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बिजली निगम में डिपार्टमेंटल चार्ज के नाम पर 35 प्रतिशत वसूली
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने बिजली निगम की ओर से वसूले जा रहे 35 प्रतिशत के चार्जेज पर सवाल उठाए हैं। निगम की ओर से ढाणी कनेक्शन के एस्टिमेट पर अलग-अलग चार्ज वसूले जा रहे हैं, जिसमें 10 प्रतिशत डिपार्टमेंटल चार्ज, इरेक्शन चार्ज, कैंटीजेंसी चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, इंश्योरेंस, स्टोर चार्जेज सहित कई अन्य समेत 35 प्रतिशत चार्ज लिए जा रहे हैं।
अगर आप बिजली निगम से कोई काम करवाना चाहे तो उसके लिए आपको कई तरह से चार्ज देने होंगे। अगर आपका एस्टिमेट एक लाख रुपये हो तो आपको करीब 35 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। निगम में वर्षों से यह वसूली होती आ रही है। अगर सांसद का शक सही निकला तो लाखों रुपये के गबन का भंडाफोड़ होगा। बिना किसी नोटिफिकेशन से बिजली निगम 10 प्रतिशत डिपार्टमेंटल चार्ज वसूल रहा था। सांसद दुष्यंत ने इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों को रविवार को तलब किया है। सांसद खुद निगम कार्यालय जाकर इन चार्जेज के बारे में रिकॉर्ड जांचेंगे। सांसद की ओर से इस बारे में बिजली निगम को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। एक अनुमान के अनुसार जितनी कीमत का सामान ढाणी कनेक्शन में लगता है, उसका 35 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज विभाग भी वसूल रहा है, जिसमे 10 प्रतिशत तो डिपार्टमेंटल चार्ज के नाम का होता है। सांसद दुष्यंत की ओर से बिजली निगम में अब तक करीब 133 काम कराए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने 4 करोड़ 27 लाख रुपये की ग्रांट जारी की है। इसमें अधिकतर बजट ढाणी में रहने वाले लोगों के कनेक्शन के लिए जारी किया गया।
बिजली निगम के चार्ज
बिजली खंभों पर निर्माण प्रभार-- 15 प्रतिशत
बिजली तारों पर निर्माण प्रभार -- 5 प्रतिशत
अन्य कार्यों पर निर्माण प्रभार -- 10 प्रतिशत
कैंटीजेंसी चार्ज-- 3 प्रतिशत
ट्रांसपोर्टेशन चार्ज --2.5 प्रतिशत
स्टोरेज चार्ज ---3 प्रतिशत
टीएंडपी चार्ज --1 प्रतिशत
इंश्योरेंस चार्ज --0.5 प्रतिशत
ऑडिट, अकाउंट, ओवरहेड चार्ज -5 प्रतिशत
डिपार्टमेंटल चार्ज ---10 प्रतिशत
मामला मेरी जानकारी में आया है। रविवार को मैं 11 बजे निगम ऑफिस जाकर जांच करूंगा। निगम के एमडी को भी शिकायत की थी। मुख्य सचिव हरियाणा को पत्र लिखा। जांच में निगम के छह कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। एस्टिमेट ज्यादा बनाने की जांच नहीं की गई।
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-दुष्यंत चौटाला, सांसद, हिसार
मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। निगम की ओर से क्या काम कराए गए, मेरी जानकारी में नहीं है। सांसद की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब दिया जाएगा। इस बारे में रिकॉर्ड देखे बिना कुछ नहीं कह सकता।
-रजनीश गर्ग, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम हिसार
केस नंबर एक
सिवानी बोलान के राजेश, जयबीर के ढाणी कनेक्शन के लिए 10.24 लाख रुपये का एस्टिमेट बनाया गया। जिस पर बिजली निगम के चार्जेज जोड़ने के बाद यह 13 लाख 56 हजार रुपये का हो गया।
केस नंबर दो
पाबड़ा निवासी अमी सिंह, पाले आदि के ढाणी कनेक्शन के लिए 1.71 लाख रुपये का एस्टिमेट बना, जिस पर निगम के चार्जेज जोड़कर यह 2 लाख 32 हजार 300 रुपये का बनाया दिया गया।
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हिसार।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने बिजली निगम की ओर से वसूले जा रहे 35 प्रतिशत के चार्जेज पर सवाल उठाए हैं। निगम की ओर से ढाणी कनेक्शन के एस्टिमेट पर अलग-अलग चार्ज वसूले जा रहे हैं, जिसमें 10 प्रतिशत डिपार्टमेंटल चार्ज, इरेक्शन चार्ज, कैंटीजेंसी चार्ज, ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, इंश्योरेंस, स्टोर चार्जेज सहित कई अन्य समेत 35 प्रतिशत चार्ज लिए जा रहे हैं।
अगर आप बिजली निगम से कोई काम करवाना चाहे तो उसके लिए आपको कई तरह से चार्ज देने होंगे। अगर आपका एस्टिमेट एक लाख रुपये हो तो आपको करीब 35 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। निगम में वर्षों से यह वसूली होती आ रही है। अगर सांसद का शक सही निकला तो लाखों रुपये के गबन का भंडाफोड़ होगा। बिना किसी नोटिफिकेशन से बिजली निगम 10 प्रतिशत डिपार्टमेंटल चार्ज वसूल रहा था। सांसद दुष्यंत ने इस बारे में बिजली निगम के अधिकारियों को रविवार को तलब किया है। सांसद खुद निगम कार्यालय जाकर इन चार्जेज के बारे में रिकॉर्ड जांचेंगे। सांसद की ओर से इस बारे में बिजली निगम को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। एक अनुमान के अनुसार जितनी कीमत का सामान ढाणी कनेक्शन में लगता है, उसका 35 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज विभाग भी वसूल रहा है, जिसमे 10 प्रतिशत तो डिपार्टमेंटल चार्ज के नाम का होता है। सांसद दुष्यंत की ओर से बिजली निगम में अब तक करीब 133 काम कराए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने 4 करोड़ 27 लाख रुपये की ग्रांट जारी की है। इसमें अधिकतर बजट ढाणी में रहने वाले लोगों के कनेक्शन के लिए जारी किया गया।
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बिजली निगम के चार्ज
बिजली खंभों पर निर्माण प्रभार-- 15 प्रतिशत
बिजली तारों पर निर्माण प्रभार -- 5 प्रतिशत
अन्य कार्यों पर निर्माण प्रभार -- 10 प्रतिशत
कैंटीजेंसी चार्ज-- 3 प्रतिशत
ट्रांसपोर्टेशन चार्ज --2.5 प्रतिशत
स्टोरेज चार्ज ---3 प्रतिशत
टीएंडपी चार्ज --1 प्रतिशत
इंश्योरेंस चार्ज --0.5 प्रतिशत
ऑडिट, अकाउंट, ओवरहेड चार्ज -5 प्रतिशत
डिपार्टमेंटल चार्ज ---10 प्रतिशत
मामला मेरी जानकारी में आया है। रविवार को मैं 11 बजे निगम ऑफिस जाकर जांच करूंगा। निगम के एमडी को भी शिकायत की थी। मुख्य सचिव हरियाणा को पत्र लिखा। जांच में निगम के छह कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। एस्टिमेट ज्यादा बनाने की जांच नहीं की गई।
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-दुष्यंत चौटाला, सांसद, हिसार
मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। निगम की ओर से क्या काम कराए गए, मेरी जानकारी में नहीं है। सांसद की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब दिया जाएगा। इस बारे में रिकॉर्ड देखे बिना कुछ नहीं कह सकता।
-रजनीश गर्ग, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम हिसार
केस नंबर एक
सिवानी बोलान के राजेश, जयबीर के ढाणी कनेक्शन के लिए 10.24 लाख रुपये का एस्टिमेट बनाया गया। जिस पर बिजली निगम के चार्जेज जोड़ने के बाद यह 13 लाख 56 हजार रुपये का हो गया।
केस नंबर दो
पाबड़ा निवासी अमी सिंह, पाले आदि के ढाणी कनेक्शन के लिए 1.71 लाख रुपये का एस्टिमेट बना, जिस पर निगम के चार्जेज जोड़कर यह 2 लाख 32 हजार 300 रुपये का बनाया दिया गया।