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Fatehabad News: जिले का अधिकतम पारा पहुंचा 37 डिग्री, आज से बनेंगे बारिश के आसार
Thu, 20 Aug 2026 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Aug 2026 10:48 PM IST
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गांव पीलीमंदोरी बारिश की कमी से धा के खेत में आई दरार व पीली पड़ने लगी फसल। स्रोत किसान
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फतेहाबाद। जिले में वीरवार को दिनभर उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। सुबह से ही मौसम में नमी की मात्रा 56 प्रतिशत रहने के कारण गर्मी का असर तेज रहा। जिससे वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में शुक्रवार से बारिश के आसार जताए जा रहे हैं।
तापमान में बढ़ोतरी और बारिश की कमी का असर अब खरीफ फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पौधे कमजोर पड़ने लगे हैं और फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। किसान रायसिंह, रामेश्वर और रामसिंह का कहना है कि पिछले दिनों से मौसम में उमस तो बनी हुई है लेकिन बारिश नहीं हो रही।
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बार-बार सिंचाई की पड़ रही है आवश्यकता
बारिश की कमी के कारण नरमा-कपास की फसल को भी बार-बार सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है। किसानों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों की नमी जल्दी सूख रही है जिससे फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ने से उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। कृषि विकास अधिकारी डॉ. बहादुर गोदारा ने बताया कि समय पर बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहेगी और खरीफ फसलों को राहत मिल सकेगी। फिलहाल किसान फसलों को बचाने के लिए सिंचाई का सहारा ले रहे हैं।
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:: प्रदेश में 21 अगस्त से ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश होने के आसार बन रहे हैं। जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट परंतु रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
- डॉ. मदन खिचड़ विभागाध्यक्ष मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
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तापमान में बढ़ोतरी और बारिश की कमी का असर अब खरीफ फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पौधे कमजोर पड़ने लगे हैं और फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। किसान रायसिंह, रामेश्वर और रामसिंह का कहना है कि पिछले दिनों से मौसम में उमस तो बनी हुई है लेकिन बारिश नहीं हो रही।
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बार-बार सिंचाई की पड़ रही है आवश्यकता
बारिश की कमी के कारण नरमा-कपास की फसल को भी बार-बार सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है। किसानों के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों की नमी जल्दी सूख रही है जिससे फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ने से उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। कृषि विकास अधिकारी डॉ. बहादुर गोदारा ने बताया कि समय पर बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहेगी और खरीफ फसलों को राहत मिल सकेगी। फिलहाल किसान फसलों को बचाने के लिए सिंचाई का सहारा ले रहे हैं।
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:: प्रदेश में 21 अगस्त से ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश होने के आसार बन रहे हैं। जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट परंतु रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
- डॉ. मदन खिचड़ विभागाध्यक्ष मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।