हरियाणा सरकार की नई नीति: अब प्रदेश में भूमि का बाजार मूल्य करेगी कमेटी
हरियाणा सरकार ने भूमि के बाजार मूल्य को लेकर नई नीति बनाई है। इसमें विभिन्न विभागों के तीन मूल्यांकनकर्ता शामिल होंगे। नई नीति के अनुसार ये ही जमीन का मूल्यांकन कर कलेक्टर रेट निर्धारित करेंगे। वहीं, सरकार ने कुछ लोगों की पदोन्नति के आदेश भी जारी किए हैं।
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हरियाणा के सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के लिए राज्य में भूमि का बाजार मूल्य निर्धारण कमेटी करेगी। इसके लिए सरकार ने नई नीति को स्वीकृति प्रदान की है। स्थायी कमेटी में मंडलायुक्त, संबंधित जिला राजस्व अधिकारी, एक विभागीय अधिकारी, आयकर विभाग, भारतीय स्टेट बैंक और सरकार के स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों में से पंजीकृत और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सूचीबद्ध तीन मूल्यांकनकर्ता शामिल होंगे। स्थायी समिति तीन मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा किए गए मूल्यांकन का औसत इस शर्त के साथ निकालेगी कि भूमि का बाजार मूल्य निर्धारित कलेक्टर दरों से कम नहीं होगा।
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राजस्व विभाग के कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 2 उप अधीक्षकों को अधीक्षक, 7 अधीक्षकों को अवर सचिव, एक निजी सचिव को अवर सचिव व एक निजी सचिव को सचिव के पद पर पदोन्नत किया है। अधीक्षक बनने वालों में सुरेंद्र सिंह व नरेश कुमार शामिल हैं। अवर सचिव के पद पर अशोक कुमार, राजीव मल्होत्रा, गुरमीत सिंह, संजीव कुमार शर्मा, सोहन लाल शर्मा, संदीप शर्मा और वेदप्रकाश ढुल को पदोन्नति मिली है। सोहन लाल शर्मा अवर सचिव बने हैं। मंजू छाबड़ा को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है।