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दीये तले अंधेरा : लघुसचिवालय में आगजनी की घटना हुई तो कैसे बुझेगी, वर्ष 2020 में एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र, नहीं करवाई गई
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। दूसरों को जागरूकता का पाठ पढ़ाने वाले और नियम पूरे न होने पर नोटिस थमाने वाले अफसर खुद कितने जागरूक हैं, इसका अंदाजा लघु सचिवालय में आकर देखा जा सकता है। लापरवाही ऐसी है कि आगजनी की कोई घटना हो जाए तो प्राथमिक तौर पर जल्दी से उस पर काबू नहीं पाया जा सकेगा। लघु सचिवालय के प्रथम खंड में फायर सेफ्टी के लिए जो यंत्र लगे हैं, उन्हें डेढ़ साल से संभाला ही नहीं गया है। डेढ़ साल पहले अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं, उनकी रिफिलिंग नहीं हुई है। अग्निशमन यंत्रों की 27 सितंबर 2019 को सर्विस हुई थी, इसके बाद इनकी सर्विस 26 सितंबर 2020 को होनी थी, लेकिन अभी तक नहीं हुई है। सर्विस को लेकर बाकायदा आग बुझाने के सिलिंडरों पर तारीख दर्ज की जाती है। फिलहाल जो तारीख दर्ज है, उसके अनुसार 26 सितंबर 2020 को दोबारा सर्विस होनी थी, लेकिन वह करवाई ही नहीं गई। इसके अलावा ऑटोमैटिक सिस्टम व अलार्म भी कंडम हालत में हो चुका है। यंत्रों के अंदर मिट्टी भरी हुई है तो किसी का ढक्कन टूटा हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कि फायर सिस्टम जनस्वास्थ्य विभाग देख रहा था और उसे अब टेकओवर करना था, जो कि अब तक किया ही नहीं गया है।
द्वितीय खंड को बने 9 साल हुए, लेकिन फायर सिस्टम नहीं
लघु सचिवालय के द्वितीय खंड में फायर सिस्टम ही नहीं है। यहां एक भी आग बुझाने के सिलिंडर तक नहीं लगा है। इसके अलावा न ही कोई ऑटोमैटिक सिस्टम की व्यवस्था की गई है। जबकि यहां पर ई-दिशा केंद्र चल रहा, जहां पर सैकड़ों की संख्या में कंप्यूटर लगे हैं।
लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी होती है कि वह इनकी सर्विस करवाए। विभाग की तरफ से निरीक्षण किया जाएगा, अगर सर्विस नहीं हुई है तो संबंधित विभाग को लिखा जाएगा।
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- भूप सिंह, कार्यकारी फायर ऑफिसर
लघुसचिवालय में फायर सेफ्टी पहले पब्लिक हेल्थ देख रही थी, लेकिन उसने अभी हमें टेकओवर नहीं किया है। वैसे अगर अग्निशमन यंत्र रीफिल नहीं हुए है तो उन्हें करवा दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित जेई से रिपोर्ट ली जाएगी।
- कृष्ण गोयत, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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फतेहाबाद। दूसरों को जागरूकता का पाठ पढ़ाने वाले और नियम पूरे न होने पर नोटिस थमाने वाले अफसर खुद कितने जागरूक हैं, इसका अंदाजा लघु सचिवालय में आकर देखा जा सकता है। लापरवाही ऐसी है कि आगजनी की कोई घटना हो जाए तो प्राथमिक तौर पर जल्दी से उस पर काबू नहीं पाया जा सकेगा। लघु सचिवालय के प्रथम खंड में फायर सेफ्टी के लिए जो यंत्र लगे हैं, उन्हें डेढ़ साल से संभाला ही नहीं गया है। डेढ़ साल पहले अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं, उनकी रिफिलिंग नहीं हुई है। अग्निशमन यंत्रों की 27 सितंबर 2019 को सर्विस हुई थी, इसके बाद इनकी सर्विस 26 सितंबर 2020 को होनी थी, लेकिन अभी तक नहीं हुई है। सर्विस को लेकर बाकायदा आग बुझाने के सिलिंडरों पर तारीख दर्ज की जाती है। फिलहाल जो तारीख दर्ज है, उसके अनुसार 26 सितंबर 2020 को दोबारा सर्विस होनी थी, लेकिन वह करवाई ही नहीं गई। इसके अलावा ऑटोमैटिक सिस्टम व अलार्म भी कंडम हालत में हो चुका है। यंत्रों के अंदर मिट्टी भरी हुई है तो किसी का ढक्कन टूटा हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अफसरों का कहना है कि फायर सिस्टम जनस्वास्थ्य विभाग देख रहा था और उसे अब टेकओवर करना था, जो कि अब तक किया ही नहीं गया है।
द्वितीय खंड को बने 9 साल हुए, लेकिन फायर सिस्टम नहीं
लघु सचिवालय के द्वितीय खंड में फायर सिस्टम ही नहीं है। यहां एक भी आग बुझाने के सिलिंडर तक नहीं लगा है। इसके अलावा न ही कोई ऑटोमैटिक सिस्टम की व्यवस्था की गई है। जबकि यहां पर ई-दिशा केंद्र चल रहा, जहां पर सैकड़ों की संख्या में कंप्यूटर लगे हैं।
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लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी होती है कि वह इनकी सर्विस करवाए। विभाग की तरफ से निरीक्षण किया जाएगा, अगर सर्विस नहीं हुई है तो संबंधित विभाग को लिखा जाएगा।
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- भूप सिंह, कार्यकारी फायर ऑफिसर
लघुसचिवालय में फायर सेफ्टी पहले पब्लिक हेल्थ देख रही थी, लेकिन उसने अभी हमें टेकओवर नहीं किया है। वैसे अगर अग्निशमन यंत्र रीफिल नहीं हुए है तो उन्हें करवा दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित जेई से रिपोर्ट ली जाएगी।
- कृष्ण गोयत, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।