{"_id":"fe42f008a4fcc048cb79fc5d92007ebf","slug":"haryana-central-university-will-introduce-new-courses","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा केंद्रीय विवि शुरू करेगा नए पाठ्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा केंद्रीय विवि शुरू करेगा नए पाठ्यक्रम
महेन्द्रगढ़/ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2013 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डा. रणजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय 2020 में विश्व के 200 अग्रणी विश्वविद्यालयों में शुमार होगा।
विश्वविद्यालय अकादमिकगुणवत्ता, नवीनतम शोध और विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास की एक वृहद योजना के अंतर्गत कई पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करेगा।
इसके अलावा शीघ्र ही प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को विदेशी धरती पर अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं अन्वेषण के लिए भेजेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय भवन के उद्घाटन के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
तिथि की घोषणा भी शीघ्र कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जांट-पाली को आदर्श गांवों के रूप में विकसित करेगा।
उन्होंने नए सत्र में आठ नए विषय प्रारंभ करने और स्नात्तकोतर कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या दस से बढ़ाकर तीस करने की भी घोषणा की।
विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. बीर सिंह ने विश्वविद्यालय के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
अधिष्ठाता प्रो. हेमेन्द्र सिंह चंडालिया ने ‘लोकतंत्र में पत्रकार की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि विश्व में सभी महत्वपूर्ण परिवर्तनों में पत्रकारों की अहम भूमिका रही है। चाहे वह अमेरिकी पत्रकार हों या भारतीय स्वाधीनता संग्राम के गोखले, गाँधी, नेहरू या सरदार भगत सिंह।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार प्राध्यापक डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. पीके साहू, डॉ. धीरेश कुलश्रेष्ठ, डॉ. संजय तिवारी, विजय कुमार, प्रदीप कुमार, आनंद मलिक, भूपेन्द्र कुमार, मारूत सैनी, रेणु यादव, शिक्षाविद प्रताप शास्त्री सहित अन्य स्टॉफ सदस्य एवं गणमान्य उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय अकादमिकगुणवत्ता, नवीनतम शोध और विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास की एक वृहद योजना के अंतर्गत कई पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करेगा।
इसके अलावा शीघ्र ही प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को विदेशी धरती पर अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं अन्वेषण के लिए भेजेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय भवन के उद्घाटन के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
तिथि की घोषणा भी शीघ्र कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जांट-पाली को आदर्श गांवों के रूप में विकसित करेगा।
उन्होंने नए सत्र में आठ नए विषय प्रारंभ करने और स्नात्तकोतर कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या दस से बढ़ाकर तीस करने की भी घोषणा की।
विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. बीर सिंह ने विश्वविद्यालय के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
अधिष्ठाता प्रो. हेमेन्द्र सिंह चंडालिया ने ‘लोकतंत्र में पत्रकार की भूमिका’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि विश्व में सभी महत्वपूर्ण परिवर्तनों में पत्रकारों की अहम भूमिका रही है। चाहे वह अमेरिकी पत्रकार हों या भारतीय स्वाधीनता संग्राम के गोखले, गाँधी, नेहरू या सरदार भगत सिंह।
विज्ञापन
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार प्राध्यापक डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. पीके साहू, डॉ. धीरेश कुलश्रेष्ठ, डॉ. संजय तिवारी, विजय कुमार, प्रदीप कुमार, आनंद मलिक, भूपेन्द्र कुमार, मारूत सैनी, रेणु यादव, शिक्षाविद प्रताप शास्त्री सहित अन्य स्टॉफ सदस्य एवं गणमान्य उपस्थित थे।
विज्ञापन