट करके तीन आपरेटर्स को पांच बसें चलाने के आदेश दिए गए थे। इन ऑपरेटरों के पास 31 जनवरी तक सिटी बसें चलाने का समय था। मगर तय समय से तीन दिन अतिरिक्त होने के बाद भी बस नहीं चलाई गई है।
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दूसरे टेंडर की फाइल मुख्यालय में ही लटक गई
पहले टेंडर में लॉ फ्लोर बसों और एक साल के लिए लोन नहीं होने की समस्या के कारण निगम प्रशासन ने दूसरा टेंडर लगाया। इस टेंडर को 25 जनवरी को खोला जाना था। मगर टेंडर खोलने से पहले ही मामला मुख्यालय में अटक गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय से सिटी बस की फाइल पर प्लीज डिस्कशन लिख दिया गया है। अब यह डिस्कशन कब होगा, इस बारे में किसी भी अधिकारी के पास स्पष्ट जवाब नहीं है। जब तक नया टेंडर नहीं खुलेगा, तब तक सिटी बसों का प्लान भी सिरे नहीं चढ़ पाएगा।
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पहले टेंडर में यह थी समस्या
दरअसल, निगम प्रशासन द्वारा लगाए गए पहले टेंडर में ऑपरेटर्स के सामने शर्त रखी गई थी कि लॉ फ्लोर बस चलाई जाएंगी। सिटी बसें 22 सीटर होंगी। अनुबंध भी एक साल के लिए होगा। इन शर्तों के कारण ऑपरेटर्स को बसों का परिचालन करने में दिक्कत आ रही थी। इसलिए ऑपरेटर्स ने निगम कमिश्नर से शर्तों में ढील देने का आग्रह किया। इसलिए लॉ फ्लोर बसों के साथ-साथ सामान्य बसों का ऑप्शन देने और अनुबंध भी पांच साल के लिए करने का प्रावधान करके दूसरा टेंडर लगाया गया था।
5 रुपये से लेकर 10 रुपये तक होगा सिटी बस में किराया
निगम अधिकारियों के अनुसार बस स्टैंड से आजाद नगर-गंगवा, कैंट-सातरोड़, कैमरी रोड़, मिर्जापुर रोड आदि रूटों पर आठ सिटी बसें चलानी है। इन सिटी बसों में 5 रुपये से लेकर 10 रुपये तक किराया रहेगा। बस स्टैंड से फव्वारा चौक तक पांच रुपये किराया और इससे आगे 10 रुपये वसूला जाएगा। मगर ऑटो चालकों द्वारा फिलहाल 15 रुपये किराया लिया जा रहा है। इसलिए इन सिटी बसों का शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार है।
यह है नियम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद किसी भी एजेंसी या ठेकेदार को 30 दिन के भीतर काम शुरू करना होता है। अगर वह निर्धारित समय में काम शुरू नहीं करता है तो नियमानुसार उसकी सिक्योरिटी राशि जब्त की जा सकती है। सिटी बस का वर्क ऑर्डर लेने वाले ऑपरेटर्स ने 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाई हुई है।
आठ सिटी बसें चलाने का प्लान बन चुका है। एक टेंडर भी लगा दिया गया है। निश्चित रूप से शहर में सिटी बसों को चलाकर लोगों को राहत दी जाएगी। टेंडर लेने वालों का बस चलाने को लेकर स्टेटस क्या है, इसकी जानकारी सोमवार को अधिकारियों से ली जाएगी।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम