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साथी कर्मचारी ने कराया था कत्ल
अमर उजाला फरीदाबाद
Updated Sun, 29 Dec 2013 07:34 PM IST
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फरवरी माह में कैश कलेक्शन एग्जिक्यूटिव बॉबी की हत्या कर 17 लाख रुपये लूटे जाने के मामले से आखिरकार पर्दा उठाने में पुलिस को सफलता मिल ही गई। रविवार को सीआईए भूपानी पुलिस की टीम ने मामले का खुलासा किया। मृतक के साथी कर्मचारी ने अपने दो जानकारों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी।
पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस पकडे़ गए आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश कर लूटी गई नगदी बरामद करने व अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए उसे रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
उल्लेेखनीय है कि मूल रूप से यूपी के जिला मथुरा के शहर कोसी का रहने वाला बॉबी सेक्टर-31 स्थित रेडियंट कैश कलेक्शन कंपनी में कैश कलेक्शन एग्जिक्यूटिव था। वह 22 फरवरी, 2013 को कोसी और होडल में विभिन्न व्यवसायियों से 17 लाख रुपये से अधिक की नकदी एकत्र करके बस से कार्यालय लौट रहा था। जब वह एनएचपीसी चौक के नजदीक बस से नीचे उतरकर पैदल ही कार्यालय जा रहा था तो बाइक सवार दो बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद बदमाश नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने बॉबी की मां गीता देवी की शिकायत पर केस दर्ज किया था। मामले की जांच थाना पुलिस के साथ ही सीआईए सेक्टर-30 पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था। अब इस केस की फाइल डीसीपी सेंट्रल देवेंद्र यादव ने सीआईए भूपानी पुलिस टीम को सौंपी थी।
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ऐसे हुआ खुलासा :
सीआईए प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने रेडियंट कंपनी व श्रीराम फाइनेंस होडल के सभी कर्मचारियाें का एक-एक करके बायोडाटा तैयार किया। एक-एक कर्मचारी पर 5 से 6 दिन निगरानी करके उनके आसपास रहने वाले लोगों से सूचनाएं एकत्र की। काफी मशक्कत करने के बाद पुलिस टीम को बॉबी के साथ काम करने वाले कर्मचारी अरविंद पर शक हो गया। वह ओल्ड फरीदाबाद की बसेलवा कॉलोनी का निवासी है। पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। जांच में पता लगा कि 21 फरवरी को कंपनी में आए एक ईमेल से अरविंद को होडल के श्रीराम फाइनेंस से 22 फरवरी को 15 लाख रुपये की रकम बॉबी द्वारा उठाने की सूचना मिली थी। जिस पर अरविंद ने अपने साथी संजीव निवासी रीवा मध्य प्रदेश व सुरेश के साथ मिलकर बॉबी से रकम लूटने की योजना बनाई।
संजीव व सुरेश 22 फरवरी को सुबह 10 बजे होडल मोटरसाइकिल लेकर पहुंच गए। फोन पर अरविंद से बॉबी की गतिविधियाें के बारे में सूचनाएं लेते रहे। उन्हाेंने एनएचपीसी चौक तक बॉबी की बस का पीछा किया और बस से उतरने के बाद रकम लूटने की नीयत से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और नगदी लेेकर फरार हो गए।
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पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस पकडे़ गए आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश कर लूटी गई नगदी बरामद करने व अन्य जानकारियां हासिल करने के लिए उसे रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
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उल्लेेखनीय है कि मूल रूप से यूपी के जिला मथुरा के शहर कोसी का रहने वाला बॉबी सेक्टर-31 स्थित रेडियंट कैश कलेक्शन कंपनी में कैश कलेक्शन एग्जिक्यूटिव था। वह 22 फरवरी, 2013 को कोसी और होडल में विभिन्न व्यवसायियों से 17 लाख रुपये से अधिक की नकदी एकत्र करके बस से कार्यालय लौट रहा था। जब वह एनएचपीसी चौक के नजदीक बस से नीचे उतरकर पैदल ही कार्यालय जा रहा था तो बाइक सवार दो बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद बदमाश नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने बॉबी की मां गीता देवी की शिकायत पर केस दर्ज किया था। मामले की जांच थाना पुलिस के साथ ही सीआईए सेक्टर-30 पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका था। अब इस केस की फाइल डीसीपी सेंट्रल देवेंद्र यादव ने सीआईए भूपानी पुलिस टीम को सौंपी थी।
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ऐसे हुआ खुलासा :
सीआईए प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने रेडियंट कंपनी व श्रीराम फाइनेंस होडल के सभी कर्मचारियाें का एक-एक करके बायोडाटा तैयार किया। एक-एक कर्मचारी पर 5 से 6 दिन निगरानी करके उनके आसपास रहने वाले लोगों से सूचनाएं एकत्र की। काफी मशक्कत करने के बाद पुलिस टीम को बॉबी के साथ काम करने वाले कर्मचारी अरविंद पर शक हो गया। वह ओल्ड फरीदाबाद की बसेलवा कॉलोनी का निवासी है। पुलिस ने उसको हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। जांच में पता लगा कि 21 फरवरी को कंपनी में आए एक ईमेल से अरविंद को होडल के श्रीराम फाइनेंस से 22 फरवरी को 15 लाख रुपये की रकम बॉबी द्वारा उठाने की सूचना मिली थी। जिस पर अरविंद ने अपने साथी संजीव निवासी रीवा मध्य प्रदेश व सुरेश के साथ मिलकर बॉबी से रकम लूटने की योजना बनाई।
संजीव व सुरेश 22 फरवरी को सुबह 10 बजे होडल मोटरसाइकिल लेकर पहुंच गए। फोन पर अरविंद से बॉबी की गतिविधियाें के बारे में सूचनाएं लेते रहे। उन्हाेंने एनएचपीसी चौक तक बॉबी की बस का पीछा किया और बस से उतरने के बाद रकम लूटने की नीयत से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और नगदी लेेकर फरार हो गए।