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10 साल से आबाद होने के इंतजार में सेक्टर-10, 11 और 11ए
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सेक्टर 11 में सीवरेज के मेनहोल, जो धंस चुके हैं
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। गांव मताना क्षेत्र में कटे एचएसवीपी सेक्टर 10, 11 और 11ए, 10 साल से आबाद होनेे के इंतजार में हैं। आबाद न होने के चलते इस वीरान क्षेत्र में बनी सड़कों से लेकर सीवर व पेयजल की पाइप लाइन अब खराब होने लगी हैं।
बता दें कि करीब 10 साल पहले यहां पर सेक्टरों को बसाने के लिए सड़कों, सीवर, पेयजल के अलावा बिजली लाइनों का जाल तो बिछा दिया गया। मगर सेक्टरों के आबाद नहीं होने से अब यहां पर बदहाल स्थिति है। सड़कें टूट चुकी हैं और सीवर के मेनहोल धंस चुके हैं। इससे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। हैरानी की बात यह है कि करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद भी प्राधिकरण प्रशासन इन सेक्टरों को फिर से आबाद करने की कोई ठोस प्लानिंग ही नहीं कर रहा है।
2008 में जारी हुई थी अधिसूचना
फतेहाबाद के गांव मताना, शहरी क्षेत्र व भीमा बस्ती के किसानों की करीब 252 एकड़ जमीन को सेक्टर 10, 11 व 11ए बसाने के लिए अधिग्रहण करने की प्रक्रिया आरंभ की कई थी। इसके लिए 2008 में सेक्शन-4 लगाकर किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। किसानों को प्रति एकड़ करीब 96 लाख रुपये की राशि एचएसवीपी की ओर से दी गई। जमीन अपने अधिकार में लेने के बाद एचएसवीपी ने करोड़ों रुपये खर्च करके इस जमीन पर सड़कें, सीवरेज, बिजली सप्लाई व वाटर सप्लाई का काम आरंभ किया था। सड़कों का जाल बिछ जाने के बाद यहां पर प्लाट बेचे जाने थे, लेकिन अभी तक प्लाट नहीं बिके हैं। केवल सेक्टर-11 के लिए ई-ऑक्शन होती है, लेकिन लोग इन प्लाटों को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। शुरुआती तौर पर मेनुअली तो लोगों ने प्लाटों के लिए फार्म भरे, लेकिन इस दौरान मंदी का दौर होने के कारण उन्होंने फार्म सरेंडर कर दिए। 2014 में एचएसवीपी ने 894 प्लाटों की बोली लगाई थी, लेकिन बाद में खरीददारों ने हाथ खींच लिए। सेक्टर-10 व 11 के लिए अभी तक ई-ऑक्शन नहीं हुआ है।
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जर्जर हो गई हैं सड़कें, खंभे झुके, सीवरेज प्रणाली धंसी
सेक्टरों के विकसित न होने के कारण करोड़ों रुपये खर्च करके यहां पर बनाई गई लगभग सभी सड़कें टूट चुकी हैं। बारिश के पानी के कारण बजरी सड़कों से बहकर गड्ढों में जा चुकी हैं। अंडर ग्राउंड पाइप लाइन मिट्टी धंसने के कारण बाहर आ गई हैं। खंभे भी मिट्टी के खिसकने के कारण ढहने के कगार पर हैं। अंडर ग्राउंड पेयजल पाइप कभी भी टूट सकती हैं। यहां तक की रात के समय तो वीरान पड़े सेक्टरों की जगह पर नशेड़ियों का कब्जा रहता है। बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए गए चेंबर भी मिट्टी जाने के कारण बंद हो चुके हैं।
कोट ----
सेक्टर-10, 11 व 11ए में विभाग की ओर से लोगों को सुविधा देने के लिए पेयजल पाइप, सीवरेज, बिजली व सड़कें बनाई गई थीं। अभी सेक्टर आबाद नहीं हुए हैं। यहां पर सड़कें टूट चुकी हैं, जिनकी मरम्मत करवाई जाएगी। सेक्टर-11 के लिए हर 15 दिन बाद ई-ऑक्शन होती है, जो हिसार एस्टेट ऑफिसर कार्यालय की तरफ से होती है। बारिश के कारण ही नुकसान हो रहा है। जल्द ही सेक्टरों के प्लाटों की ई-ऑक्शन होगी।
- पन्नू राम, एसडीओ, एचएसवीपी, फतेहाबाद
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बता दें कि करीब 10 साल पहले यहां पर सेक्टरों को बसाने के लिए सड़कों, सीवर, पेयजल के अलावा बिजली लाइनों का जाल तो बिछा दिया गया। मगर सेक्टरों के आबाद नहीं होने से अब यहां पर बदहाल स्थिति है। सड़कें टूट चुकी हैं और सीवर के मेनहोल धंस चुके हैं। इससे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। हैरानी की बात यह है कि करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद भी प्राधिकरण प्रशासन इन सेक्टरों को फिर से आबाद करने की कोई ठोस प्लानिंग ही नहीं कर रहा है।
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2008 में जारी हुई थी अधिसूचना
फतेहाबाद के गांव मताना, शहरी क्षेत्र व भीमा बस्ती के किसानों की करीब 252 एकड़ जमीन को सेक्टर 10, 11 व 11ए बसाने के लिए अधिग्रहण करने की प्रक्रिया आरंभ की कई थी। इसके लिए 2008 में सेक्शन-4 लगाकर किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। किसानों को प्रति एकड़ करीब 96 लाख रुपये की राशि एचएसवीपी की ओर से दी गई। जमीन अपने अधिकार में लेने के बाद एचएसवीपी ने करोड़ों रुपये खर्च करके इस जमीन पर सड़कें, सीवरेज, बिजली सप्लाई व वाटर सप्लाई का काम आरंभ किया था। सड़कों का जाल बिछ जाने के बाद यहां पर प्लाट बेचे जाने थे, लेकिन अभी तक प्लाट नहीं बिके हैं। केवल सेक्टर-11 के लिए ई-ऑक्शन होती है, लेकिन लोग इन प्लाटों को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। शुरुआती तौर पर मेनुअली तो लोगों ने प्लाटों के लिए फार्म भरे, लेकिन इस दौरान मंदी का दौर होने के कारण उन्होंने फार्म सरेंडर कर दिए। 2014 में एचएसवीपी ने 894 प्लाटों की बोली लगाई थी, लेकिन बाद में खरीददारों ने हाथ खींच लिए। सेक्टर-10 व 11 के लिए अभी तक ई-ऑक्शन नहीं हुआ है।
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जर्जर हो गई हैं सड़कें, खंभे झुके, सीवरेज प्रणाली धंसी
सेक्टरों के विकसित न होने के कारण करोड़ों रुपये खर्च करके यहां पर बनाई गई लगभग सभी सड़कें टूट चुकी हैं। बारिश के पानी के कारण बजरी सड़कों से बहकर गड्ढों में जा चुकी हैं। अंडर ग्राउंड पाइप लाइन मिट्टी धंसने के कारण बाहर आ गई हैं। खंभे भी मिट्टी के खिसकने के कारण ढहने के कगार पर हैं। अंडर ग्राउंड पेयजल पाइप कभी भी टूट सकती हैं। यहां तक की रात के समय तो वीरान पड़े सेक्टरों की जगह पर नशेड़ियों का कब्जा रहता है। बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए गए चेंबर भी मिट्टी जाने के कारण बंद हो चुके हैं।
कोट ----
सेक्टर-10, 11 व 11ए में विभाग की ओर से लोगों को सुविधा देने के लिए पेयजल पाइप, सीवरेज, बिजली व सड़कें बनाई गई थीं। अभी सेक्टर आबाद नहीं हुए हैं। यहां पर सड़कें टूट चुकी हैं, जिनकी मरम्मत करवाई जाएगी। सेक्टर-11 के लिए हर 15 दिन बाद ई-ऑक्शन होती है, जो हिसार एस्टेट ऑफिसर कार्यालय की तरफ से होती है। बारिश के कारण ही नुकसान हो रहा है। जल्द ही सेक्टरों के प्लाटों की ई-ऑक्शन होगी।
- पन्नू राम, एसडीओ, एचएसवीपी, फतेहाबाद

फतेहाबाद में हुडा सेक्टर-10 को जाने वाली टूटी पड़ी सड़क।- फोटो : Fatehabad