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1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को 1 किमी. के दायरे के निजी स्कूल में मिलेगा दाखिला
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हिसार। शैक्षणिक स्तर 2022-23 के लिए नियम 134ए की तर्ज पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वाले विद्यार्थियों का दाखिला उनके नजदीकी एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। आवदेन करने के लिए 25 अप्रैल अंतिम तिथि है।
मौलिक शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये या इससे कम हैं वे इसका लाभ उठा पाएंगे। मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के यह दाखिले किए जाएंगे। जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व निजी स्कूल संचालकों को आदेश जारी कर दिए हैं। अगर कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों का आवेदन स्वीकार नहीं करता है तो उसके स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकर द्वारा भरी जाएगी फीस
इस योजना के तहत दाखिला मिलने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार की ओर से भरी जाएगी। इसमें कक्षा दूसरी से 5वीं तक 700 रुपये मासिक, कक्षा 6वीं व 8वीं तक 900 रुपये मासिक और 9वीं से 12वीं से 1100 रुपये मासिक फीस निजी स्कूलों को दी जाएगी।
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ज्यादा आवेदन पर निकाले जाएंगे ड्रॉ
यदि विद्यालय में आरक्षित सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं तो विद्यालय की जिम्मेवारी होगी कि वह अभिभावकों को ड्रॉ निकालने की तिथि से अवगत कराएगा। ड्रॉ के परिणाम को विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दर्शाएगा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करेगा। जो छात्र विद्यालय को परिवहन शुल्क का भुगतान करेगा वह उस स्कूल से परिवहन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधान के तहत सभी प्राइवेट मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा प्रथम या उससे पूर्व में शुरू होने वाली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देना अनिवार्य है। अगर कोई निजी स्कूल दाखिला नहीं देगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 25 अप्रैल तक आवेदन जमा होंगे। - धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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मौलिक शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये या इससे कम हैं वे इसका लाभ उठा पाएंगे। मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के यह दाखिले किए जाएंगे। जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व निजी स्कूल संचालकों को आदेश जारी कर दिए हैं। अगर कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों का आवेदन स्वीकार नहीं करता है तो उसके स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सरकर द्वारा भरी जाएगी फीस
इस योजना के तहत दाखिला मिलने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार की ओर से भरी जाएगी। इसमें कक्षा दूसरी से 5वीं तक 700 रुपये मासिक, कक्षा 6वीं व 8वीं तक 900 रुपये मासिक और 9वीं से 12वीं से 1100 रुपये मासिक फीस निजी स्कूलों को दी जाएगी।
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ज्यादा आवेदन पर निकाले जाएंगे ड्रॉ
यदि विद्यालय में आरक्षित सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं तो विद्यालय की जिम्मेवारी होगी कि वह अभिभावकों को ड्रॉ निकालने की तिथि से अवगत कराएगा। ड्रॉ के परिणाम को विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर दर्शाएगा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को सूचित करेगा। जो छात्र विद्यालय को परिवहन शुल्क का भुगतान करेगा वह उस स्कूल से परिवहन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधान के तहत सभी प्राइवेट मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा प्रथम या उससे पूर्व में शुरू होने वाली कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला देना अनिवार्य है। अगर कोई निजी स्कूल दाखिला नहीं देगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 25 अप्रैल तक आवेदन जमा होंगे। - धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी