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करनाल: देश में पहली बार ड्रोन से खाद के छिड़काव की शुरुआत, प्रति एकड़ स्प्रे में 10 मिनट लगेंगे, खाद और पानी भी बचेगा

Sun, 31 Oct 2021 11:53 AM IST
प्रमोद कुमार अमर उजाला ब्यूरो, करनाल
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल Published by: प्रमोद कुमार Updated Sun, 31 Oct 2021 11:53 AM IST
सार

करनाल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। जिससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और शीघ्र ही अन्य राज्यों में भी इसे शुरू करने की तैयारी है। मामला खाद के स्प्रे का है, जो ड्रोन के जरिये होगा। खास बात यह है कि इससे एक एकड़ में केवल 10 ही मिनट लगेंगे। इससे न केवल खाद की बचत होगी, बल्कि पानी भी कम यूज होगा।

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For the first time in the country spraying of fertilizer by drone started from Karnal
ड्रोन से खाद का छिड़काव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में पहली बार शनिवार को कर्णनगरी के किसानों के खेतों में ड्रोन से खाद का छिड़काव (स्प्रे) करके फसलों में खाद लगाई गई। यह इफ्को द्वारा तरल यूरिया नैनो का ड्रोन स्प्रे प्रदर्शन था, जिसकी शुरुआत करनाल से की गई। ड्रोन सिर्फ 10 मिनट प्रति एकड़ के समय में खाद स्प्रे करेगा। इसमें किसानों का समय तो बचेगा ही, साथ ही खाद व पानी भी कम लगेगा। ड्रोन स्प्रे का खेतों में प्रदर्शन करने के लिए शनिवार को वॉव (डब्ल्यूओडब्ल्यू) इंडिया कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. शंकर गोयनका, इफ्को (कृषि सेवाएं) नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक वेदपाल पूरी टीम के साथ करनाल पहुंचे। 

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पत्तियों तक पहुंची खाद
यहां इफ्को करनाल के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. निरंजन सिंह के साथ टीम पहले अराईपुरा गांव पहुंची, जहां पहले से ही चयनित यशपाल राणा के आलू के खेत में ड्रोन से नैनो यूरिया खाद का स्प्रे किया गया। इसके बाद जमालपुर (घरौंडा) के प्रमोद, काछवा के जगदीश घई के मेथी व आलू के खेतों में नैनो यूरिया खाद का ड्रोन से स्प्रे किया गया। देखा गया कि ड्रोन से पत्तियों के साथ-साथ तने तक खाद पहुंची। इसके व्यक्तिगत तौर पर किए गए सर्वे से दस गुना कम पानी लगा तो खाद भी 50 प्रतिशत कम लगी। 
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10 लीटर पानी का घोल ले जाने में सक्षम
ड्रोन एक बार में 10 लीटर पानी का घोल लेकर गया। जब उसका पानी खत्म हुआ तो फिर स्वत: ही वापस लौटा और फिर टंकी में पानी लेकर ठीक उसी स्थान पर पहुंचा, जहां से उसने स्प्रे छोड़ा था, उसके आगे स्प्रे किया। न तो फसल स्प्रे से छूटी और न ही दोहराव हुआ। यह देखकर मौजूद भारत कादियान, श्याम सुंदर आदि प्रगतिशील किसानों में भी उत्साह दिखा।

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गन्ने की फसलों को भी होगा फायदा
डॉ. शंकर गोयनका ने बताया कि ड्रोन के अंदर जितने एकड़ खेत का क्षेत्र अंकित किया जाएगा, ड्रोन लगातार उसे पूरे क्षेत्र में स्प्रे करेगा। यह एक स्थान से संचालित होकर पांच किमी क्षेत्र में स्प्रे करेगा। खासकर उन फसलों को बड़ा फायदा होगा, जो गन्ना आदि ऊंची हैं, जिनके ऊपर से स्प्रे संभव नहीं हो पाता है। उन्होंने बताया कि इसे शीघ्र ही देश के सभी राज्यों में शुरू किया जाएगा। आज इसकी शुरुआत करनाल से कर दी गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि ड्रोन स्प्रे का प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहेगा। रविवार को सब्जियों पर ड्रोन स्प्रे किया जाएगा। ड्रोन स्प्रे प्रदर्शन का उद्देश्य पहले किसानों को इसके लिए जागरूक करना है।

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