{"_id":"df4c9bc689a6d1660a9073f3c331b9c4","slug":"gas-company-will-compensate","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिलेंडर से घर जला तो गैस कंपनी देगी मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिलेंडर से घर जला तो गैस कंपनी देगी मुआवजा
तोशाम (भिवानी)/खजानी देवी
Updated Thu, 07 Nov 2013 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में अकसर एलपीजी गैस सिलेंडर में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान
विज्ञापन
होता रहता है। पीड़ित इसे भाग्य समझकर चुपचाप बैठ जाते हैं, जबकि ऐसे
मामलों में एलपीजी कंपनियों की ओर से क्लेम देने का प्रावधान है।
‘पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी’ के तहत उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की वजह से आग लगने पर मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकतर लोगों को प्रचार के अभाव की वजह से इस विषय में कोई जानकारी ही नहीं है। इस वजह से मुश्किल से एक-दो केस में ही एलपीजी उपभोक्ता द्वारा मुआवजा मांगा जाता है। तोशाम में तो आज तक किसी ने इस योजना के तहत क्लेम के लिए आवेदन नहीं किया।
क्लेम के लिए उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस से दुर्घटना होने के बाद जल्द से जल्द संबंधित गैस वितरक, तेल कंपनी, निकटतम पुलिस थाने और अग्निशमन विभाग को सूचित करना होता है। इसके बाद संबंधित कंपनी की ओर से एलपीजी से घटित दुर्घटना पर दावा क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जाती है।
कंपनी को प्रस्तुत करने होते हैं दस्तावेज
रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को क्लेम के लिए कंपनी को दस्तावेज प्रस्तुत करने होतेे हैं। इसके बाद कंपनी जांच करती है। यदि हादसे में किसी की मौत हो जाती है तो मृत्यु प्रमाण पत्र या पोस्टमार्टम रिपोर्ट या कोरोनर्स रिपोर्ट या इंक्वेस्ट रिपोर्ट, जो भी हो, वह प्रस्तुत करनी होती है। इसके अलावा भी पुलिस रिपोर्ट और मेडिकल बिल व चिकित्सा खर्च का बिल भी प्रस्तुत करना जरूरी है।
इन कंपनियों ने लागू की है पॉलिसी
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल को. लि., भारत पेट्रोलियम को. लि. एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम को. लि. द्वारा एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बीमा पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी को पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी के नाम से लागू किया है।
सिलेंडर लाते समय दुर्घटना पर भी मिलेगा क्लेम
सिलेंडर गोदाम से लाते वक्त यदि रास्ते में इससे कोई हादसा हो जाता है तो भी इस पॉलिसी के तहत क्लेम मांगा जा सकता है। वहीं बहुमंजिला इमारतों में लगे हुए एलपीजी रेटीकुलेटेड सिस्टम (समेकित आपूर्ति तंत्र) से घटित दुर्घटना और रसोई घर में गैस सिलेंडर लगाते या हटाते समय होने वाली अग्नि दुर्घटना पर भी पॉलिसी लागू होगी।
इतना मिलेगा क्लेम
एलपीजी से घटित होने वाली दुर्घटना से संपत्ति के नुकसान पर रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख रुपये क्लेम मिल सकता है। एलपीजी से घटित होने वाली व्यक्तिगत दुर्घटना पर चिकित्सा खर्च पर अधिकतम एक लाख रुपये और तत्काल सहायता के लिए 25 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देय होगा। एलपीजी से घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति क्लेम मिलेगा। दुर्घटना से व्यक्ति की विकलांगता या शारीरिक क्षति होने पर क्षति की स्थिति को देखते हुए आधारित बीमा कंपनी द्वारा तय क्षतिपूर्ति देय है। भिवानी गैस एजेंसी के संचालक दिलबाग सिंह और भारत गैस के हंसराज ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कंपनी ने ‘पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी’ शुरू कर रखी है। इसके बारे में समय-समय पर उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जाता है।
‘पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी’ के तहत उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की वजह से आग लगने पर मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकतर लोगों को प्रचार के अभाव की वजह से इस विषय में कोई जानकारी ही नहीं है। इस वजह से मुश्किल से एक-दो केस में ही एलपीजी उपभोक्ता द्वारा मुआवजा मांगा जाता है। तोशाम में तो आज तक किसी ने इस योजना के तहत क्लेम के लिए आवेदन नहीं किया।
क्लेम के लिए उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस से दुर्घटना होने के बाद जल्द से जल्द संबंधित गैस वितरक, तेल कंपनी, निकटतम पुलिस थाने और अग्निशमन विभाग को सूचित करना होता है। इसके बाद संबंधित कंपनी की ओर से एलपीजी से घटित दुर्घटना पर दावा क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जाती है।
कंपनी को प्रस्तुत करने होते हैं दस्तावेज
रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को क्लेम के लिए कंपनी को दस्तावेज प्रस्तुत करने होतेे हैं। इसके बाद कंपनी जांच करती है। यदि हादसे में किसी की मौत हो जाती है तो मृत्यु प्रमाण पत्र या पोस्टमार्टम रिपोर्ट या कोरोनर्स रिपोर्ट या इंक्वेस्ट रिपोर्ट, जो भी हो, वह प्रस्तुत करनी होती है। इसके अलावा भी पुलिस रिपोर्ट और मेडिकल बिल व चिकित्सा खर्च का बिल भी प्रस्तुत करना जरूरी है।
इन कंपनियों ने लागू की है पॉलिसी
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल को. लि., भारत पेट्रोलियम को. लि. एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम को. लि. द्वारा एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बीमा पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी को पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी के नाम से लागू किया है।
सिलेंडर लाते समय दुर्घटना पर भी मिलेगा क्लेम
सिलेंडर गोदाम से लाते वक्त यदि रास्ते में इससे कोई हादसा हो जाता है तो भी इस पॉलिसी के तहत क्लेम मांगा जा सकता है। वहीं बहुमंजिला इमारतों में लगे हुए एलपीजी रेटीकुलेटेड सिस्टम (समेकित आपूर्ति तंत्र) से घटित दुर्घटना और रसोई घर में गैस सिलेंडर लगाते या हटाते समय होने वाली अग्नि दुर्घटना पर भी पॉलिसी लागू होगी।
इतना मिलेगा क्लेम
एलपीजी से घटित होने वाली दुर्घटना से संपत्ति के नुकसान पर रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को अधिकतम एक लाख रुपये क्लेम मिल सकता है। एलपीजी से घटित होने वाली व्यक्तिगत दुर्घटना पर चिकित्सा खर्च पर अधिकतम एक लाख रुपये और तत्काल सहायता के लिए 25 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देय होगा। एलपीजी से घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये प्रति व्यक्ति क्लेम मिलेगा। दुर्घटना से व्यक्ति की विकलांगता या शारीरिक क्षति होने पर क्षति की स्थिति को देखते हुए आधारित बीमा कंपनी द्वारा तय क्षतिपूर्ति देय है। भिवानी गैस एजेंसी के संचालक दिलबाग सिंह और भारत गैस के हंसराज ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कंपनी ने ‘पब्लिक लॉयबिलिटी पॉलिसी’ शुरू कर रखी है। इसके बारे में समय-समय पर उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जाता है।